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कौन हैं अनिल मेनन?: भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री आज ISS के लिए भरेंगे उड़ान; जानें क्या है मिशन
Tue, 14 Jul 2026 12:49 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:49 AM IST
सार
भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को रूस के बैकोनूर केंद्र से आठ महीने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे। आईएसएस पर वह मानव शरीर, चिकित्सा तकनीक और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े कई अहम प्रयोग करेंगे। पढ़िए रिपोर्ट-
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भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना होंगे। वह कजाखस्तान के बैकोनूर अंतरिक्ष केंद्र से दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ आठ महीने के मिशन पर जाएंगे।
रूस का रोस्कोस्मोस सोयूज एमएस-29 अंतरिक्ष यान मंगलवार रात 8 बजकर 17 मिनट (भारतीय समयानुसार) पर बैकोनूर अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा। उड़ान भरने के करीब तीन घंटे बाद यान अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचकर उनसे जुड़ने की उम्मीद है। अनिल मेनन के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी आईएसएस के 75वें अभियान का हिस्सा होंगे।
सोयूज यान मंगलवार रात 11 बजकर 56 मिनट पर अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा। इसके बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री बुधवार तड़के करीब 1 बजकर 25 मिनट पर आईएसएस में प्रवेश करेंगे।
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आईएसएस पर किन अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रहेंगे मेनन?
अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने के बाद मेनन और उनके साथी नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव, सर्गेई मिकाएव और आंद्रे फेद्याएव के साथ जुड़ जाएंगे।
कौन हैं अनिल मेनन?
नासा और स्पेसएक्स में कब शुरू हुआ करियर?
मेनन ने 2014 में नासा में फ्लाइट सर्जन के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के साथ काम किया।
2018 में वह स्पेसएक्स से जुड़े। वहां उन्होंने कंपनी का चिकित्सा कार्यक्रम शुरू किया, पहली मानव अंतरिक्ष उड़ानों की तैयारी में मदद की और चांद, मंगल और उससे आगे के अभियानों के लिए बनाए जा रहे स्टारशिप रॉकेट और अंतरिक्ष यान के विकास में योगदान दिया। दिसंबर 2021 में उनका चयन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ। इसके बाद उन्होंने दो साल के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ये भी पढ़ें: होर्मुज पर ट्रंप का नया पैंतरा; कहा- अमेरिका बनेगा संरक्षक, जहाजों से वसूलेंगे 20 फीसदी शुल्क
पत्नी भी हैं अंतरिक्ष यात्री
अनिल मेनन की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में स्पेसएक्स के निजी मानव अंतरिक्ष मिशन पोलारिस डॉन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। यह मिशन करीब पांच दिन तक चला था।
अंतरिक्ष में कौन-कौन से प्रयोग करेंगे?
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रूस का रोस्कोस्मोस सोयूज एमएस-29 अंतरिक्ष यान मंगलवार रात 8 बजकर 17 मिनट (भारतीय समयानुसार) पर बैकोनूर अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा। उड़ान भरने के करीब तीन घंटे बाद यान अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचकर उनसे जुड़ने की उम्मीद है। अनिल मेनन के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी आईएसएस के 75वें अभियान का हिस्सा होंगे।
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सोयूज यान मंगलवार रात 11 बजकर 56 मिनट पर अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा। इसके बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री बुधवार तड़के करीब 1 बजकर 25 मिनट पर आईएसएस में प्रवेश करेंगे।
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आईएसएस पर किन अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रहेंगे मेनन?
अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने के बाद मेनन और उनके साथी नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव, सर्गेई मिकाएव और आंद्रे फेद्याएव के साथ जुड़ जाएंगे।
कौन हैं अनिल मेनन?
- अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ था। उनके माता-पिता यूक्रेन और भारत से जाकर अमेरिका में बसे थे। मेनन आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ हैं और अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल के पद पर हैं।
- अमेरिकी वायुसेना में काम करने के दौरान उन्होंने अफगानिस्तान में ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम के दौरान अग्रिम मोर्चे पर सेवा दी थी।
- उन्होंने हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों का इलाज किया।
- 49 वर्षीय मेनन ने भारत में भी एक साल बिताया है। वह रोटरी एंबेसडोरियल स्कॉलर के रूप में भारत आए थे, जहां उन्होंने पोलियो टीकाकरण अभियान का अध्ययन और समर्थन किया।
नासा और स्पेसएक्स में कब शुरू हुआ करियर?
मेनन ने 2014 में नासा में फ्लाइट सर्जन के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के साथ काम किया।
2018 में वह स्पेसएक्स से जुड़े। वहां उन्होंने कंपनी का चिकित्सा कार्यक्रम शुरू किया, पहली मानव अंतरिक्ष उड़ानों की तैयारी में मदद की और चांद, मंगल और उससे आगे के अभियानों के लिए बनाए जा रहे स्टारशिप रॉकेट और अंतरिक्ष यान के विकास में योगदान दिया। दिसंबर 2021 में उनका चयन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ। इसके बाद उन्होंने दो साल के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ये भी पढ़ें: होर्मुज पर ट्रंप का नया पैंतरा; कहा- अमेरिका बनेगा संरक्षक, जहाजों से वसूलेंगे 20 फीसदी शुल्क
पत्नी भी हैं अंतरिक्ष यात्री
अनिल मेनन की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में स्पेसएक्स के निजी मानव अंतरिक्ष मिशन पोलारिस डॉन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। यह मिशन करीब पांच दिन तक चला था।
अंतरिक्ष में कौन-कौन से प्रयोग करेंगे?
- आईएसएस पर मेनन लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेंगे। वह यह भी जांच करेंगे कि कम गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों के रक्त प्रवाह, नसों की संरचना और रक्त की बनावट पर क्या असर पड़ता है।
- वह अंतरिक्ष स्टेशन के पीने वाले पानी से नसों में चढ़ाने वाले तरल पदार्थ बनाने की तकनीक का परीक्षण करने में भी मदद करेंगे। भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों में यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां चिकित्सा सामग्री सीमित होगी।
- मेनन अंतरिक्ष में सेमीकंडक्टर क्रिस्टल बनाने की तकनीक को बेहतर बनाने पर भी शोध करेंगे। इससे भविष्य में उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बेहतर चिकित्सा उपकरणों के लिए जरूरी हिस्सों का बड़े पैमाने पर निर्माण संभव हो सकता है।
- वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीक की मदद से अल्ट्रासाउंड जांच भी करेंगे। इससे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में धरती से चिकित्सा सहायता की जरूरत कम हो सकती है।