Indonesia: बाली में आग और ऊंची लहरों के बीच फंसा जहाज, 106 यात्रियों को बचाया गया; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इंडोनेशिया के बाली के पास एक यात्री जहाज में बुधवार सुबह आग लग गई। जहाज में 131 लोग सवार थे, जिनमें से 106 को बचा लिया गया। 25 लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं। बता दें कि 4 मीटर ऊंची लहरों के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
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इंडोनेशिया के टूरिस्ट आइलैंड बाली के पास बुधवार को ऊंची लहरों के बीच एक पैसेंजर जहाज में आग लग गया। जिसमें 106 को बचाया गया है। इसके साथ ही आग बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल और वहां से गुजर रहे जहाजों ने 106 लोगों को बचा लिया था। वहीं, वे जलते हुए जहाज से बाकी 25 लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे है।
बचाव दल ने क्या कहा?
मताराम सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख मुहम्मद हरियादी ने कहा, 'हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों की सुरक्षा है।' उन्होंने बताया कि समुद्र में उथल-पुथल और 4 मीटर (13 फीट) तक ऊंची लहरों के कारण बचाव कार्य में मुश्किल आ रही थी।
यह घटना कब हुई?
प्रांतीय राजधानी मताराम में मौजूद सर्च ऑफिस के अनुसार, आग सुबह करीब 4:15 बजे लगी। उस समय 'पुत्री यास्मीन' जहाज बाली के पाडांग बाई पोर्ट से वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के पड़ोसी द्वीप लोम्बोक के लेम्बर पोर्ट जा रहा था। एजेंसी को लगभग आधे घंटे बाद इमरजेंसी रिपोर्ट मिली और उसने तुरंत अपने कर्मचारियों और बचाव जहाजों को काम पर लगा दिया।
जहाज में कितने लोग मौजूद थे?
हरियादी ने बताया कि बचाव अभियान में इंडोनेशियाई नौसेना के जहाज, पेट्रोल बोट, बचाव नौकाएं और हवाई सर्वे के लिए एक हेलीकॉप्टर शामिल थे। हरियादी ने पाडांग बाई पोर्ट अथॉरिटी से मिली यात्री सूची के आधार पर बताया कि जहाज में 114 यात्री और 17 क्रू सदस्य सवार थे। इसके साथ ही जहाज में 44 गाड़ियां और 53 मोटरसाइकिलें भी लदी हुई थीं।
इंडोनेशिया 17,000 से ज्यादा द्वीपों का एक समूह है, जहां यात्रा के लिए जहाज का इस्तेमाल आम है। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके लिए अक्सर सुरक्षा नियमों के कमजोर पालन को जिम्मेदार ठहराया जाता है।