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Iran: ईरान ने आईएईए को परमाणु ठिकानों तक पहुंच देने से किया इनकार, गालिबाफ बोले- कानून इसकी अनुमति नहीं देता

Thu, 02 Jul 2026 07:12 AM IST
Pavan एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान Published by: Pavan Updated Thu, 02 Jul 2026 07:12 AM IST
सार

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने बताया कि फिलहाल आईएईए को केवल दो परमाणु प्रतिष्ठानों; बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और तेहरान अनुसंधान रिएक्टर; तक ही सीमित पहुंच दी गई है और ईरान इसी व्यवस्था का पालन करेगा।

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"Talk of IAEA inspectors' access to bombed sites is false": Iran's Parliament Speaker Ghalibaf
मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, ईरानी संसद के अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह हाल में हमले का शिकार हुए अपने परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को अनुमति नहीं देगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि इन ठिकानों तक आईएईए की पहुंच की खबरें पूरी तरह गलत हैं और देश का कानून इसकी इजाजत नहीं देता। सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में गालिबाफ ने कहा कि ईरानी संसद और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने ऐसा कानून बनाया है, जिसके तहत बमबारी से प्रभावित परमाणु स्थलों तक किसी भी परिस्थिति में विदेशी निरीक्षकों को पहुंच नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि निरीक्षकों को वही पहुंच मिलेगी, जिसकी अनुमति सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देगी।
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स्विट्जरलैंड वार्ता का किया बचाव
गालिबाफ ने स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता में अपनी भागीदारी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन वार्ताओं से ईरान की कुछ संपत्तियों की रिहाई की प्रक्रिया तेज हुई और कुछ प्रतिबंधों को निलंबित करने की दिशा में प्रगति हुई। उनके अनुसार, यदि ईरान बातचीत में शामिल नहीं होता तो समझौते की शर्तों को आगे बढ़ाना संभव नहीं होता।
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सैन्य शक्ति और कूटनीति साथ-साथ जरूरी
ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि देश को कूटनीति और सैन्य शक्ति दोनों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान के दुश्मन केवल ताकत की भाषा समझते हैं, इसलिए देश को मजबूत रहना होगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए आलोचकों से कहा कि वे ट्रंप की भाषा न दोहराएं और देश की जनता को शांति से रहने दें।

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राष्ट्रीय एकता और अर्थव्यवस्था पर जोर
गालिबाफ ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी सभी ईरानियों की सेवा करना है, चाहे उनका धर्म या विचार कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक समस्याओं का समाधान, देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। उनके मुताबिक, मौजूदा समय में ईरान के लिए राष्ट्रीय एकता सबसे महत्वपूर्ण है।
 
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