सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   israel pm Benjamin Netanyahu agrees to join Trump Board of Peace on gaza

Board of Peace: ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होगा इस्राइल, पीएम नेतन्याहू ने दी सहमति; क्या बदलेंगे समीकरण?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 21 Jan 2026 12:23 PM IST
विज्ञापन
सार

गाजा में ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना को लागू करने के लिए अमेरिका सरकार ने गाजा बोर्ड ऑफ पीस का एलान किया है। शुरुआत में इस बोर्ड ऑफ पीस को लेकर इस्राइल ने नाराजगी जताई थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइल ने इसमें शामिल होने की सहमति दे दी है। 

israel pm Benjamin Netanyahu agrees to join Trump Board of Peace on gaza
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू - फोटो : एएनआई/एक्स/इस्राइली पीएमओ
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में ट्रंप की शांति योजना के तहत बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की सहमति दे दी है। पूर्व में इस्राइल ने इससे नाराजगी जताई थी और इस बोर्ड के सदस्यों को लेकर आपत्ति जताई थी। इस्राइल सरकार ने कहा था कि इसके गठन को लेकर इस्राइल की सरकार से कोई चर्चा नहीं की गई। इस्राइल ने ये भी कहा था कि बोर्ड ऑफ पीस का गठन उसकी नीतियों से मेल नहीं खाता। हालांकि अब आश्चर्यजनक रूप से इस्राइल ने इसमें शामिल होने का एलान कर चौंका दिया है।
Trending Videos


इस्राइल के सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने बोर्ड ऑफ पीस की आलोचना की थी
अमेरिका ने शनिवार को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल सदस्यों के नाम का एलान किया था, जिसमें तुर्किए के विदेश मंत्री, कतर सरकार के प्रतिनिधि, ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का नाम शामिल है। इस्राइल के सुरक्षा मंत्री ने बोर्ड ऑफ पीस के गठन को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा, 'गाजा को किसी प्रशासनिक समिति की जरूरत नहीं है बल्कि गाजा को सिर्फ हमास के आतंकियों से छुटकारा दिलाने की जरूरत है।' इस्राइल के विपक्षी नेता येर लापिड ने भी बोर्ड ऑफ पीस के एलान को इस्राइल के लिए कूटनीतिक असफलता बताया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है गाजा बोर्ड ऑफ पीस?
  • बोर्ड ऑफ पीस को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से गाजा में शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय संगठन के तौर पर पेश किया जा रहा है।
  • व्हाइट हाउस का दावा है कि इसे मुख्यतः गाजा में इस्राइल-फलस्तीन के बीच शांति स्थापित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
  • यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना को लागू करने के लिए बनाया गया है। ट्रंप अपनी इस योजना के तहत संघर्ष वाले क्षेत्रों में स्थिरता को बढ़ावा देने, इस्राइल और फलस्तीन के अधिकारियों की मदद से कानूनी शासन बहाल करने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने पर जोर देते रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Carney: अमेरिकी वर्चस्व खत्म हो रहा, वैश्विक व्यवस्था पर गंभीर संकट, कनाडा के पीएम ने दुनिया को चेताया

कैसा होगा बोर्ड ऑफ पीस का ढांचा
संस्थापक कार्यकारी परिषद:
यह बोर्ड ऑफ पीस का सबसे शीर्ष निकाय है, जो गाजा में शांति लाने के लिए रणनीतिक दृष्टि तय करता है। इसकी अध्यक्षता खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पास रखी है और उनके पास सभी निर्णयों पर वीटो की ताकत है। इस परिषद में अमेरिका के मौजूदा विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के सलाहकार और पश्चिम एशिया में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा जैसे सदस्य शामिल किए गए हैं।

गाजा कार्यकारी बोर्ड: यह निकाय क्षेत्रीय समन्वय और गाजा में शासन के लिए जमीनी कार्यों से जुड़ा रहेगा। इस बोर्ड में तुर्किये, कतर, मिस्र और यूएई के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।
    
गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति (एनसीएजी): यह सबसे निचला स्तर है, जिसमें फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो गाजा में स्थानीय सेवाओं (जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त) का प्रबंधन करेंगे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed