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China Tests Missile: चीन ने परमाणु पनडुब्बी से दागी लंबी दूरी की मिसाइल, जापान-ऑस्ट्रेलिया को आपत्ति क्यों?

Mon, 06 Jul 2026 03:50 PM IST
ज्योति भास्कर पीटीआई, बीजिंग।
पीटीआई, बीजिंग। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 06 Jul 2026 03:50 PM IST
सार

चीन ने प्रशांत महासागर में परमाणु पनडुब्बी से रणनीतिक मिसाइल लॉन्च की है। जापान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के इस कदम की आलोचना की है। ड्रैगन की शक्ति परीक्षण का क्या है पूरा मामला? जानिए इस खबर में

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China strategic missile nuclear submarine in Pacific criticism from Japan and Australia hindi news updates
मिसाइल परीक्षण (सांकेतिक) - फोटो : पीआईबी

विस्तार

चीन ने सोमवार को प्रशांत महासागर में अपनी एक परमाणु-संचालित पनडुब्बी से लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण पर जापान और ऑस्ट्रेलिया ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) नौसेना ने बताया कि यह परीक्षण सोमवार दोपहर 12:01 बजे किया गया। मिसाइल ने प्रशांत महासागर के संबंधित खुले समुद्र में एक नकली वारहेड के साथ लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा।

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मिसाइल परीक्षण के बाद क्या बोले जापान-ऑस्ट्रेलिया?
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इस परीक्षण की जानकारी दी। नौसेना ने इसे अपनी वार्षिक प्रशिक्षण का एक नियमित हिस्सा बताया है। चीन ने संबंधित देशों को पहले ही इसकी सूचना दे दी थी। नौसेना के अनुसार, यह परीक्षण अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रथाओं का पालन करता है। इसे किसी विशिष्ट देश या लक्ष्य के लिए निर्देशित नहीं किया गया है। जापान और ऑस्ट्रेलिया ने इस परीक्षण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र में चीन के भारी सैन्य निर्माण को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस प्रक्षेपण को क्षेत्र के लिए 'अस्थिर करने वाला' बताया। उन्होंने कहा कि चीन का तेजी से सैन्य निर्माण पारदर्शिता और इरादे के आश्वासन में कमी दर्शाता है।
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चीन की सैन्य शक्ति पर ऑस्ट्रेलिया की चिंता क्या?
पेनी वोंग ने कहा कि अस्थिर करने वाले कार्य गलत अनुमानों को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रशांत द्वीप फोरम के नेताओं ने प्रशांत को शांति का महासागर बनाने की इच्छा व्यक्त की है। ऑस्ट्रेलिया इस प्रस्तावित परीक्षण को इसके विपरीत मानता है। जापान की क्योडो न्यूज ने बताया कि जापान ने चीन की सैन्य गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। जापान ने बीजिंग से मिसाइल परीक्षण पर पुनर्विचार करने को कहा था ताकि उसकी सुरक्षा को खतरा न हो।
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पनडुब्बी बेड़े पर चीन के स्पष्टीकरण में क्या?
बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय ने परीक्षण के महत्व को कम करके आंका। मंत्रालय ने कहा कि यह चीन के वार्षिक सैन्य प्रशिक्षण की एक नियमित व्यवस्था है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रथाओं के अनुरूप है और किसी विशिष्ट देश को लक्षित नहीं करता। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "हमें उम्मीद है कि संबंधित देश इसका अत्यधिक अर्थ नहीं निकालेंगे।" यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार की पनडुब्बी ने मिसाइल दागी। चीन की मुख्य परमाणु पनडुब्बी टाइप 094 के नाम से जानी जाती है।


ड्रैगन कहां कर रहा अपनी नौसेना की क्षमता का विस्तार?
चीन कम से कम छह परमाणु पनडुब्बियां संचालित करता है। इन्हें विवादित दक्षिण चीन सागर के पास तैनाती के लिए आदर्श माना जाता है। चीन की पनडुब्बियां जेएल-2 मिसाइलें दागने में सक्षम हैं। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, वे अधिक परिष्कृत जेएल-3 भी दाग सकती हैं। जेएल-3 चीनी तटों से अमेरिकी क्षेत्र पर हमला कर सकती है। हाल के वर्षों में चीनी नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना के रूप में उभरी है। यह अमेरिकी नौसेना के 219 जहाजों की तुलना में 234 युद्धपोत संचालित करती है।

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