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'अब कूटनीति की कोई संभावना नहीं बची': यूएस से बातचीत पर ईरानी विदेश मंत्री की दो टूक, ट्रंप को दिया सख्त संदेश

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Shubham Kumar Updated Tue, 10 Mar 2026 01:11 PM IST
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सार

पश्चिम एशिया में बीते ग्यारह दिनों से तनाव चरम पर है। इसी बीच अमेरिका के साथ बातचीत की संभवनाओं को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ पिछली बातचीत में भरोसा टूट चुका है और अब कूटनीतिक प्रयासों का कोई भरोसा नहीं बचा।

Iranian Foreign Minister bluntly strong message Trump on talks with US There no chance of diplomacy left now
अब्बास अराघची, ईरान के विदेश मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई से संघर्ष गहराता जा रहा है। बीते ग्यारह दिनों से इलाके में तनाव चरम पर है और ईरान की तरफ से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों से हमला जारी है। इस बीच शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक रास्ते पर चर्चा की कोशिशें हुईं, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ फिर से वार्ता की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया।

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उनका कहना है कि अमेरिका के साथ पिछली बातचीत में भरोसा टूट चुका है और बार-बार हुए हमलों के कारण अब कूटनीति की कोई संभावना नहीं बची। अराघची ने एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान ने पिछले साल जून में अमेरिका के साथ वार्ता की थी, लेकिन बातचीत के बीच ही उन पर हमला हुआ।
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इस साल भी अमेरिका ने दिया था बातचीत का आश्वासन- अराघची
अराघची ने आगे कहा कि इस साल भी अमेरिका ने आश्वासन दिया कि हमला नहीं होगा और परमाणु मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकेगा, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने आक्रमण किया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका के साथ बातचीत उनकी प्राथमिकता में नहीं है। इस दौरान ईरान में हाल ही में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के चयन को अराघची ने स्थिरता का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि नए नेता की नीतियां धीरे-धीरे सामने आएंगी।

तेल की बढ़ती कीमतों पर भी बोले अराघची
अराघची ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल की त्वरित जीत की कोशिशें असफल रही हैं। उनका कहना था कि अमेरिका और इस्राइल सोच रहे थे कि कुछ दिनों में शासन परिवर्तन या तेज जीत हासिल कर लेंगे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। तेल की वैश्विक आपूर्ति और कीमतों में वृद्धि के लिए ईरान को दोष देने की बात पर अराघची ने कहा कि यह उनकी योजना नहीं है। तेल उत्पादन और परिवहन में बाधा अमेरिकी और इस्राइली हमलों के कारण हुई है। इसी वजह से होर्मुज जलसंधि में जहाज सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।

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मिनाब स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका को बताया जिम्मेदार
इंटरव्यू में अराघची ने मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 170 से अधिक लोगों की मौत के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मिसाइल से यह हमला हुआ था। इसके साथ ही ईरान के सैन्य जवाब को उन्होंने आत्मरक्षा बताया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध उनके ऊपर थोप दिया गया है और ईरान केवल अपने लोगों और संसाधनों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि ईरान अपने मिसाइल हमलों को तब तक जारी रखेगा जब तक जरूरत होगी और जब तक अपने लोगों और देश की रक्षा जरूरी होगी।

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