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म्यांमार में सेना ने बदला हवाई हमलों का तरीका: क्या है 'डबल-टैप'; संयुक्त राष्ट्र की जांच में क्या खुलासे हुए?
Wed, 12 Aug 2026 08:30 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 12 Aug 2026 08:30 AM IST
सार
म्यांमार में सेना और सरकार विरोधी सशस्त्र समूहों के बीच जारी संघर्ष का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। सेना ने हवाई हमले बढ़ा दिए हैं और पैरामोटर, गाइरोकॉप्टर और ड्रोन जैसे विमानों का इस्तेमाल कर रही है। संयुक्त राष्ट्र की जांच में हमलों के एक खतरनाक पैटर्न का भी पता चला है, जानें क्या है 'डबल-टैप' हमला।
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म्यांमार में सेना ने बढ़ाए हवाई हमले (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
म्यांमार की सेना ने सरकार विरोधी सशस्त्र समूहों के साथ जारी संघर्ष के बीच हवाई हमले बढ़ा दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि इन हमलों में आम लोग मारे जा रहे हैं। सेना इन हमलों के लिए मोटर से चलने वाले पैराग्लाइडर और जाइरोकॉप्टर जैसे कम लागत वाले विमानों का इस्तेमाल पहले से ज्यादा कर रही है।
उधर, रखाइन प्रांत में सरकार के खिलाफ लड़ रहे एक बड़े जातीय सशस्त्र समूह ने दावा किया है कि इस महीने अब तक सेना के हवाई हमलों में 20 आम लोग मारे गए हैं।
म्यांमार के सैन्य शासन ने संयुक्त राष्ट्र की जांच या अराकान आर्मी के आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे पहले सेना कहती रही है कि वह केवल युद्ध में वैध ठिकानों पर ही हमला करती है। सेना ने सरकार के खिलाफ लड़ रहे बलों पर आतंकवादी होने का आरोप लगाया है।
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संयुक्त राष्ट्र की ओर से बनाई गई इंडिपेंडेंट इन्वेस्टिगेटिव मैकेनिज्म फॉर म्यांमार (आईआईएमएम) की रिपोर्ट में एक साल तक चली जांच का विवरण दिया गया है। यह जांच म्यांमार की सेना और उससे जुड़े हथियारबंद समूहों के साथ-साथ सरकार विरोधी सशस्त्र समूहों के कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों को लेकर की गई थी।
ये भी पढ़ें: US-Iran Tension: 'ईरान पर भरोसा नहीं, होर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण'; ट्रंप ने तेहरान को लेकर क्या कहा?
जांच में पाया गया कि दिसंबर और जनवरी में सेना की ओर से कराए गए चुनावों के दौरान हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं बढ़ गई थीं। आईआईएमएम ने कहा कि चुनाव से पहले के महीनों में हवाई हमले काफी बढ़ गए थे और चुनाव के बाद भी ये लगातार जारी रहे। जांचकर्ताओं ने लोगों को जानबूझकर और बिना किसी उचित वजह के हिरासत में लेने, यातना देने और यौन हिंसा की घटनाएं भी दर्ज कीं।
क्या है 'डबल-टैप' हवाई हमला?
आईआईएमएम ने कहा कि सेना के बढ़ते 'डबल-टैप' हवाई हमलों से आम लोगों की मौत और घायल होने की संख्या बढ़ रही है। पहले हमला किया जाता है और फिर उसी जगह पर दोबारा हमला किया जाता है। जांच के अनुसार, दूसरे हमले में उन लोगों को निशाना बनाया जाता है, जो घायलों की मदद करने, उन्हें बचाने या वहां से भागने की कोशिश कर रहे होते हैं।
पैरामोटर और ड्रोन का क्यों बढ़ा इस्तेमाल?
आईआईएमएम ने कहा कि म्यांमार की सेना हवाई हमलों के लिए मोटर से चलने वाले पैराग्लाइडर (जिसे पैरामोटर भी कहा जाता है) के साथ-साथ जाइरोकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से कर रही है। इनसे कम ऊंचाई पर बिना किसी सटीक दिशा-निर्देशन वाले विस्फोटकों के जरिये हवाई हमले किए जाते हैं।
बिना आवाज कैसे पहुंचते हैं पैरामोटर?
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊपरी सागाइंग क्षेत्र में हाल की कई घटनाओं में पैरामोटर चला रहे पायलट कथित तौर पर अपने ठिकानों के पास पहुंचने पर इंजन बंद कर देते थे। इसके बाद वे बिना आवाज के हवा में ग्लाइड करते हुए आगे बढ़ते थे। इससे आम लोगों को भागने या सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए बहुत कम या बिल्कुल भी चेतावनी नहीं मिलती थी।
आईआईएमएम की रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब रखाइन में सेना के खिलाफ लड़ रहे एक बड़े जातीय सशस्त्र समूह अराकान आर्मी ने कहा कि 1 से 11 अगस्त के बीच तीन टाउनशिप में हुए हवाई हमलों में करीब 20 आम लोग मारे गए और 22 घायल हुए। समूह के मुताबिक, इनमें एक हमला ऐसा भी था, जिसमें आठ विमानों ने करीब एक घंटे तक बमबारी की।
सेना समर्थित सरकार ने इन कथित हमलों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स के अनुसार, 2021 से म्यांमार के सुरक्षा बलों ने 8,000 से ज्यादा आम लोगों की हत्या की है और 31 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। यह एक स्वतंत्र संगठन है, जो देश में जारी गृहयुद्ध के दौरान हुई गिरफ्तारियों और मौतों का विस्तृत रिकॉर्ड रखता है।
यूएन की जांच में कितने सबूत जुटाए गए?
