Bangladesh: देश के गृह मंत्री ने कहा शेख हसीना कानूनी प्रक्रिया से वापस लौटें, मृत्युदंड का कर रही हैं सामना
शेख हसीना को लेकर बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाना चाहती है। अगस्त 2024 से भारत में रह रहीं हसीना को 2025 में अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया गया था। अंतरिम सरकार और बाद में बीएनपी सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध का समर्थन किया।
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बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से वापस लाना चाहती है। यह टिप्पणी हसीना की हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने मृत्युदंड का सामना करने के बावजूद बहुत जल्द घर लौटने की उम्मीद जताई थी। हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं, जब छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद उनकी अवामी लीग सरकार को गिरा दिया गया था।
2025 में अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया गया
अहमद ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, हम उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से वापस लाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हसीना की वापसी में कोई कानूनी बाधा नहीं दिखती, यदि वह ऐसा करना चाहें। हसीना को नवंबर 2025 में एक न्यायाधिकरण द्वारा अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया गया था, जिसकी उनके समर्थकों ने आलोचना की थी।
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था और हसीना के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। फरवरी में सत्ता में आई बीएनपी सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध के अंतरिम सरकार के फैसले का समर्थन किया।
फैसले को चुनौती देने का समय खत्म
गृह मंत्री अहमद की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना मामलों के सलाहकार जाहेदुर रहमान के बयान के एक दिन बाद आई है। जाहेदुर रहमान ने कहा था कि यदि हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उनके खिलाफ कोई अतिरिक्त-न्यायिक उपाय नहीं किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व प्रधानमंत्री को न्यायपालिका के सामने आत्मसमर्पण करना होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा। ढाका में स्थानीय मीडिया ने कानूनी विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
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हसीना की वापसी की इच्छा
हाल ही में कुछ भारतीय मीडिया आउटलेट्स को दिए साक्षात्कारों में हसीना ने कहा था कि वह बहुत जल्द बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर ऊंचा करके लौटेंगी और निर्वासन से ही अवामी लीग का नेतृत्व जारी रखने का इरादा रखती हैं। उन्होंने बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व की लोकतांत्रिक गिरावट और देश में बढ़ते भारत-विरोधी बयानबाजी को लेकर आलोचना की। हसीना ने मौजूदा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कानूनी स्थिति और चुनौतियां
हसीना को नवंबर 2025 में एक पुनर्गठित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया गया था। ढाका के कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले को चुनौती देने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वापसी पर उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना होगा और न्यायपालिका के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। गृह मंत्री अहमद ने कहा कि उन्हें हसीना की वापसी में कोई कानूनी बाधा नहीं दिखती, बशर्ते वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।
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