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India-Malaysia Ties: सुरक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर तक बड़े समझौते; जानिए पीएम मोदी के मलयेशिया दौरे का पूरा सार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:53 PM IST
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सार
पीएम मोदी की मलयेशिया यात्रा पर विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को ‘बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था। उन्होंने आगे बताया कि 2024 में मलयेशियाई पीएम की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली।
पीएम मोदी और मलयेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलयेशिया दौरे पर कुआलालंपुर से विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट), पी. कुमारन ने कहा, 'यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2015 में प्रधानमंत्री की मलयेशिया की पिछली आधिकारिक यात्रा के लगभग एक दशक बाद हो रही है।' उन्होंने आगे कहा, 'दोनों प्रधानमंत्रियों ने हमारी पार्टनरशिप के पूरे दायरे में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं।'
यह भी पढ़ें - क्या है पैक्स सिलिका?: अमेरिका ने इसमें शामिल होने के लिए भारत को भेजा न्योता, रणनीतिक रिश्ते होंगे और मजबूत
भारत और मलयेशिया के बीच अहम समझौते
भारत और मलयेशिया के बीच अहम घोषणाएं
भारतीय समुदाय से सीधा संवाद
विदेश मंत्रालय के सचिव प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कुआलालंपुर आगमन पर भव्य सांस्कृतिक तरीके से उनका स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने साथ मिलकर एमआईएनईएस इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में मलयेशिया में भारतीय समुदाय के इतिहास पर प्रदर्शनी और करीब 800 स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल रहीं, जिसने साझा सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया। एक ही स्थान पर इतने कलाकारों द्वारा भारतीय नृत्य प्रस्तुत करने का रिकॉर्ड मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की भी जानकारी दी गई।
समझौते और सहयोग के नए क्षेत्र
पी. कुमारन ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, सुरक्षा, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा, आपदा प्रबंधन और ऑडियो-विजुअल सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापन और समझौते हुए। भ्रष्टाचार से निपटने के लिए मलयेशिया की एंटी-करप्शन एजेंसी और भारत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
शिक्षा, संस्कृति और प्रवासी भारतीय
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में थिरुवल्लुवर सेंटर की स्थापना और मलयेशियाई विद्वानों के लिए थिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप की घोषणा की। भारतीय समुदाय की सेवाओं को मजबूत करने के लिए मलयेशिया में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने का भी एलान किया गया। करीब 29 लाख भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच 'जीवंत सेतु' बताया गया। 2025 में 14 लाख भारतीय पर्यटक मलयेशिया गए, जबकि तीन लाख मलयेशियाई पर्यटकों ने भारत की यात्रा की, जिससे मलयेशिया आसियान क्षेत्र से भारत आने वाले पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत बना।
यह भी पढ़ें - Epstein files: 'जेफरी एपस्टीन से कभी नहीं मिले दलाई लामा', कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से किया खारिज
रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला
वहीं दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की। सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त अभ्यासों के साथ-साथ रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड सहित कई भारतीय कंपनियां मलयेशिया में सक्रिय हैं। आतंकवाद पर प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक कहा कि कोई समझौता नहीं होगा और दोहरे मानदंड स्वीकार नहीं किए जाएंगे। दोनों देशों के बीच आतंकवाद से मुकाबला पर संयुक्त कार्य समूह और सुरक्षा संवाद लगातार चल रहे हैं।
डिजिटल भुगतान और कनेक्टिविटी
विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट), पी. कुमारन ने आगे कहा कि क्रॉस-बॉर्डर क्यूआर आधारित भुगतान और यूपीआई लिंक पर काम जारी है। इससे पर्यटकों, कामगारों और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। हवाई संपर्क बढ़ाने और नए रूट खोलने पर भी सहमति बनी है। प्रधानमंत्री ने आसियान के साथ सहयोग, भारत की एक्ट ईस्ट नीति, इंडो-पैसिफिक विजन और ब्रिक्स में मलयेशिया की भागीदारी का भी जिक्र किया और भविष्य में संबंध और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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भारत और मलयेशिया के बीच अहम समझौते
- भारत गणराज्य की सरकार और मलयेशिया की सरकार के बीच ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण समझौता
- आपदा प्रबंधन में सहयोग पर मलयेशिया सरकार और भारत गणराज्य की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन
- भ्रष्टाचार से निपटने और उसे रोकने में सहयोग हेतु मलयेशिया सरकार और भारत गणराज्य की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन
- भारत गणराज्य की सरकार और मलयेशिया की सरकार के बीच संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर पत्र का आदान-प्रदान (ईओएल)
