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Epstein Files: एपस्टीन विवाद की जांच में गवाही देने को बिल-हिलेरी क्लिंटन तैयार, फिर भी लटकी अवमानना की तलवार!

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 03 Feb 2026 07:41 AM IST
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सार

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन एपस्टीन विवाद की जांच में गवाही देने के लिए तैयार हो गए हैं। अगर अमेरिकी संसद में यह मामला वोट तक जाता है, तो यह अमेरिका के इतिहास में पहली बार हो सकता है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़े। आम तौर पर अमेरिकी संसद पूर्व राष्ट्रपतियों को ऐसी स्थितियों में विशेष सम्मान देती रही है।

Clintons agree to testify in House Epstein investigation before contempt of Congress vote
बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन - फोटो : X @BillClinton
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विस्तार
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में हाउस (निचले सदन) की जांच के सामने गवाही देने पर सहमति जता दी है। यह सहमति ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस उन्हें कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराने पर वोट कराने की तैयारी कर रही थी।

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दोनों ने शपथ के तहत बयान देने जताई सहमति
हाउस ओवरसाइट कमेटी के रिपब्लिकन अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने बताया कि क्लिंटन दंपती के वकीलों ने ई-मेल भेजकर कहा है कि दोनों 'आपसी सहमति से तय तारीखों पर डिपॉजिशन (शपथ के तहत बयान)' देने को तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि अवमानना की कार्रवाई रोकी जाए। हालांकि कॉमर ने कहा कि अभी कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है, इसलिए वह फिलहाल अवमानना की प्रक्रिया वापस नहीं ले रहे।

क्लिंटन पक्ष ने क्या दिया था प्रस्ताव?
दरअसल, कॉमर चाहते थे कि बिल और हिलेरी-दोनों-कमेटी के सामने शपथ के तहत डिपॉजिशन दें। इससे पहले क्लिंटन पक्ष ने प्रस्ताव दिया था कि बिल क्लिंटन 4 घंटे का लिखित (ट्रांसक्राइब्ड) इंटरव्यू दें और हिलेरी क्लिंटन शपथ पत्र जमा करें, लेकिन कॉमर ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना था, 'कानूनी समन की शर्तें क्लिंटन तय नहीं कर सकते।'

क्लिंटन पर किसी तरह की गलत हरकत का आरोप नहीं
यह जांच दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और उसके सहयोगियों से जुड़ी है। एपस्टीन 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर चुका है, जब उस पर यौन तस्करी के आरोप थे। बिल क्लिंटन के साथ एपस्टीन के पुराने संबंधों को लेकर सवाल उठते रहे हैं, हालांकि क्लिंटन पर किसी तरह की गलत हरकत का आरोप नहीं है।

अगस्त में क्लिंटन दंपती को भेजा गया था समन
ओवरसाइट कमेटी ने अगस्त में क्लिंटन दंपती को समन भेजा था। महीनों तक वे इसकी वैधता पर सवाल उठाते रहे। जब अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ी, तब बातचीत शुरू हुई। पिछले महीने कमेटी ने आपराधिक अवमानना के आरोप आगे बढ़ाए थे, जिसमें कुछ डेमोक्रेट सदस्यों ने भी पारदर्शिता के नाम पर समर्थन किया।

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डेमोक्रेट्स ने कहा- ये जांच नहीं राजनीतिक तमाशा है
क्लिंटन पक्ष ने कॉमर पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनके प्रवक्ता एंजेल उरेना ने कहा कि क्लिंटन ने सद्भावना से बातचीत की, लेकिन कॉमर ने नहीं। वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान न्याय विभाग (डीओजे) ने
एपस्टीन से जुड़े सभी केस फाइल्स समय पर जारी नहीं किए, इस पर भी जांच होनी चाहिए। हाउस में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने अवमानना प्रस्तावों का विरोध करते हुए कहा कि यह गंभीर जांच नहीं, बल्कि 'राजनीतिक तमाशा' है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी इस पर आंतरिक चर्चा करेगी।


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