सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US strict on migrants New order increases Mexico s concern, President Sheinbaum takes this step

प्रवासियों पर अमेरिका सख्त: नए आदेश से बढ़ी मैक्सिको की चिंता, राष्ट्रपति शीनबॉम ने उठाया ये कदम

आईएएनएस, मैक्सिको सिटी। Published by: Devesh Tripathi Updated Fri, 22 May 2026 08:02 AM IST
विज्ञापन
सार

मैक्सिको की राष्ट्रपति ने अमेरिका के न आदेशों पर चिंता जताई है। यह आदेश बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे प्रवासियों की बैंकिंग गतिविधियों पर कड़ी निगरानी का प्रावधान करता है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि बैंक ग्राहकों की नागरिकता और आव्रजन स्थिति से जुड़े जोखिमों पर नजर रखें।

US strict on migrants New order increases Mexico s concern, President Sheinbaum takes this step
Mexico - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने कहा है कि उनकी सरकार अमेरिका के नए आदेश का असर का विश्लेषण कर रही है। यह आदेश उन प्रवासियों पर लागू हो सकता है जो बिना कानूनी दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे हैं। इसके तहत ऐसे लोगों के लिए अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो सकती है।


न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शीनबॉम से उनकी रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या इस फैसले का असर अमेरिका से मैक्सिको भेजे जाने वाले पैसों पर पड़ेगा। ये वही पैसे हैं, जिन्हें वहां काम कर रहे मैक्सिकन नागरिक अपने परिवारों को भेजते हैं। उन्होंने बताया कि मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और अमेरिका में नए मैक्सिकन राजदूत रॉबर्टो लाजेरी मिलकर इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं। फिलहाल उनकी शुरुआती राय है कि इससे कोई बड़ा खतरा नजर नहीं आ रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशें तेज, पर्दे के पीछे बातचीत जारी; रिपोर्ट में दावा
विज्ञापन
Trending Videos


अमेरिका ने उठाया क्या कदम?
अमेरिका का यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर सीमा-पार होने वाले पैसों के लेन-देन और बैंक खाते खोलने या अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली पहचान-पत्रों की निगरानी को और सख्त बनाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस नए कदम से अब बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड भी इमिग्रेशन जांच के दायरे में आ सकते हैं। इससे कई प्रवासियों की गतिविधियों पर ज्यादा नजर रखी जा सकती है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने 19 मई को एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें बैंकों और वित्तीय नियामक संस्थाओं को कहा गया है कि वे ग्राहकों की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े संदिग्ध संकेतों पर नजर रखें। यह कदम अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रवासियों पर क्या बोले ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "इनमें से कई कर्जदारों को देश से निकाले जाने का डर है। या फिर उनके नियोक्ताओं (मालिकों) द्वारा इमिग्रेशन कानूनों का पालन करने के कारण उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। कानूनी तौर पर काम करने की अनुमति न रखने वाले विदेशियों को कर्ज देना बैंकिंग व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। जिन लोगों पर कमाई बंद होने का बड़ा जोखिम हो, उन्हें ऋण देने से 'कर्ज चुकाने की क्षमता' का संकट पैदा होता है। यह स्थिति हमारी राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करती है।"

ये भी पढ़ें: Honduras shooting: अंधाधुंध गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला होंडुरास, छह पुलिसकर्मियों समेत 25 लोगों की हत्या

इसी बीच, अमेरिकी कांग्रेस में विदेश भेजे जाने वाले पैसों यानी रेमिटेंस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा चल रही है। अभी केवल नकद लेनदेन पर 1 प्रतिशत टैक्स लगता है। मैक्सिको के अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसा टैक्स लगाया गया तो यह “दोहरी टैक्स वसूली” जैसा होगा, क्योंकि मैक्सिकन प्रवासी पहले से ही अमेरिका में टैक्स भरते हैं। रेमिटेंस मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का एक बड़ा स्रोत माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed