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फ्रांस के जंगलों में भीषण तबाही: मैक्रों बोले- 'हम मिलकर जीतेंगे यह लड़ाई', आखिर इतने भयावह कैसे हो गए हालात?
Tue, 28 Jul 2026 02:11 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:11 AM IST
सार
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को भीषण जंगल की आग से प्रभावित इलाके का दौरा किया और आग बुझाने में जुटी टीमों से हौसला बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लंबी और कठिन है, लेकिन पूरा देश मिलकर इस संकट पर जीत हासिल करेगा।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
फ्रांस, स्पेन और इटली इस समय भीषण जंगल की आग से जूझ रहे हैं। फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर दमकलकर्मियों का हौसला बढ़ाया और इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा अग्नि संकट बताया। फ्रांस और स्पेन में अब तक 3.30 लाख से अधिक लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं। स्पेन में इतिहास की सबसे बड़ी जंगल की आग दर्ज की गई है, जबकि लगातार पड़ रही हीटवेव और जलवायु परिवर्तन ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
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हालात इतने खराब कैसे हुए?
दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में आग बुझाने के लिए बनाए गए समन्वय केंद्र (कोऑर्डिनेशन सेंटर) के दौरे के दौरान मैक्रों ने अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पिछले सप्ताह से धधक रही आग बेहद अनिश्चित रही है। कई बार इसने खुद ही फैलने वाले 'फायर स्टॉर्म' यानी आग के तूफान का रूप ले लिया। इस आग ने पेरिस से लगभग चार गुना बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 2.20 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
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मैक्रों ने इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा संकट क्यों बताया?
मैक्रों ने कहा कि हम ऐसी आग का सामना कर रहे हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।" उन्होंने इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद फ्रांस में आग से जुड़ा सबसे बड़ा संकट बताया। राष्ट्रपति ने लगातार कई दिनों तक कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले दमकलकर्मियों की सराहना की, जिन्होंने सोमवार तक आग के आगे बढ़ने की रफ्तार को रोकने में सफलता हासिल की। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि जंगलों में अब भी कई जगह आग सुलग रही है और खतरा पूरी तरह टला नहीं है। आने वाले सप्ताह बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे।
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क्या हीटवेव आग पर काबू पाने में सबसे बड़ी चुनौती बनेगी?
हजारों दमकलकर्मी और पानी व अग्निरोधी रसायन गिराने वाले विमान लगातार अभियान में जुटे हुए हैं। राहत कार्य समय के खिलाफ दौड़ बन चुका है, क्योंकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाली हीटवेव आग बुझाने के प्रयासों को और कठिन बना सकती है। राष्ट्रीय मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि बुधवार को इससे भी अधिक गर्मी पड़ सकती है।
क्या फिलहाल आग पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका है?
क्षेत्रीय प्रशासन के मुताबिक सोमवार रात तक स्थिति 'कुल मिलाकर स्थिर' रही, जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में राहत देने वाली खबर है। इससे पहले आग बोर्डो शहर के बाहरी हिस्सों से महज 15 किलोमीटर दूर तक पहुंच गई थी। लगभग 2.68 लाख आबादी वाले इस ऐतिहासिक शहर के आसपास आग ने बिजली जैसी चमक के साथ 'फायर स्टॉर्म' पैदा किए, जिससे कई नई जगहों पर आग भड़क उठी।
क्या लोगों को अभी भी घर छोड़ने की जरूरत पड़ रही है?
सोमवार को किसी नए इलाके को खाली कराने की घोषणा नहीं की गई। हालांकि अगस्त में शुरू होने वाले पर्यटन सीजन को देखते हुए गिरोंडे क्षेत्र के प्रशासन ने बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए संचालित होने वाले हॉलिडे कैंपों पर रोक लगा दी है, ताकि जोखिम वाले इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही सीमित की जा सके।
आग को रोकने के लिए जमीन पर कैसी तैयारी की जा रही है?
