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'दंगा रोकने वाली वाटर कैनन से बरसीं ठंडी फुहारें': भीषण गर्मी में पुलिस ने लोगों को ऐसे दी राहत; देखें Video
Mon, 29 Jun 2026 06:53 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Mon, 29 Jun 2026 06:53 PM IST
सार
जर्मनी में भीषण गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है, तापमान ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। ऐसे में बर्लिन पुलिस लोगों को ठंडक पहुंचाने के लिए सड़कों पर उतरी और पानी की बौछारें कीं।
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लोगों को गर्मी से बचाने के लिए उतरी पुलिस।
- फोटो : IANS
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विस्तार
Extreme Heat in Europe: इस वक्त पूरा यूरोप भीषण गर्मी की आग में जल रहा है। फ्रांस से लेकर ब्रिटेन तक तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है और लोगों का हाल बेहाल है। देश के कई हिस्सों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया है। इस जानलेवा गर्मी के बीच बर्लिन की पुलिस ने लोगों को राहत देने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। पुलिस ने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाटर कैनन का इस्तेमाल कर लोगों को गर्मी से राहत दिलाई।
गर्मी ने कैसे तोड़ दिए सारे रिकार्ड?
जर्मन मौसम सेवा के अनुसार, शनिवार को सैक्सोनी-एनहाल्ट में 41.5 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया गया, जो देश का नया आल-टाइम रिकार्ड है। रविवार को यह और बढ़कर 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बर्लिन में भी तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जो सामान्य से बहुत ज्यादा है।
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पुलिस ने कहां-कहां की पानी की बौछार?
बर्लिन पुलिस ने शहर के उन प्रमुख स्थानों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया जहां पर्यटकों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है। पुलिस ने पोट्सडामर प्लात्ज, ब्रांडीबर्ग गेट और रीचस्टाग बिल्डिंग जैसे इलाकों में वाटर कैनन तैनात किए।
आम तौर पर प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल होने वाली इन पानी की तोपों से इस बार ठंडी फुहारें छोड़ी गईं, जिसका वहां मौजूद लोगों ने जमकर आनंद लिया। बच्चे, बड़े और पर्यटक खुशी-खुशी इन बौछारों में भीगते नजर आए। कई लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
यह भी पढ़ें: Heat Dome Effect: क्या फिर लौटेगा 'हीट डोम इफेक्ट'? जुलाई में फ्रांस पर मंडरा रहा भीषण गर्मी का खतरा
क्या यह गर्मी जलवायु परिवर्तन का असर है?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भीषण गर्मी की लहर जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं का ही एक हिस्सा है। जर्मनी समेत पूरे यूरोप में जून के महीने में गर्मी के कई रिकार्ड टूट चुके हैं। इस गर्मी के कारण फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों में कई मौतें भी हुई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। गर्मी की वजह से पानी की कमी और परिवहन जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। फिलहाल, लोगों को घरों के अंदर रहने, खूब पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
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गर्मी ने कैसे तोड़ दिए सारे रिकार्ड?
जर्मन मौसम सेवा के अनुसार, शनिवार को सैक्सोनी-एनहाल्ट में 41.5 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया गया, जो देश का नया आल-टाइम रिकार्ड है। रविवार को यह और बढ़कर 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बर्लिन में भी तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जो सामान्य से बहुत ज्यादा है।
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Berlin police transform water cannons into cooling mist as temperatures soar to 39.9°C. pic.twitter.com/A87vSZaiUO
— Saleem Ahmed (@thesaleem_ahmed) June 29, 2026
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पुलिस ने कहां-कहां की पानी की बौछार?
बर्लिन पुलिस ने शहर के उन प्रमुख स्थानों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया जहां पर्यटकों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है। पुलिस ने पोट्सडामर प्लात्ज, ब्रांडीबर्ग गेट और रीचस्टाग बिल्डिंग जैसे इलाकों में वाटर कैनन तैनात किए।
आम तौर पर प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल होने वाली इन पानी की तोपों से इस बार ठंडी फुहारें छोड़ी गईं, जिसका वहां मौजूद लोगों ने जमकर आनंद लिया। बच्चे, बड़े और पर्यटक खुशी-खुशी इन बौछारों में भीगते नजर आए। कई लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
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क्या यह गर्मी जलवायु परिवर्तन का असर है?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भीषण गर्मी की लहर जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं का ही एक हिस्सा है। जर्मनी समेत पूरे यूरोप में जून के महीने में गर्मी के कई रिकार्ड टूट चुके हैं। इस गर्मी के कारण फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों में कई मौतें भी हुई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। गर्मी की वजह से पानी की कमी और परिवहन जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। फिलहाल, लोगों को घरों के अंदर रहने, खूब पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।