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ईरान-US के बीच परमाणु मुद्दे पर मंथन कब?: जेडी वेंस बोले- दोहा में तेहरान के साथ सही दिशा में चल रही बातचीत
Thu, 02 Jul 2026 05:31 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 02 Jul 2026 05:31 AM IST
सार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कतर के दोहा में ईरान के साथ तकनीकी स्तर की वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही परमाणु मुद्दे पर औपचारिक चर्चा शुरू होगी।
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जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि कतर के दोहा में ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अभी तकनीकी स्तर की चर्चा चल रही है और जल्द ही परमाणु मुद्दे पर भी बातचीत शुरू होगी। वेंस ने वर्जीनिया में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करने के बाद कहा कि हालांकि अभी शुरुआती समय है, लेकिन बातचीत अच्छी चल रही है।
दोहा में तकनीकी स्तर की चर्चा शुरू
उपराष्ट्रपति वेंस के अनुसार, इस समय अमेरिकी तकनीकी विशेषज्ञ दोहा में ईरान, कतर और अन्य पक्षों के साथ बैठकर समझौते की बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका परमाणु मुद्दे को लेकर काफी चिंतित है और इस पर जल्द ही विस्तार से बात शुरू की जाएगी। वेंस ने जोर देकर कहा कि यह बातचीत किसी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि अमेरिका की ताकत की वजह से संभव हो पाई है।
ताकत के दम पर बातचीत का दावा
जेडी वेंस ने वर्तमान अमेरिकी दृष्टिकोण की तुलना अफगानिस्तान और इराक युद्ध से की। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल तभी सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे जब लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट और परिभाषित हों। वेंस ने कहा कि ट्रंप एक ऐसी स्थिति से बातचीत कर रहे हैं जहां ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी पारंपरिक सेना काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो इस बातचीत की आलोचना कर रहे हैं। वेंस ने कहा कि प्रशासन पर हमला करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने अतीत में अफगानिस्तान जैसी जगहों पर बिना किसी ठोस लक्ष्य के बमबारी को बढ़ावा दिया था।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का रुख
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) की प्रक्रिया पर संतोष जताया है। नॉर्थ डकोटा रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि हाल ही में ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद उसके रुख में बड़ा बदलाव आया है। ट्रंप ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर तीन रातों तक कड़े प्रहार किए थे।
ये भी पढ़ें: क्या हैं ट्रंप अकाउंट्स?: जिसमें 25 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी माइक्रोन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जमकर की तारीफ
ट्रंप ने अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होंगे, तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है। हालांकि ईरान के बड़े अधिकारी अभी कतर में चल रही उच्च स्तरीय बातचीत में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, फिर भी ट्रंप इस कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर काफी उत्साहित और सकारात्मक नजर आए
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दोहा में तकनीकी स्तर की चर्चा शुरू
उपराष्ट्रपति वेंस के अनुसार, इस समय अमेरिकी तकनीकी विशेषज्ञ दोहा में ईरान, कतर और अन्य पक्षों के साथ बैठकर समझौते की बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका परमाणु मुद्दे को लेकर काफी चिंतित है और इस पर जल्द ही विस्तार से बात शुरू की जाएगी। वेंस ने जोर देकर कहा कि यह बातचीत किसी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि अमेरिका की ताकत की वजह से संभव हो पाई है।
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ताकत के दम पर बातचीत का दावा
जेडी वेंस ने वर्तमान अमेरिकी दृष्टिकोण की तुलना अफगानिस्तान और इराक युद्ध से की। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल तभी सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे जब लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट और परिभाषित हों। वेंस ने कहा कि ट्रंप एक ऐसी स्थिति से बातचीत कर रहे हैं जहां ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी पारंपरिक सेना काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो इस बातचीत की आलोचना कर रहे हैं। वेंस ने कहा कि प्रशासन पर हमला करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने अतीत में अफगानिस्तान जैसी जगहों पर बिना किसी ठोस लक्ष्य के बमबारी को बढ़ावा दिया था।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का रुख
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) की प्रक्रिया पर संतोष जताया है। नॉर्थ डकोटा रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि हाल ही में ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद उसके रुख में बड़ा बदलाव आया है। ट्रंप ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर तीन रातों तक कड़े प्रहार किए थे।
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ट्रंप ने अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होंगे, तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है। हालांकि ईरान के बड़े अधिकारी अभी कतर में चल रही उच्च स्तरीय बातचीत में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, फिर भी ट्रंप इस कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर काफी उत्साहित और सकारात्मक नजर आए