- भारत गणराज्य की सरकार और मलयेशिया की सरकार के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग पर नोट का आदान-प्रदान (ईओएन)
- अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस (आईबीसीए) पर ढांचागत समझौता
- कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), भारत गणराज्य और सामाजिक सुरक्षा संगठन (पीईआरकेईएसओ) मलयेशिया के बीच में बीमित व्यक्तियों के रूप में भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और गतिविधियों पर सहयोग ज्ञापन (एमओसी)
- भारत गणराज्य की सरकार और मलयेशिया की सरकार के बीच व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) में सहयोग पर नोट का आदान-प्रदान (ईओएन)
- भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मलयेशिया के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के बीच सुरक्षा सहयोग पर नोट का आदान-प्रदान (ईओएन)
- भारत गणराज्य की सरकार और मलयेशिया की सरकार के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग पर नोट का आदान-प्रदान (ईओएन)
- 10वें मलेशिया-भारत सीईओ फोरम की रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण
भारत और मलयेशिया के बीच अहम घोषणाएं
- मलयेशिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास की स्थापना
- यूनिवर्सिटी मलाया, कुआलालंपुर में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना
- मलयेशियाई नागरिकों के लिए तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति संस्थान
- एनआईपीएल और पेनेट एसडीएन बीएचडी के बीच सीमा पार भुगतान पर समझौता
- साइबरजाया विश्वविद्यालय (यूओसी) और आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) के बीच शैक्षणिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
भारतीय समुदाय से सीधा संवाद
विदेश मंत्रालय के सचिव प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कुआलालंपुर आगमन पर भव्य सांस्कृतिक तरीके से उनका स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने साथ मिलकर एमआईएनईएस इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में मलयेशिया में भारतीय समुदाय के इतिहास पर प्रदर्शनी और करीब 800 स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल रहीं, जिसने साझा सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया। एक ही स्थान पर इतने कलाकारों द्वारा भारतीय नृत्य प्रस्तुत करने का रिकॉर्ड मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने की भी जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री @narendramodi की मलेशिया की आधिकारिक यात्रा के 16 मुख्य परिणाम ⬇️ pic.twitter.com/qz1l2ZLF3b
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) February 8, 2026
समझौते और सहयोग के नए क्षेत्र
पी. कुमारन ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, सुरक्षा, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा, आपदा प्रबंधन और ऑडियो-विजुअल सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापन और समझौते हुए। भ्रष्टाचार से निपटने के लिए मलयेशिया की एंटी-करप्शन एजेंसी और भारत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
शिक्षा, संस्कृति और प्रवासी भारतीय
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में थिरुवल्लुवर सेंटर की स्थापना और मलयेशियाई विद्वानों के लिए थिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप की घोषणा की। भारतीय समुदाय की सेवाओं को मजबूत करने के लिए मलयेशिया में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने का भी एलान किया गया। करीब 29 लाख भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच 'जीवंत सेतु' बताया गया। 2025 में 14 लाख भारतीय पर्यटक मलयेशिया गए, जबकि तीन लाख मलयेशियाई पर्यटकों ने भारत की यात्रा की, जिससे मलयेशिया आसियान क्षेत्र से भारत आने वाले पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत बना।
यह भी पढ़ें - Epstein files: 'जेफरी एपस्टीन से कभी नहीं मिले दलाई लामा', कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से किया खारिज
रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला
वहीं दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की। सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त अभ्यासों के साथ-साथ रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड सहित कई भारतीय कंपनियां मलयेशिया में सक्रिय हैं। आतंकवाद पर प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक कहा कि कोई समझौता नहीं होगा और दोहरे मानदंड स्वीकार नहीं किए जाएंगे। दोनों देशों के बीच आतंकवाद से मुकाबला पर संयुक्त कार्य समूह और सुरक्षा संवाद लगातार चल रहे हैं।
डिजिटल भुगतान और कनेक्टिविटी
विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट), पी. कुमारन ने आगे कहा कि क्रॉस-बॉर्डर क्यूआर आधारित भुगतान और यूपीआई लिंक पर काम जारी है। इससे पर्यटकों, कामगारों और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। हवाई संपर्क बढ़ाने और नए रूट खोलने पर भी सहमति बनी है। प्रधानमंत्री ने आसियान के साथ सहयोग, भारत की एक्ट ईस्ट नीति, इंडो-पैसिफिक विजन और ब्रिक्स में मलयेशिया की भागीदारी का भी जिक्र किया और भविष्य में संबंध और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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