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कोरोना वायरस : बच्चों में टीके का परीक्षण वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती
अमर उजाला रिसर्च टीम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 07 Dec 2020 07:02 AM IST
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नवजात शिशु - कोरोना टीका के परीक्षण - सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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अभी तक बच्चों में कोरोना वायरस के किसी टीके के परीक्षण का परिणाम नहीं आया है। मॉडर्ना ने दावा किया है कि वह जल्द ही अपने टीके का परीक्षण बच्चों पर करेगी। अब तक जो भी टीके हैं उनका परीक्षण 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर हुआ था।
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वैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों में टीके का परीक्षण सबसे बड़ी चुनौती है। अमेरिका के वैंडरबिल्ड यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विलियम का कहना है कि हर कोई इसको लेकर चिंतित है कि बच्चों में टीका का परीक्षण कब होगा।
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बच्चों का इम्यून सिस्टम ज्यादा सक्रिय होता है। ऐसे में उनमें रिएक्शन की भी आशंका अधिक रहती है। परीक्षण शुरू करने से पहले अभिभावकों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि टीका लगने के बाद 48 घंटे तक अलग-अलग तरह की तकलीफ हो सकती है।
अधर में पड़ सकता है परीक्षण
डॉक्टर स्कॉफनर का कहना है कि बच्चों को टीका लगाने से जुड़ी तकलीफों के बारे में विभाग को पहले से नहीं बताया गया तो परीक्षण अधर में पड़ सकता है। पहली खुराक के बाद बच्चा किसी भी तरह की कोई स्वास्थ्य संबंधी शिकायत करता है तो संभव है कि अभिभावक दूसरा टीका बच्चे को नया लगवाएं। नतीजा यह होगा कि बच्चों में टीके के परीक्षण की प्रक्रिया ठप हो जाएगी जिससे वायरस को जीवित रहने का मौका मिल सकता है।

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