आईआईएमएम की स्थापना 2018 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने म्यांमार में अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए की थी। संस्था ने कहा कि उसने 1,600 से ज्यादा स्रोतों और गवाहों से सबूत जुटाए हैं। इन सबूतों का इस्तेमाल भविष्य में उन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में किया जा सकता है, जो इन अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं।
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उधर, रखाइन प्रांत में सरकार के खिलाफ लड़ रहे एक बड़े जातीय सशस्त्र समूह ने दावा किया है कि इस महीने अब तक सेना के हवाई हमलों में 20 आम लोग मारे गए हैं।
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म्यांमार के सैन्य शासन ने संयुक्त राष्ट्र की जांच या अराकान आर्मी के आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे पहले सेना कहती रही है कि वह केवल युद्ध में वैध ठिकानों पर ही हमला करती है। सेना ने सरकार के खिलाफ लड़ रहे बलों पर आतंकवादी होने का आरोप लगाया है।
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संयुक्त राष्ट्र की ओर से बनाई गई इंडिपेंडेंट इन्वेस्टिगेटिव मैकेनिज्म फॉर म्यांमार (आईआईएमएम) की रिपोर्ट में एक साल तक चली जांच का विवरण दिया गया है। यह जांच म्यांमार की सेना और उससे जुड़े हथियारबंद समूहों के साथ-साथ सरकार विरोधी सशस्त्र समूहों के कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों को लेकर की गई थी।
ये भी पढ़ें: US-Iran Tension: 'ईरान पर भरोसा नहीं, होर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण'; ट्रंप ने तेहरान को लेकर क्या कहा?
जांच में पाया गया कि दिसंबर और जनवरी में सेना की ओर से कराए गए चुनावों के दौरान हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं बढ़ गई थीं। आईआईएमएम ने कहा कि चुनाव से पहले के महीनों में हवाई हमले काफी बढ़ गए थे और चुनाव के बाद भी ये लगातार जारी रहे। जांचकर्ताओं ने लोगों को जानबूझकर और बिना किसी उचित वजह के हिरासत में लेने, यातना देने और यौन हिंसा की घटनाएं भी दर्ज कीं।
क्या है 'डबल-टैप' हवाई हमला?
आईआईएमएम ने कहा कि सेना के बढ़ते 'डबल-टैप' हवाई हमलों से आम लोगों की मौत और घायल होने की संख्या बढ़ रही है। पहले हमला किया जाता है और फिर उसी जगह पर दोबारा हमला किया जाता है। जांच के अनुसार, दूसरे हमले में उन लोगों को निशाना बनाया जाता है, जो घायलों की मदद करने, उन्हें बचाने या वहां से भागने की कोशिश कर रहे होते हैं।
पैरामोटर और ड्रोन का क्यों बढ़ा इस्तेमाल?
आईआईएमएम ने कहा कि म्यांमार की सेना हवाई हमलों के लिए मोटर से चलने वाले पैराग्लाइडर (जिसे पैरामोटर भी कहा जाता है) के साथ-साथ जाइरोकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से कर रही है। इनसे कम ऊंचाई पर बिना किसी सटीक दिशा-निर्देशन वाले विस्फोटकों के जरिये हवाई हमले किए जाते हैं।
बिना आवाज कैसे पहुंचते हैं पैरामोटर?
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊपरी सागाइंग क्षेत्र में हाल की कई घटनाओं में पैरामोटर चला रहे पायलट कथित तौर पर अपने ठिकानों के पास पहुंचने पर इंजन बंद कर देते थे। इसके बाद वे बिना आवाज के हवा में ग्लाइड करते हुए आगे बढ़ते थे। इससे आम लोगों को भागने या सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए बहुत कम या बिल्कुल भी चेतावनी नहीं मिलती थी।
आईआईएमएम की रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब रखाइन में सेना के खिलाफ लड़ रहे एक बड़े जातीय सशस्त्र समूह अराकान आर्मी ने कहा कि 1 से 11 अगस्त के बीच तीन टाउनशिप में हुए हवाई हमलों में करीब 20 आम लोग मारे गए और 22 घायल हुए। समूह के मुताबिक, इनमें एक हमला ऐसा भी था, जिसमें आठ विमानों ने करीब एक घंटे तक बमबारी की।
सेना समर्थित सरकार ने इन कथित हमलों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स के अनुसार, 2021 से म्यांमार के सुरक्षा बलों ने 8,000 से ज्यादा आम लोगों की हत्या की है और 31 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। यह एक स्वतंत्र संगठन है, जो देश में जारी गृहयुद्ध के दौरान हुई गिरफ्तारियों और मौतों का विस्तृत रिकॉर्ड रखता है।
यूएन की जांच में कितने सबूत जुटाए गए?
आईआईएमएम की स्थापना 2018 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने म्यांमार में अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए की थी। संस्था ने कहा कि उसने 1,600 से ज्यादा स्रोतों और गवाहों से सबूत जुटाए हैं। इन सबूतों का इस्तेमाल भविष्य में उन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने में किया जा सकता है, जो इन अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं।