DNA Test: बचपन में अलग हुईं, फिर दोस्ती हुई और 40 साल पता खुला राज, DNA रिपोर्ट ने कैसे बदली दोनों की जिंदगी?
बचपन में अलग हुईं दो बच्चियां, अनजान शहर में बनीं पक्की दोस्त… लेकिन 40 साल बाद एक डीएनए रिपोर्ट ने ऐसा राज खोला, जिसने दोनों की पूरी जिंदगी बदल दी। जिस लड़की को वे वर्षों तक सिर्फ अपनी दोस्त समझती रहीं, वही उनकी सगी बहन निकली। आखिर 1996 की उस पहली मुलाकात में ऐसा क्या था, जो दोनों को एक-दूसरे से इतना जोड़ गया था?
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भारत में शिशु अवस्था में अलग-अलग अनाथालयों में छोड़ी गईं दो बच्चियां करीब 40 साल तक अपनी-अपनी जिंदगी जीती रहीं। दोनों को नीदरलैंड के अलग-अलग परिवारों ने गोद लिया और दोनों की परवरिश एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर हुई। उन्हें पता ही नहीं था कि उनके जीवन में एक ऐसी बहन भी है, जिससे उनकी मुलाकात किशोरावस्था में हो चुकी है। वर्षों बाद डीएनए जांच ने उनकी पुरानी दोस्ती के पीछे छिपा रिश्ता सामने ला दिया।
कहानी में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मीना और मीनल पहली बार किशोरावस्था में 1996 में एक गोद लिए गए बच्चों की सभा में मिली थीं। उस समय दोनों करीब 100 मील की दूरी पर रहती थीं। पहली मुलाकात में ही दोनों के बीच असामान्य रूप से गहरा जुड़ाव महसूस हुआ। दोस्तों ने भी दोनों के चेहरे और शक्ल-सूरत में समानता देखी। दोनों ने एक-दूसरे के पते लिए और मजाक में पत्रों में एक-दूसरे को ‘बहन’ कहकर बुलाने लगीं। इसके बाद करीब 15 साल तक दोनों का संपर्क नहीं रहा।
डीएनए जांच ने कैसे खोला 40 साल पुराना राज?
अप्रैल में मीनल ने माईहेरिटेज डीएनए जांच कराई। फोन पर जब जांच का नतीजा आया तो उसमें मीना का नाम बहन के रूप में दिखाई दिया। डीएनए में 100 फीसदी का दुर्लभ मिलान सामने आया। मीनल ने बताया कि वह उस समय अपने घर के सोफे पर बैठी थीं, जब फोन पर नतीजे का संदेश आया। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि जिस लड़की से वह किशोरावस्था में मिली थीं, वही उनकी सगी बहन है।
क्या दोनों को पहले कभी अपने रिश्ते का अंदाजा हुआ था?
बचपन में दोनों को यह जानकारी नहीं थी कि उनकी कोई बहन है। मीनल ने बताया कि वह अपने डच माता-पिता और भाई-बहनों के साथ प्यार से पली-बढ़ीं, लेकिन उनके भीतर एक गहरी अकेलेपन की भावना भी थी। दूसरी ओर, मीना भी लंबे समय से अपने भीतर एक खालीपन महसूस करती थीं। जब डीएनए जांच से रिश्ता सामने आया तो उन्हें लगा जैसे जिंदगी का कोई खोया हुआ हिस्सा वापस मिल गया हो।
सोशल मीडिया पर तस्वीरों ने कैसे पहचान पक्की की?
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मीनल को पहले यह समझ नहीं आया कि मीना वही लड़की है, जिससे वह करीब 30 साल पहले मिली थीं। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर मीना को खोजा और उसकी तस्वीरें देखीं। तस्वीरों को देखने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि डीएनए रिपोर्ट में जिस बहन की बात सामने आई है, वह वही पुरानी दोस्त है। मीनल ने कहा कि वे बहन बनने से पहले दोस्त थीं और असल में वे पूरी जिंदगी बहनें ही थीं, बस उन्हें इसका पता नहीं था।
पहली मुलाकात में क्यों छलक पड़े आंसू?
रिश्ता सामने आने के बाद दोनों बहनों ने नीदरलैंड में भावुक मुलाकात की। इस दौरान आंसू, गले मिलना और हंसी एक साथ दिखाई दी। दोनों ने पहली बार साथ में सेल्फी भी ली। मीना ने अपनी बहन से कहा कि जब वह उसे देखती हैं तो उन्हें घर जैसा महसूस होता है। अप्रैल में डीएनए नतीजा आने के बाद से दोनों हर दिन घंटों फोन पर बात और संदेशों के जरिए एक-दूसरे से जुड़ी रहती हैं। मीनल अब फ्रांस में अपने साथी और दो बेटों के साथ रहती हैं।