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LNG: यूएस-ईरान समझौते के बाद होर्मुज से जल्द निकलेंगे 34 भारतीय जहाज, करोड़ों किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 16 Jun 2026 09:49 AM IST
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सार

अमेरिका ईरान समझौते का असर दिखना शुरू हो गया है और होर्मुज पर लगी पाबंदियों में थोड़ी नरमी देखी जा रही है। ऐसे में होर्मुज में फंसे भारत के 34 जहाजों के भी जल्द होर्मुज पार करने की उम्मीद है, जिससे देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। 

LNG carrier tanker disha crossed hormuz strait remaining 34 ships soon reach india with lpg fertilizer
होर्मुज पर हालात समान्य होने की ओर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित होगी। इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ला रहे भारतीय टैंकर दिशा ने सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। भारत आ रहे 34 अन्य जहाजों के भी जल्द होर्मुज पार करने की उम्मीद है। ये जहाज पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज में फंसे हैं। 


करोड़ों किसानों और उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
होर्मुज में फंसे 34 जहाजों में से 16 जहाज ऐसे हैं, जो फर्टिलाइजर लेकर भारत आ रहे हैं। इन 16 जहाजों में से 8 पर यूरिया, चार पर डाइ-अमोनियम फॉस्फेट और तीन पर सल्फर और एक पर अमोनिया लदा है। अगर समझौते के तहत सबकुछ सही रहता है और होर्मुज खुलता है तो जल्द ही भारत के करोड़ों किसानों को खेती के लिए फर्टिलाइजर मिल सकते हैं। हालांकि अभी हालात सामान्य होने में वक्त लग सकता है।
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तुरंत पूर्ण राहत के आसार नहीं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया। पश्चिम एशिया की कई अहम रिफाइनरियां और गैस प्लांट हमलों में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिससे युद्ध समाप्त होने के बाद भी आपूर्ति सामान्य होने में कई महीनों का वक्त लग सकता है। कतर का रास लफ्फान प्लांट हमले में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है और वहां से ईंधन आपूर्ति सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं। भारत के इस गैस प्लांट से एलपीजी आपूर्ति का कॉन्ट्रैक्ट है, ऐसे में हालात सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा।
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भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से करीब आधा हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आपूर्ति होता है। साथ ही भारत के कुल आयात की 60 प्रतिशत से ज्यादा एलएनजी भी होर्मुज से गुजरकर भारत आती है। यही वजह है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत को होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई। होर्मुज से पार हुआ दिशा टैंकर 18 जून तक भारत आ सकता है और इस पर 62,370 टन एलएनजी है। 
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