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West Asia Live: युद्ध से ईरान को करीब 270 अरब डॉलर का नुकसान, इटली ने इस्राइल के साथ रक्षा समझौता निलंबित किया
पश्चिम एशिया में तनाव अब कूटनीति की सीमाएं लांघकर शक्ति, प्रतिष्ठा और टकराव की खुली जंग में बदलता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद हालात और ज्यादा पेचीदा हो गए हैं। एक ओर डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान समझौते के लिए दबाव में है, तो दूसरी ओर ईरान परमाणु मुद्दे पर अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा। इस्राइल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में होने वाली वार्ता पर भी नजरें टिकी हुई है, जिसमें अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ऐसे में पूरा क्षेत्र एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां शांति की उम्मीदें और युद्ध की आशंकाएं दोनों साथ-साथ तेज हो रही हैं और आने वाले दिन स्थिति को और विस्फोटक बना सकते हैं। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
कतर ने ईरान से समझौते के दावों को खारिज किया
कतर के विदेश मंत्रालय ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि दोहा और तेहरान के बीच कोई समझौता हुआ है। कतर का कहना है कि युद्ध के दौरान ईरान की ओर से हमले जारी रहे और ये केवल संघर्षविराम के बाद ही रुके।प्रतिबंधित टैंकर और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव
दावा किया जा रहा है कि ईरानी तेल के परिवहन के लिए प्रतिबंधित चीनी टैंकर 'रिच स्टारी' मालावी (जिसका समुद्री तट नहीं है) के झंडे के तहत चल रहा है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश किया। बताया जाता है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए अवरोध के बीच यह घटना सामने आई है, जिस पर अमेरिकी नौसेना ने कई चेतावनियां जारी कीं। रिपोर्टों के अनुसार, इस स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी सामने आ रही हैं, जिसमें अवरोध और प्रतिबंधों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।इटली ने इस्राइल के साथ रक्षा समझौते को किया निलंबित
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि इटली ने इस्राइल के साथ अपने रक्षा समझौते को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह कदम उस समय सामने आया है जब अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन और तनाव बढ़ता जा रहा है।ईरान-ओमान बातचीत और क्षेत्रीय तनाव
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की और क्षेत्र में चल रही शांति वार्ता और हालात पर चर्चा की। ईरान ने कहा कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए तैयार है, लेकिन वह अमेरिका के हस्तक्षेप के खिलाफ है। ओमान ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट आएगी।
ओमान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका की कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही, ईरान के विदेश मंत्री ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत में भी यही चिंता दोहराई कि मौजूदा तनाव आगे और बढ़ सकता है।
ईरान का आरोप और संयुक्त राष्ट्र को पत्र
ईरान ने पांच अरब देशों बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन से मुआवजे की मांग की है। ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अपने इलाके का इस्तेमाल अमेरिका और इस्राइल के हमलों के लिए होने दिया, इसलिए वे इस “आक्रामकता” में शामिल हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर यह भी कहा कि ये देश अब ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा (Self-defence) का अधिकार नहीं जता सकते, क्योंकि उन्होंने खुद हमलों में सहयोग दिया है।
चीनी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में शांति को बताया जरूरी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान होना चाहिए। यह बयान उन्होंने यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि सभी देशों के लोगों, संस्थानों और संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए एक साझा, सहयोगी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास और सुरक्षा दोनों साथ-साथ चलने चाहिए और सभी देशों को मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे इस क्षेत्र के देशों का विकास हो सके।
अमेरिकी-इस्राइली हमले में ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान
प्रवक्ता ने बताया कि पहले चरण में इमारतों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में बजट राजस्व के नुकसान और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से संबंधित नुकसान का आकलन किया जाएगा। सुश्री मोहाजेरानी ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान को दिए जाने वाले अमेरिकी सैन्य हर्जाने का मुद्दा ईरानी वार्ता टीम द्वारा उठाए जा रहे विषयों में से एक है।
भारत में ईरानी प्रतिनिधि बोले- अमेरिका की नीयत पर शुरुआत से था शक
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका और ईरान के बीच बीच जारी संघर्ष और अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही ईरान को इस सीजफायर और अमेरिका की बातचीत की नीयत पर शक था। उनके अनुसार, अमेरिका बातचीत के लिए नहीं, बल्कि अपनी शर्तें थोपने के लिए आया था। इलाही ने कहा कि ईरान को पहले से ही अंदेशा था कि यह प्रक्रिया वास्तविक शांति वार्ता नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान हमेशा शांति चाहता है, लेकिन उसके साथ न्यायपूर्ण और भरोसेमंद बातचीत होनी चाहिए।
इस्राइल का लेबनान पर हमला
इस्राइल की ओर से किए गए हवाई हमलों में लेबनान के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक अस्पताल को नुकसान पहुंचा है। यह घटना तेबनिन सरकारी अस्पताल में हुई, जहां हमले के बाद भारी तबाही देखी गई। मीडिया रिपोर्ट्स और वीडियो फुटेज के अनुसार अस्पताल के अंदर गलियारों में मिट्टी, कांच के टुकड़े और मलबा फैल गया। कई कमरों में मेडिकल उपकरण भी पलट गए और क्षतिग्रस्त हो गए। अस्पताल के बाहर खड़ी कुछ गाड़ियां भी गिरते मलबे की वजह से टूट गईं। स्थानीय समाचार एजेंसी एनएनए ने बताया कि इस हमले में कुछ लोग घायल हुए हैं और हताहत होने की भी खबर है।
भारत-जर्मनी के बीच विदेश मंत्रालय स्तर की अहम बैठक
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री पहुंचे हैं, जहां भारत और जर्मनी के बीच विदेश मंत्रालय स्तर की बैठक होगी। यह दौरा जनवरी 2026 में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के बाद हो रहा है।
