सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   JD Vance on military action against Iran says US will not be part of any long war in Middle East Donald Trump

US: ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर जेडी वेंस बोले- अमेरिका नहीं बनेगा मध्य पूर्व में किसी लंबे युद्ध का हिस्सा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Fri, 27 Feb 2026 02:57 PM IST
विज्ञापन
सार

अमेरिका ने दो दशकों से अधिक समय से मध्य पूर्व में अपनी महत्वपूर्ण सैन्य उपस्थिति बनाए रखी है, विशेष रूप से 2003 में इराक पर आक्रमण के बाद से। लगातार आने वाली सरकारों पर एक और लंबे क्षेत्रीय संघर्ष से बचने का दबाव रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर उसके साथ तनाव में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। यूरोप में वार्ता सहित राजनयिक प्रयासों ने बार-बार तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को सीमित करने और पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में और अधिक तनाव बढ़ने से रोकने की कोशिश की है।

JD Vance on military action against Iran says US will not be part of any long war in Middle East Donald Trump
जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 'एयर फोर्स टू' पर 'वॉशिंगटन पोस्ट' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में महत्वपूर्ण बयान दिया है। वेंस ने उन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया कि अमेरिका मध्य पूर्व में किसी लंबे युद्ध का हिस्सा बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के विरुद्ध नए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हों, लेकिन अमेरिका के एक और लंबे क्षेत्रीय संघर्ष में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। 
Trending Videos


एयर फोर्स टू में वॉशिंगटन पोस्ट को दिए साक्षात्कार में वेंस ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले अभी भी विचाराधीन हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि ऐसी कार्रवाई वर्षों तक चलने वाले संघर्ष में तब्दील हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सोचना कि हम मध्य पूर्व में वर्षों तक बिना किसी अंत के युद्ध में उलझे रहेंगे, इसकी कोई संभावना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: PAK-Afgan War: 'अब दमा-दम मस्त कलंदर होगा', अफगानिस्तान को पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की धमकी; खुली जंग का एलान

क्या अमेरिका करेगा ईरान पर सैन्य कार्रवाई?
जेडी वेंस ने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि ट्रंप आखिरकार क्या निर्णय लेंगे। विकल्पों में ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए सैन्य हमले करना या समस्या का कूटनीतिक समाधान करना शामिल है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम सभी कूटनीतिक विकल्प को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन यह वास्तव में इस बात पर निर्भर करता है कि ईरानी क्या करते हैं और क्या कहते हैं।

ईरान के चारों ओर अमेरिकी सेना की भारी तैनाती के बीच गुरुवार को जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जारी रही। लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। मध्यस्थों ने कहा कि बातचीत अगले सप्ताह जारी रहेगी। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाने के लिए सत्ता परिवर्तन में रुचि रखते हैं। उन्होंने इस महीने पत्रकारों से कहा था कि यह सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है।

राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर क्या बोले जेडी वेंस?
इराक युद्ध में अपनी सेवाएं दे चुके 41 वर्षीय पूर्व मरीन सैनिक वेंस ने एक बार फिर अपनी विदेश नीति संबंधी सोच स्पष्ट की है। उन्होंने पहले भी स्वयं को विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों को लेकर संशय की दृष्टि रखने वाला बताया था। गुरुवार को उन्होंने दोहराया कि आज भी उनके विचारों में कोई परिवर्तन नहीं आया है और वे इसी रुख पर कायम हैं। वेंस का कहना है कि उनका मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच भी इसी दिशा में रही है।

उन्होंने कहा, "देखिए, जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप 'अमेरिका फर्स्ट' राष्ट्रपति हैं, और वे ऐसी नीतियां अपनाते हैं जो अमेरिकी जनता के हित में हैं।" उन्होंने अतीत की गलतियों को दोहराने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमें अतीत की गलतियों को दोहराने से बचना होगा। हमें इस बारे में सतर्क रहना होगा, और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति सतर्क हैं।

ये भी पढ़ें:Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने राष्ट्रपति ट्रंप से की मुलाकात, दिया नकली अखबार; जानें क्यों

इस्राइल को लेकर कही ये बात
मध्य पूर्व में अमेरिकी हस्तक्षेप और इस्राइल के प्रति अमेरिका के रुख को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं। जेडी वेंस का तर्क है कि इस्राइल के प्रति संदेह रखने वालों की आवाज को पार्टी के भीतर की बहस में सुना जाना चाहिए, इसके साथ ही वे इस देश को एक रणनीतिक सहयोगी के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा निष्कर्ष यह है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण चर्चा है जो दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए न केवल अगले कुछ वर्षों के लिए बल्कि भविष्य में भी लंबे समय तक आवश्यक होगी।

(इनपुट आईएएनएस से)

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed