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India-US Trade Deal: 'भारत-ईयू समझौते का पड़ा दबाव', ट्रंप की टैरिफ कटौती पर अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: लव गौर
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:32 AM IST
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सार
India-US Trade Deal: अमेरिका और भारत के बीच बीते कुछ वक्त से चल रहा व्यापारिक तनाव अब खत्म होता नजर आ रहा है। सोमवार को अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ में कटौती और व्यापार समझौते पर बड़ा एलान किया है। जिस पर अब अमेरिकी अधिकारी निशा बिस्वाल की बड़ी प्रतिक्रिया आई है।
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम की उप सीईओ निशा बिस्वाल
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद अमेरिका ने पारस्परिक टैरिफ में भी 18 फीसदी की कटौती की है। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा व्यापारिक तनाव कम हो गया है। इस पर अब अमेरिकी शीर्ष राजनयिक में से एक निशा देसाई बिस्वाल की प्रतिक्रिया आई है।
व्यापार समझौते पर अभी अहम विवरण का इंतजार
यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन की डिप्टी सीईओ निशा बिस्वाल ने कहा कि महीनों की बातचीत से समझौते का ढांचा तो तैयार हो गया है, लेकिन इसके कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण अभी भी प्रतीक्षित हैं। बिस्वाल ने कहा,'चूंकि हमें अभी तक कोई कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश या विवरण नहीं मिले हैं, इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि यह कैसा दिखता है।'
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत कई महीनों से लिखित समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं, इसलिए इनमें से कई विवरण दोनों वार्ताकारों द्वारा पहले ही तय कर लिए गए हैं। समझौते के अंतिम चरण में शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी या उनमें बदलाव आएगा, यह देखना होगा।
ये भी पढ़ें: Congress on Trade Deal: भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस हमलावर, मांगा पूरा ब्यौरा; घोषणा के तरीके पर भी सवाल
भारत और यूरोपीय संघ के समझौते का पड़ा दवाब
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि राजदूत सर्जियो गोर और राजदूत विनय मोहन क्वात्रा बहुत लगन से काम कर रहे हैं। भारत में एक अमेरिकी राजदूत का राष्ट्रपति के साथ सीधा और व्यक्तिगत संबंध होना मददगार है। इससे समझौते को पूरा करने के लिए जो आवश्यक है, उसके बारे में प्रभावी और स्पष्ट रूप से संवाद करने की क्षमता में विश्वास पैदा होता है। भारत और यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की, जिससे अमेरिकी प्रशासन पर कुछ दबाव पड़ा, क्योंकि अमेरिका भी एक महत्वपूर्ण समझौते पर काम कर रहा था और उन लाभों को खोना नहीं चाहता था।'
ये भी पढ़ें: US-India Ties: 'यह पहला चरण, अभी बहुत काम बाकी', ट्रेड डील पर पूर्व अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने जताई खुशी
भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति
बता दें कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच करीब 18 वर्षों से चल रही बातचीत के बाद मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी। 27 जनवरी को 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान किया। इस ट्रेड डील को वर्ष 2027 से लागू किए जाने की संभावना है। समझौते के लागू होते ही भारत में यूरोप से आयात होने वाले कई उत्पाद सस्ते हो सकते हैं। खास तौर पर यूरोपीय लग्जरी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क 110 प्रतिशत से घटाकर लगभग 10 प्रतिशत किए जाने की बात कही जा रही है। इससे बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी कारों की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। इसके अलावा यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स में भारी कटौती की तैयारी है। फिलहाल इन उत्पादों पर करीब 150 प्रतिशत टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर 20 से 30 प्रतिशत के दायरे में लाया जा सकता है।
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व्यापार समझौते पर अभी अहम विवरण का इंतजार
यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन की डिप्टी सीईओ निशा बिस्वाल ने कहा कि महीनों की बातचीत से समझौते का ढांचा तो तैयार हो गया है, लेकिन इसके कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण अभी भी प्रतीक्षित हैं। बिस्वाल ने कहा,'चूंकि हमें अभी तक कोई कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश या विवरण नहीं मिले हैं, इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि यह कैसा दिखता है।'
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न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत कई महीनों से लिखित समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं, इसलिए इनमें से कई विवरण दोनों वार्ताकारों द्वारा पहले ही तय कर लिए गए हैं। समझौते के अंतिम चरण में शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी या उनमें बदलाव आएगा, यह देखना होगा।
#WATCH | Washington DC | A Partner at the Asia Group, Nisha Biswal says, "Since we have not seen any implementation guidance or details, we have to wait and see what that looks like. The U.S. and India have been negotiating text-based agreements for many months, so a lot of these… pic.twitter.com/bIUTKnIWNY
— ANI (@ANI) February 3, 2026
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भारत और यूरोपीय संघ के समझौते का पड़ा दवाब
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि राजदूत सर्जियो गोर और राजदूत विनय मोहन क्वात्रा बहुत लगन से काम कर रहे हैं। भारत में एक अमेरिकी राजदूत का राष्ट्रपति के साथ सीधा और व्यक्तिगत संबंध होना मददगार है। इससे समझौते को पूरा करने के लिए जो आवश्यक है, उसके बारे में प्रभावी और स्पष्ट रूप से संवाद करने की क्षमता में विश्वास पैदा होता है। भारत और यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की, जिससे अमेरिकी प्रशासन पर कुछ दबाव पड़ा, क्योंकि अमेरिका भी एक महत्वपूर्ण समझौते पर काम कर रहा था और उन लाभों को खोना नहीं चाहता था।'
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भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति
बता दें कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच करीब 18 वर्षों से चल रही बातचीत के बाद मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी। 27 जनवरी को 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान किया। इस ट्रेड डील को वर्ष 2027 से लागू किए जाने की संभावना है। समझौते के लागू होते ही भारत में यूरोप से आयात होने वाले कई उत्पाद सस्ते हो सकते हैं। खास तौर पर यूरोपीय लग्जरी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क 110 प्रतिशत से घटाकर लगभग 10 प्रतिशत किए जाने की बात कही जा रही है। इससे बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी कारों की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। इसके अलावा यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स में भारी कटौती की तैयारी है। फिलहाल इन उत्पादों पर करीब 150 प्रतिशत टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर 20 से 30 प्रतिशत के दायरे में लाया जा सकता है।
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