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विवादों से नहीं छूट रहा पीछा: फिर कटघरे में काश पटेल, समुद्र में छुट्टी और यात्राओं को लेकर चौंकाने वाले दावे

पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 15 May 2026 04:30 AM IST
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सार

एफबीआई निदेशक काश पटेल हवाई दौरे के दौरान पर्ल हार्बर स्मारक पर 'वीआईपी स्नॉर्कलिंग' करने को लेकर विवादों में हैं। खुलासा हुआ है कि उन्होंने शहीद सैनिकों की जलमग्न समाधि (यूएसएस एरिजोना) के पास तैराकी की। हालांकि नौसेना ने इसे सामान्य बताया है, लेकिन विशेषज्ञों और पूर्व सैनिकों ने इसे पवित्र स्थल का अपमान और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करार दिया है। पढ़ें रिपोर्ट...

Kash Patel FBI Hawaii trip controversy Pearl Harbour memorial snorkeling USS Arizona VIP snorkel
एफबीआई निदेशक काश पटेल - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल एक बार फिर मुश्किलों में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सरकारी यात्राओं के दौरान काम के साथ-साथ निजी मौज-मस्ती को मिला दिया। ताजा विवाद उनके हवाई दौरे को लेकर है, जहां उन्होंने पर्ल हार्बर स्मारक जैसे पवित्र और संवेदनशील स्थान पर 'स्नॉर्कलिंग' (समुद्र की सतह पर तैरना) की। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह वह तैराकी कर रहे थे, वह द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए 900 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की जलमग्न समाधि है। इस खुलासे के बाद अमेरिका में उनके पद के दुरुपयोग को लेकर बहस छिड़ गई है।
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हवाई दौरे के दौरान आखिर क्या छिपाया गया?
सरकारी ईमेल से मिले दस्तावेजों के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि पिछले साल अगस्त में काश पटेल जब हवाई गए थे, तो एफबीआई ने इसे पूरी तरह सरकारी दौरा बताया था। आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने वहां कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मुलाकात की। लेकिन, एफबीआई ने यह बात दबा ली कि आधिकारिक काम खत्म होने के बाद पटेल दो दिनों के लिए वहां वापस लौटे और 'वीआईपी स्नॉर्कलिंग' का लुत्फ उठाया। उन्होंने यूएसएस एरिजोना युद्धपोत के मलबे के पास तैराकी की, जो एक मिलिट्री कब्रिस्तान है। आम लोगों के लिए यहां तैरना या गोताखोरी करना सख्त मना है, क्योंकि यह 1941 में जापान के हमले में मारे गए वीरों की याद में बना एक अत्यंत पवित्र स्थल है।
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क्या काश पटेल का यह व्यवहार एक पुराने पैटर्न का हिस्सा है?
काश पटेल पर संसाधनों के गलत इस्तेमाल के आरोप नए नहीं हैं। आलोचकों का कहना है कि वे अक्सर सरकारी विमान और सुविधाओं का उपयोग अपनी छुट्टियों और निजी शौक पूरा करने के लिए करते हैं। अभी कुछ समय पहले फरवरी में भी वह तब विवादों में आए थे, जब मिलान में शीतकालीन ओलंपिक के दौरान अमेरिकी हॉकी टीम के साथ जश्न मनाते हुए उनका वीडियो सामने आया था। उस समय पटेल ने सफाई दी थी कि वह साइबर अपराध की जांच के लिए वहां गए थे। अब पर्ल हार्बर के पवित्र स्थल पर उनकी इस गतिविधि को 'गंभीर विचलन' माना जा रहा है, जिससे उनकी पेशेवर छवि पर सवाल उठ रहे हैं।

स्नॉर्कलिंग के लिए सेना और पार्क सर्विस ने कैसे दी अनुमति?
यूएसएस एरिजोना स्मारक की देखरेख नौसेना और नेशनल पार्क सर्विस करती है। हालांकि यहां गोताखोरी वर्जित है, लेकिन ओबामा प्रशासन के समय से ही कुछ बेहद खास वीआईपी अधिकारियों को यहां तैराकी की गोपनीय अनुमति दी जाती रही है। नौसेना ने इस बात की पुष्टि की है कि पटेल की इस यात्रा के लिए सैन्य अधिकारियों ने समन्वय किया था। तैराकी के दौरान उन्हें हिदायत दी गई थी कि वे जहाज के मलबे को न छुएं। हालांकि, पार्क सर्विस ने इस पूरे मामले से दूरी बना ली है और कहा है कि वे इस गतिविधि में शामिल नहीं थे। 1993 के बाद से किसी भी अन्य एफबीआई निदेशक ने इस तरह की गतिविधि वहां नहीं की है।

शहीदों के सम्मान और नैतिकता पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
पूर्व संघीय अभियोजकों और विशेषज्ञों का कहना है कि एफबीआई निदेशक का ध्यान अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा पर होना चाहिए, न कि ऐसी विवादास्पद गतिविधियों पर। पूर्व सैनिकों ने भी इस पर नाराजगी जताई है। एक पूर्व मरीन सैनिक ने कहा कि शहीदों की समाधि पर इस तरह मौज-मस्ती करना वैसा ही है जैसे किसी चर्च में शादी से पहले की शराब पार्टी करना। यह स्थल एक सैन्य कब्रिस्तान है और इसे पूरी गरिमा के साथ सम्मान दिया जाना चाहिए। ट्रंप प्रशासन के मौजूदा एफबीआई प्रमुख के रूप में पटेल के इन दौरों ने विपक्ष और जनता के बीच उनकी कार्यशैली को लेकर अविश्वास पैदा कर दिया है।

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