आग की रफ्तार रोकने के लिए भारी अर्थ-मूवर मशीनों से जंगल और झाड़ियों के बीच खाली पट्टियां बनाई जा रही हैं, ताकि आग आगे न बढ़ सके। किसान भी पानी के टैंकरों के जरिए दमकल टीमों तक लगातार पानी पहुंचा रहे हैं और राहत अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
कौन-कौन से देश फ्रांस और स्पेन की मदद के लिए आगे आए हैं?
करीब एक दर्जन देशों ने फ्रांस और स्पेन को विमान, हेलीकॉप्टर, दमकलकर्मी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए हैं। दोनों देशों में लगी भीषण आग के कारण अब तक 3.30 लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
स्पेन में हालात कितने गंभीर हो चुके हैं?
स्पेन में मैड्रिड के आसपास और वालेंसिया क्षेत्र में जंगल की आग लगातार फैल रही है। प्रशासन ने 79 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि 30 हजार लोगों को एहतियातन घरों के भीतर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या जलवायु परिवर्तन इस तबाही की सबसे बड़ी वजह बन रहा है?
फ्रांस और स्पेन, दोनों देशों में इस वर्ष समय से पहले और अत्यधिक तीव्र हीटवेव देखने को मिली। इससे जंगल और झाड़ियां पूरी तरह सूख गईं और आग तेजी से फैलने लगी। इन हालात के बीच जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि यह कोई अलग-अलग या सामान्य घटनाएं नहीं हैं। यह जलवायु आपातकाल का परिणाम है, जिसके कारण जंगल की आग पहले से अधिक विनाशकारी हो रही है और हीटवेव लगातार लौट रही हैं।
क्या स्पेन के इतिहास की सबसे बड़ी आग बन चुकी है यह आपदा?
सरकार के अनुसार मैड्रिड के पश्चिम में स्थित अविला के पहाड़ी और ग्रामीण इलाके में लगी आग अब स्पेन के इतिहास की सबसे बड़ी जंगल की आग बन गई है। इसने लगभग 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को राख में बदल दिया है, जो बार्सिलोना शहर के आकार से लगभग पांच गुना बड़ा है। अविला में दमकलकर्मियों तक जरूरी सामान पहुंचाने में मदद कर रहे 48 वर्षीय माली डेविड गोंजालेस ने कहा कि देखिए पूरी घाटी कैसे जल गई है। घरों और लोगों की हालत देखिए। हमें बेहद गुस्सा और बेबसी महसूस हो रही है। यह अमानवीय है।
आंकड़े आखिर कितनी बड़ी तबाही की कहानी बता रहे हैं?
स्पेन की पारिस्थितिकी मंत्री सारा आगेसेन ने बताया कि इस वर्ष अब तक देश में 1,530 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। यह 2025 की पहली छमाही में आग से प्रभावित क्षेत्र की तुलना में छह गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि मंगलवार से इस वर्ष की चौथी हीटवेव शुरू होने की संभावना है, जिससे आग का खतरा और बढ़ सकता है। स्पेन की मौसम एजेंसी ने कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने का अनुमान जताया है।
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क्या इटली भी जंगल की आग की चपेट में आ गया है?
इटली के दक्षिणी पुगलिया क्षेत्र में पेस्चिची के पास रविवार दोपहर तेज हवाओं के कारण जंगल में आग लग गई। आग ने चीड़ के जंगलों और झाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके चलते समुद्र तट और कैंपग्राउंड से करीब 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। कोस्ट गार्ड ने पर्यटकों को समुद्री रास्ते से पास के विएस्टे शहर पहुंचाया, जहां प्रशासन ने अस्थायी राहत शिविर बनाए। सोमवार को तीन कैनेडायर वॉटर-बॉम्बिंग विमान और जमीनी दमकल दल आग बुझाने में जुटे रहे। इस घटना ने 2007 में इसी तटीय क्षेत्र में लगी भीषण जंगल की आग की यादें ताजा कर दीं।