सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   NASA Artemis-II Launch Update Hindi Humanity Biggest Moon Mission in 54 Years

54 साल बाद फिर चांद की उड़ान: नासा का आर्टेमिस-II मिशन लॉन्च; 10 दिन तक चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे एस्ट्रोनॉट

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Shivam Garg Updated Thu, 02 Apr 2026 04:13 AM IST
विज्ञापन
सार

करीब 50 साल बाद इंसान फिर से चांद की तरफ जा रहा है। नासा के आर्टेमिस-II मिशन की सफल लॉन्चिंग हो गई है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री, रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन, ओरियन कैप्सूल में बैठकर उड़ान भर चुके हैं।

NASA Artemis-II Launch Update Hindi Humanity Biggest Moon Mission in 54 Years
नासा का आर्टेमिस-II मिशन लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

Trending Videos

करीब 54 साल बाद इंसान एक बार फिर चांद की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पहला मानव मिशन आर्टेमिस-II भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ। इस मिशन में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और जेरेमी हैनसेन सवार हैं, जिन्हें एसएलएस रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। यह 10 दिन की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से करीब 4.06 लाख किलोमीटर दूर तक ले जाएगी, जो अब तक की सबसे लंबी मानव अंतरिक्ष यात्रा मानी जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आर्टेमिस-II मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब तक जाएंगे, लेकिन वहां उतरेंगे नहीं। यह एक परीक्षण मिशन है, जिसका उद्देश्य भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए जरूरी तकनीक और क्षमताओं को परखना है। पूरा मिशन करीब 10 दिनों में पूरा होगा और अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे।

नासा ने लॉन्च से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों को इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने का न्योता दिया है। एजेंसी ने कहा कि यह मिशन इंसानों को चांद और आगे मंगल ग्रह तक बसाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
 

10 दिन की यात्रा पर चांद के चारों तस्क भ्रमण करेंगे 4 अंतरिक्ष यात्री
नासा का आर्टेमिस-II मिशन चांद की परिक्रमा से कहीं आगे की कहानी है। यह पहली बार डीप स्पेस में मानव शरीर की वास्तविक परीक्षा लेने जा रहा है। चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सुरक्षा सीमा से बाहर जाकर कॉस्मिक रेडिएशन और अंतरिक्षीय परिस्थितियों का सामना करेंगे, जहां उनके शरीर में होने वाले हर बदलाव को रिकॉर्ड किया जाएगा। 50 साल बाद इंसानों की यह यात्रा सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए निर्णायक वैज्ञानिक प्रयोग भी है।

नासा के अनुसार आर्टेमिस-II, मिशन चार अंतरिक्ष कत्रियों को लगभग 10 दिन की यात्रा पर चांद के चारों ओर ले जाएगा। 1972 के बाद पहली बार इंसान पृथ्वी के मैनेटिक फोल्ड से बाहर जाएगा और यह दूरी अब तक की किसी भी मानव अंतरिक्ष यात्रा से अधिक हो सकती है। यह मिशन आर्टेमिस प्रोग्राम की उस श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चांद पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना है। यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।

ये भी पढ़ें:- अमेरिका का मिशन चांद: 54 साल बाद चार अंतरिक्ष यात्री रच सकते हैं इतिहास, क्या और कैसी है तैयारी, जानें सबकुछ

चिप के जरिये होगा शरीर में बदलावों का विश्लेषण

इस मिशन का सबसे उन्नत प्रयोग ऑर्गन ऑन-ए-चिप तकनीक है। प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री के रक्त से प्राप्त कोशिकाओं को माइक्रोचिप पर विकसित किया जाएगा। एक चिप अंतरिक्ष में जाएगी और दूसरी पृथ्वी पर रहेगी। मिशन के बाद तुलना कर यह देखा जाएगा कि डीएनए डैमेज, टेलीमीयर लंबाई और अन्ने जैविक संकेतकों में कितना अंतर आया। यह पहली बार होगा जब ऐसो प्रयोग लो-अर्थ ऑर्बिट से बाहर किया जा रहा है। इस तकनीक का सबसे बड़ा महत्त्व भविष्य में सामने आएगा, जब नासा किसी भी संभावित अंतरिक्ष यात्री के शरीर पर डीप स्पेस के प्रभावों का पहले से अनुमान लगा सकेगा। यानी अंतरिक्ष यात्रा से पहले ही जोखिम का आकलन संभव होगा।

कितनी बार टाली जा चुकी है आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग?
आर्टेमिस-2 मिशन की लॉन्चिंग की तारीखों में हाल ही में कुछ बदलाव किए गए हैं। मूल रूप से इस मिशन को फरवरी 2026 (6 से 8 फरवरी के बीच) में लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन रॉकेट में ईंधन भरने के परीक्षणों के दौरान आई कुछ समस्याओं के कारण नासा को इसकी लॉन्चिंग टालनी पड़ी। इसके बाद नासा ने मार्च (6 से 9 मार्च और 11 मार्च) के लिए भी संभावित लॉन्च विंडो तय की थी, लेकिन मिशन उन तारीखों पर उड़ान नहीं भर सका। 

लगातार परीक्षणों और तैयारियों के बाद अब नासा इस ऐतिहासिक मिशन को 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। 1 अप्रैल की शाम को इसे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जा सकता है। जिस वक्त आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग होगी, भारत में 2 अप्रैल को सुबह होगी। इस बीच अगर मौसम या किसी अन्य तकनीकी कारण से 1 अप्रैल को लॉन्चिंग संभव नहीं हो पाती है, तो नासा के पास अप्रैल में ही कुछ अन्य बैकअप तारीखें मौजूद हैं, जिनमें 3 से 6 अप्रैल और 30 अप्रैल शामिल हैं। कुल मिलाकर, नासा अब अप्रैल 2026 में ही इस मिशन को अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed