सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   Jan Egeland, head of the NRC, has called financial cuts in Afghanistan a threat to women there World News

Afghanistan: अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मदद घटने से 5.56 लाख कम हो गए लाभार्थी; खतरे में आधी आबादी, पढ़ाई पर भी संकट

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 20 Jan 2025 02:44 AM IST
विज्ञापन
सार

अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद गरीबी और भूखमरी अपने चरम पर है। इसी बीच एनआरसी प्रमुख जान एगलैंड ने अफगानिस्तान में एजेंसियों के द्वारा वित्तीय कटौती पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती अफगानी महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है।

Jan Egeland, head of the NRC, has called financial cuts in Afghanistan a threat to women there World News
अफगानी महिलाएं - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

अफगानिस्तान को इन दिनों आर्थिक संकट जैसे कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच रविवार को नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल (NRC) के प्रमुख जान एगलैंड ने अफगानिस्तान में एजेंसियों के द्वारा वित्तीय कटौती पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती अफगानी महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को मदद देने वाली गैर-सरकारी संस्थाओं और मानवीय सहायता की घटती वित्तीय सहायता से यह स्थिति और बिगड़ रही है।
Trending Videos


बता दें कि एनआरसी ने 2022 में लगभग 7.7 लाख अफगानों की मदद की, लेकिन 2023 में यह संख्या घटकर करीब 4.9 लाख रह गई। साथ ही साल 2024 की बात करें तो एजेंसी ने केवल 2,16 लाख लोगों की मदद की, इस लाभार्थियों में से आधी महिलाए हैं। इसको लेकर एगलैंड ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कई सहायता एजेंसियों ने अपने कार्यक्रमों और कर्मचारियों में कटौती की है। उनका कहना है कि महिलाओं की मदद के लिए सबसे बड़ा खतरा फंडिंग में कटौती और शिक्षा की कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तालिबान के शासन के बाद स्तिथि बदहाल
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में बहुत से लोग गरीबी और भूखमरी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय सहायता अचानक बंद हो गई थी। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से, अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मदद और बैंक ट्रांसफर पर रोक लगी हुई है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हुआ है।

अंतर्राष्ट्रय समुदाय ने की ये अपील
साथ ही मामले में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अफगानिस्तान के संकट के बीच वहां की मदद जारी रखने की अपील की है। जहां एनआरसी जैसी संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, और टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं, लेकिन महिलाओं को तालिबान द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

अफगानी महिलाओं की कठिनाइयों पर एगलैंड
इसको लेकर एगलैंड ने अंतिम में कहा कि अफगान महिलाएं और लड़कियां यह नहीं भूल पाईं कि जब तालिबान सत्ता में आया था, तब विश्व नेताओं ने उनकी प्राथमिकता शिक्षा और मानवाधिकारों को बताया था। अब स्थिति यह है कि अफगानिस्तान में महिलाएं और एकल माताएं आजीविका कार्यक्रमों की कमी के कारण और भी कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed