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नेपाल: बालेंद्र शाह सरकार का बड़ा फैसला, खत्म कीं 1500 से अधिक नियुक्तियां; खाली हुए कई सरकारी पद
Sun, 03 May 2026 02:37 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 03 May 2026 02:37 PM IST
सार
नेपाल सरकार ने 1,500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं, जिन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया गया है। यह कदम राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के अध्यादेश के बाद उठाया गया। इससे कई सरकारी संस्थानों में पद खाली हो गए हैं और कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है। पढ़िए रिपोर्ट-
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नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
नेपाल की नई बालेंद्र शाह सरकार ने 1,500 से अधिक सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इन नियुक्तियों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की ओर से जारी एक अध्यादेश के बाद यह कदम उठाया गया है। अध्यादेश को मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर लागू किया गया। ये सभी नियुक्तियां 26 मार्च से पहले की गई थीं, यानी देश में नेतृत्व परिवर्तन से पहले।
काठमांडू पोस्ट ने बताया कि इस अध्यादेश से 1,594 लोगों की नियुक्तियां समाप्त कर दी गई हैं। कई सरकारी पद खाली हो गए हैं। यह फैसला सार्वजनिक पदाधिकारियों को हटाने से संबंधित विशेष प्रावधान के तहत लिया गया है।
जेन-जी प्रदर्शनों के बाद हुआ सत्ता परिवर्तन
रिपोर्ट के अनुसार, बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने कहा कि यह कदम पिछली सरकारों में की गई रानजीतिक नियुक्तियों को खत्म करने के लिए उठाया गया है। इससे पहले सितंबर 2025 के जेन-जी प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक परिवर्तन हुआ था और बाद में अंतरिम सरकार बनी थी। अंतरिम सरकार का नेतृत्व देश के पहली महिला चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने किया था।
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कई सरकारी संस्थानों पर लागू हुआ अध्यादेश
माय रिपब्लिका ने बताया कि यह आदेश कई सरकारी संस्थानों पर लागू हुआ है। इनमें नेपाल विद्युत प्राधिकरण, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, बीपी कोइराला चिकित्सा विज्ञान संस्थान, नेपाल एयरलाइंस निगम और गोरखापात्र संस्थान शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: नौसेना प्रमुख का म्यांमार दौरा: गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत, यूएमएस क्यान सित थार का किया निरीक्षण
सरकारी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका
इस फैसले से संभावना जताई जा रही है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं पर असर पड़ेगा, क्योंकि कई जगहों पर नेतृत्व और हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी नहीं हैं। सरकार ने अभी तक नई नियुक्तियों के लिए कोई स्पष्ट समय या प्रक्रिया नहीं बताई है।
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काठमांडू पोस्ट ने बताया कि इस अध्यादेश से 1,594 लोगों की नियुक्तियां समाप्त कर दी गई हैं। कई सरकारी पद खाली हो गए हैं। यह फैसला सार्वजनिक पदाधिकारियों को हटाने से संबंधित विशेष प्रावधान के तहत लिया गया है।
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जेन-जी प्रदर्शनों के बाद हुआ सत्ता परिवर्तन
रिपोर्ट के अनुसार, बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने कहा कि यह कदम पिछली सरकारों में की गई रानजीतिक नियुक्तियों को खत्म करने के लिए उठाया गया है। इससे पहले सितंबर 2025 के जेन-जी प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक परिवर्तन हुआ था और बाद में अंतरिम सरकार बनी थी। अंतरिम सरकार का नेतृत्व देश के पहली महिला चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने किया था।
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कई सरकारी संस्थानों पर लागू हुआ अध्यादेश
माय रिपब्लिका ने बताया कि यह आदेश कई सरकारी संस्थानों पर लागू हुआ है। इनमें नेपाल विद्युत प्राधिकरण, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, बीपी कोइराला चिकित्सा विज्ञान संस्थान, नेपाल एयरलाइंस निगम और गोरखापात्र संस्थान शामिल हैं।
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सरकारी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका
इस फैसले से संभावना जताई जा रही है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं पर असर पड़ेगा, क्योंकि कई जगहों पर नेतृत्व और हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी नहीं हैं। सरकार ने अभी तक नई नियुक्तियों के लिए कोई स्पष्ट समय या प्रक्रिया नहीं बताई है।