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'ट्रंप की पाबंदियां सैन्य हमले की साजिश': क्यूबा के राजदूत लियानिस रिवेरा का बड़ा दावा, कहा- हम झुकेंगे नहीं

पीटीआई, वाशिंगटन। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 10 Jun 2026 02:36 AM IST
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सार

अमेरिका की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अदालती कार्रवाई को क्यूबा ने सैन्य हमले की साजिश बताया है। राजदूत लियानिस टॉरेस रिवेरा ने कहा कि ईंधन संकट से जनता बेहाल है, लेकिन क्यूबा बिना किसी बाहरी दबाव के अपनी शर्तों पर ही सुधार करेगा।
 

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क्यूबा अमेरिका तनाव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका में क्यूबा की राजदूत लियानिस टॉरेस रिवेरा ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि क्यूबा के नेताओं पर लगे प्रतिबंध और पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर तय आरोप सिर्फ एक बहाना हैं। ट्रंप प्रशासन इन चालों से अमेरिकी जनता को क्यूबा में सैन्य दखल के लिए मना रहा है। एसोसिएटेड प्रेस को दिए इंटरव्यू में रिवेरा ने साफ कहा कि क्यूबा किसी के लिए कोई खतरा नहीं है। वे अमेरिका से टकराव बिल्कुल नहीं चाहते हैं।


रिवेरा ने अमेरिकी सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों पुराने प्रतिबंधों और ईंधन सप्लाई को रोककर क्यूबा के आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। यह बिना बमों के लड़ा जाने वाला एक अदृश्य युद्ध है। दबाव या ताकत के बल पर क्यूबा की सरकार बदलने की हर कोशिश का डटकर मुकाबला किया जाएगा। हम नहीं झुकेंगे। 
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राउल कास्त्रो पर क्या आरोप? 
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर पिछले महीने अमेरिकी फेडरल ग्रैंड जूरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। 95 साल के कास्त्रो पर 1996 में मियामी के एक निर्वासित समूह 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' के दो नागरिक विमानों को मार गिराने की साजिश और हत्या का आरोप है। तब वे क्यूबा के रक्षा मंत्री थे। रिवेरा ने कहा कि राउल हमारी क्रांति के पवित्र प्रतीक हैं। देश अंतिम सांस तक उनकी रक्षा करेगा। यदि हम पर हमला हुआ तो करारा जवाब दिया जाएगा।
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यह पूरी स्थिति वेनेजुएला संकट की याद दिलाती है। विश्लेषकों का मानना है कि कास्त्रो पर आरोप और प्रतिबंध ठीक वैसी ही रणनीति है जैसी वेनेजुएला में अपनाई गई थी। वहां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करने के लिए अमेरिकी सैन्य दखल का सहारा लिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान में सैन्य अभियान खत्म होते ही वे क्यूबा से निपटेंगे।

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ईंधन संकट और आम जनता की बेबसी
अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा भयानक आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ईंधन की किल्लत से पूरे देश में हाहाकार मचा है। आम जनता को रोजाना 20 घंटे तक की बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल, केरोसिन, भोजन और दवाओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। राजदूत ने इसे बेहद हृदयविदारक स्थिति बताया है।

दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि इस बदहाली के लिए क्यूबा की समाजवादी नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया है लेकिन सुधारों के लिए समय देने की बात कही है। रुबियो का दावा है कि चीन और रूस के साथ क्यूबा के खुफिया संबंधों के कारण अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा है।
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