देश में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण महिंदा राजपक्षे ने मई के माह में प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके एक माह बाद जुलाई में उनके छोटे भाई गोताबया राजपक्षे को भी राष्ट्रपति का पद छोड़ना पड़ा था। इस बीच, शनिवार को महिंदा राजपक्षे इस्तीफा देने के बाद पहली बार आम जनसभा को संबोधित करते हुए नजर आए।
गलती से गोताबया को ही बताया मौजूदा राष्ट्रपति
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एसएलपीपी की जनसभा में महिंदा राजपक्षे
- फोटो : फेसबुक/महिंदा राजपक्षे
यहां कालूतारा में उनकी पार्टी श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) की ओर से एक जनसभा आयोजन किया गया था। अपने संबोधन के दौरान 77 वर्षीय महिंदा भूल गए कि देश के वर्तमान राष्ट्रपति कौन हैं। उन्होंने अपने छोटे भाई गोताबया को ही राष्ट्रपति बता डाला।
हालांकि इस दौरान उनका एक सहयोगी उनके पास फुसफुसाया, तो उन्होंने तुरंत अपनी गलती सुधार ली और कहा कि वह राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का समर्थन करना जारी रखें। वह हमारे विरोधी थे, लेकिन अब वह हमारे साथ हैं।
हिंसक प्रदर्शनों के बीच दिया था इस्तीफा
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श्रीलंका संकट
- फोटो : Agency
देश की आजादी (1949) के बाद से श्रीलंका अब सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। देशव्यापी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद राजपक्षे परिवार के सभी नेताओं को सभी सरकारी पदों से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था।
दर्जनों नेताओं के घर आग के हवाले किए गए थे
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श्रीलंका संकट (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
9 मई को जब उनके समर्थकों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था, जिससे देशभर में हिंसक झड़पें हुईं थीं। दर्जनों नेताओं के घर आग के हवाले कर दिए गए थे, जिनमें से कुछ घरों के मालिक राजपक्षे परिवार के ही थे। इसके बाद महिंदा ने पद से इस्तीफा दे दिया था।
नौसिक अड्डे पर छुपाए गए थे महिंदा
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महिंदा राजपक्षे
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
आक्रोशित भीड़ ने उनके आवास 'टेंपल ट्रीज' की घेराबंदी कर दी थी। इसके बाद सेना को उनके आवास को खाली करना पड़ा था। सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें देश के उत्तर पूर्वी हिस्से त्रिंकोमाली में एक नौसैनिक अड्डे में छुपाया गया। इसके बाद देश की एक अदालत ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।