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Iran War: क्या फिर भड़केगा अमेरिका-ईरान तनाव? सैन्य कार्रवाई या बातचीत क्या है ट्रंप का प्लान?
Wed, 01 Jul 2026 04:04 PM IST
नितिन गौतम
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:04 PM IST
सार
अमेरिका और ईरान के बीच भले ही युद्धविराम चल रहा है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार शुरू कर दिया था, लेकिन फिलहाल कूटनीतिक बातचीत पर ही भरोसा किया जा रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : (Photo/ X@WhiteHouse)
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विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो चुका है, लेकिन जिस तरह से हाल ही में दोनों ने एक दूसरे पर हमले किए, उसके बाद से तनाव फिर बढ़ गया है। साथ ही दोनों की बातचीत में भी समन्वय नहीं दिख रहा है। अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ ईरान के साथ बातचीत के लिए दोहा में हैं, लेकिन ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच अभी पूरी तरह से मामला शांत नहीं हुआ है। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने के विकल्पों पर विचार शुरू किया है, लेकिन फिलहाल उन्होंने कूटनीतिक वार्ता जारी रखने का फैसला किया है। यह जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी गई है।
क्या है रिपोर्ट में खुलासा?
ट्रंप और जेडी वेंस पहले ही दे चुके हैं धमकी
ट्रंप ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा, 'वे (ईरान) मेरी हर शर्त मान रहे हैं और उन्हें ऐसा करना ही होगा। वरना, हमें वही करना पड़ेगा जो जरूरी होगा।' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मंगलवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में इसी रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन बातचीत जारी रखेगा, लेकिन अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो उसके पास कई अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
बातचीत पर भी संशय से बढ़ी अनिश्चितता
रिपोर्ट के अनुसार, इसी बीच ट्रंप के मध्य पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोहा पहुंचे हैं, जहां कतर की मध्यस्थता में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता का एक दौर प्रस्तावित है। हालांकि, अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत ईरान ने मंगलवार को साफ किया कि हालिया तनाव बढ़ने के बाद दोहा पहुंचे अमेरिका के शीर्ष दूतों के साथ उसकी कोई बैठक प्रस्तावित नहीं है। ईरान के इस रुख से दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते की संभावनाओं को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। ईरान की ओर से रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लगाने की मांग और उसके परमाणु कार्यक्रम पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद शामिल हैं।
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क्या है रिपोर्ट में खुलासा?
- रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इन बैठकों में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या अमेरिका को तेहरान के साथ बातचीत से हटकर फिर से व्यापक सैन्य अभियान शुरू करना चाहिए? उच्चस्तरीय चर्चाओं का मुख्य विषय यह था कि क्या वॉशिंगटन को ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू कर मिशन पूरा करना चाहिए।
- हालांकि, अधिकारियों के अनुसार ट्रंप का मानना है कि इस समय दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने से जारी वार्ता प्रभावित हो सकती है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने संबंधी किसी ठोस समझौते की संभावना भी कमजोर पड़ सकती है।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों को संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो परमाणु समझौते के लिए तय 18 अगस्त की समयसीमा से आगे भी वार्ता जारी रखने पर विचार किया जा सकता है, ताकि कूटनीतिक प्रयासों को और समय मिल सके।
- रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल व्यापक सैन्य अभियान से दूरी बनाए रखने के बावजूद ट्रंप सीमित जवाबी कार्रवाई के पक्षधर हैं, अगर ईरान दोनों देशों के बीच मौजूदा समझौते का उल्लंघन करता है तो इस महीने की शुरुआत में हुए नाजुक युद्धविराम पर खतरा पैदा हो सकता है।
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ट्रंप और जेडी वेंस पहले ही दे चुके हैं धमकी
ट्रंप ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा, 'वे (ईरान) मेरी हर शर्त मान रहे हैं और उन्हें ऐसा करना ही होगा। वरना, हमें वही करना पड़ेगा जो जरूरी होगा।' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मंगलवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में इसी रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन बातचीत जारी रखेगा, लेकिन अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो उसके पास कई अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
बातचीत पर भी संशय से बढ़ी अनिश्चितता
रिपोर्ट के अनुसार, इसी बीच ट्रंप के मध्य पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोहा पहुंचे हैं, जहां कतर की मध्यस्थता में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता का एक दौर प्रस्तावित है। हालांकि, अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत ईरान ने मंगलवार को साफ किया कि हालिया तनाव बढ़ने के बाद दोहा पहुंचे अमेरिका के शीर्ष दूतों के साथ उसकी कोई बैठक प्रस्तावित नहीं है। ईरान के इस रुख से दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते की संभावनाओं को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। ईरान की ओर से रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लगाने की मांग और उसके परमाणु कार्यक्रम पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद शामिल हैं।