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Canada: PM मार्क कार्नी की विशेष चुनावों में बड़ी जीत; लिबरल पार्टी को मिला बहुमत, 2029 तक सत्ता का रास्ता साफ

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Tue, 14 Apr 2026 11:06 AM IST
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सार

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने विशेष चुनावों में जीत के साथ संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। अब सरकार बिना विपक्ष के सहारे कानून पास कर सकेगी और 2029 तक सत्ता में बने रहने की स्थिति में है।

Canada PM Mark Carney wins a major victory in the special election; the Liberal Party wins a majority
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने विशेष चुनावों में अहम जीत दर्ज करते हुए संसद में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। इस जीत के साथ अब सरकार को कानून पारित कराने के लिए विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत नहीं होगी। संसद की 343 सीटों में से तीन खाली सीटों पर हुए चुनाव में लिबरल उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया।

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टोरंटो के यूनिवर्सिटी-रोसडेल सीट से डेनिएल मार्टिन और स्कारबोरो साउथवेस्ट से डॉली बेगम ने जीत हासिल की। क्यूबेक की एक सीट का परिणाम देर रात तक आना बाकी था, लेकिन वहां भी लिबरल पार्टी को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई।

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लिबरल पार्टी का कार्यकाल अब 2029 तक रह सकता है

इस जीत के बाद लिबरल पार्टी का कार्यकाल अब 2029 तक जारी रह सकता है, जिससे सरकार को स्थिरता और अपनी नीतियों को लागू करने के लिए मजबूत आधार मिलेगा।

कार्नी ने ट्रूडो की जगह ली

कार्नी, जिन्होंने 2025 में पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जगह ली थी, पिछले साल के आम चुनाव में भी जीत दर्ज कर चुके हैं। उनकी जीत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित एनेक्सेशन (विलय) जैसे बयानों के खिलाफ कनाडाई जनता के गुस्से की बड़ी भूमिका रही।

विपक्षी दलों के नेता लिबरल पार्टी में हुए थे शामिल

हाल के महीनों में विपक्षी दलों के पांच सांसदों, जिनमें चार कंजरवेटिव पार्टी से थे। उनके लिबरल पार्टी में शामिल होने से सरकार पहले ही बहुमत के करीब पहुंच गई थी। इन सांसदों में से एक ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कार्नी के भाषण को अपने फैसले की वजह बताया, जिसमें उन्होंने बड़ी शक्तियों द्वारा छोटे देशों पर आर्थिक दबाव की आलोचना की थी।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-कनाडा संबंधों में आई गिरावट ने भी कार्नी के पक्ष में माहौल बनाया। मॉन्ट्रियल स्थित मैकगिल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डैनियल बेलांद का कहना है कि कार्नी तेजी से एक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं।

कंजरवेटिव नेता की प्रतिक्रिया

वहीं, यह नतीजा कंजरवेटिव नेता पियरे पोइलिव्रे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वे पहले ही पिछला आम चुनाव और अपनी संसदीय सीट हार चुके थे, हालांकि बाद में संसद में वापसी कर चुके हैं। पार्टी के भीतर भी उनकी पकड़ कमजोर बताई जा रही है। पोइलिवर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे देश और संसद में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अगले चुनाव में कनाडा को फिर से वापस लेने की कोशिश करेंगे।


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