US: कैलिफोर्निया की जेलों में महिला कैदियों से यौन शोषण, गार्डों पर गंभीर आरोप; जांच में क्या-क्या खुलासा हुआ?
Abuse of Female Inmates in California Prisons: अमेरिका के कैलिफोर्निया की दो महिला जेलों को लेकर न्याय विभाग की जांच में गंभीर खुलासा हुआ। जांच के अनुसार, जेल प्रशासन महिला कैदियों को गार्डों के यौन शोषण और उत्पीड़न से बचाने में नाकाम रहा। शिकायत की व्यवस्था भी सुरक्षित नहीं थी। कई मामलों में जांच करने वाले कर्मचारियों पर भी आरोप लगे। अब कैलिफोर्निया को 49 दिन में व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया गया। आखिर जेलों में यह सब इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा? आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
अमेरिका के कैलिफोर्निया की जेल व्यवस्था में महिला कैदियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग की जांच में पाया गया कि राज्य की जेल प्रणाली महिला कैदियों को जेल गार्डों के यौन शोषण और उत्पीड़न से बचाने में व्यवस्थित रूप से नाकाम रही। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित महिलाओं के लिए शिकायत करने की सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी और उन्हें बदले की कार्रवाई का डर रहता था। यह जांच दो महिला जेलों पर केंद्रित थी और इसमें लंबे समय तक चले कथित शोषण के कई मामले सामने आए।
किन जेलों में महिला कैदियों के साथ शोषण का मामला सामने आया?
संघीय जांच कैलिफोर्निया की दो जेलों पर केंद्रित थी। इनमें चाउचिला स्थित सेंट्रल कैलिफोर्निया विमेंस फैसिलिटी और चिनो स्थित कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूशन फॉर विमेन शामिल हैं। जांच में पाया गया कि इन जेलों में कई महिला कैदियों का जेल गार्डों ने नियमित रूप से यौन शोषण किया। एक मामले में एक गार्ड को करीब एक दशक तक बड़े पैमाने पर शोषण करने के आरोप में दोषी ठहराया गया और उसे 224 साल की जेल की सजा सुनाई गई। इससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शिकायत करने वाली महिलाओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी क्या थी?
जांच में सामने आया कि महिलाओं को यौन शोषण या उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए करने के लिए कहा जाता था। लेकिन यह व्यवस्था गोपनीय नहीं थी और आरोपी अधिकारी भी इसमें दर्ज शिकायतों तक पहुंच सकते थे। न्याय विभाग की नागरिक अधिकार शाखा की सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के ढिल्लों ने कहा कि महिलाएं इस गोपनीयता की कमी से पूरी तरह परिचित थीं। ऐसे में उन्हें शिकायत करने से डर लगता था। यानी जिस व्यवस्था का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए होना चाहिए था, वही पीड़ितों के लिए बाधा बन गई।
जांच करने वाले कर्मचारियों पर भी कैसे लगे आरोप?
जांच में एक और गंभीर बात सामने आई। जिन कर्मचारियों को जेल में होने वाले गलत कामों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, उनमें से कुछ पर खुद यौन शोषण या उत्पीड़न के आरोप लगे। ढिल्लों ने एक ऐसे सार्जेंट का भी जिक्र किया, जिसे कर्तव्य के दौरान बाल यौन शोषण से जुड़ी तस्वीरें हासिल करने के मामले में दोषी पाया गया। उसने अपना अपराध स्वीकार किया और उसे 15 साल जेल की सजा सुनाई गई। न्याय विभाग ने कहा कि कैलिफोर्निया की जेल व्यवस्था में महिलाओं के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार को रोकने, पकड़ने और दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
अब कैलिफोर्निया को क्या सुधार करना होगा?
अमेरिकी संघीय सरकार ने कैलिफोर्निया की जेल व्यवस्था को हालात सुधारने के लिए 49 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए तो नागरिक मुकदमा शुरू किया जा सकता है। सुधारों में जेलों में कैमरों की संख्या और निगरानी बढ़ाना, शिकायत के लिए ज्यादा सुरक्षित और गोपनीय माध्यम बनाना तथा जांच की प्रक्रिया को मजबूत करना शामिल है। लॉस एंजिल्स के शीर्ष संघीय अभियोजक बिल एस्ली ने कहा कि राज्य को अपने कर्मचारियों की उस लगातार नाकामी का सामना करना होगा, जिसके कारण महिला कैदियों के साथ यौन शोषण की स्थितियां बनी रहीं।