Epstein Files: एपस्टीन ईमेल लीक से नॉर्वे के शाही परिवार में हलचल, क्राउन प्रिंसेस के नाम का हजार बार जिक्र
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए लीक दस्तावेजों में नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारित का नाम करीब एक हजार बार सामने आया है। ईमेल रिकॉर्ड में निजी बातचीत और ठहरने के जिक्र हैं। पूर्व प्रधानमंत्री थोर्ब्योर्न जगलैंड पर भी उपहार और यात्रा लाभ लेने की जांच शुरू हुई है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं।
विस्तार
अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इन फाइलों में नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारित का नाम बड़ी संख्या में सामने आया है। लीक हुए ईमेल रिकॉर्ड में उनका नाम करीब एक हजार बार दर्ज बताया गया है। मामला सामने आने के बाद नॉर्वे में राजनीतिक और शाही हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
जनवरी में जारी नए एपस्टीन दस्तावेजों में कई हाई प्रोफाइल नाम भी शामिल हैं। इन्हीं रिकॉर्ड में क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारित और जेफ्री एपस्टीन के बीच ईमेल बातचीत का भी जिक्र है। ईमेल साल 2012 और 2013 के बताए गए हैं। इन संदेशों में निजी बातचीत, आपसी संबोधन और मुलाकात से जुड़े संदर्भ दर्ज हैं। दस्तावेज सामने आने के बाद क्राउन प्रिंसेस के पुराने संबंधों पर फिर से बहस शुरू हो गई है।
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ईमेल बातचीत के अंश आए सामने
लीक ईमेल के मुताबिक 2012 में हुई बातचीत में मेटे-मारित ने एपस्टीन से निजी विषयों पर सवाल पूछे थे। कुछ मेल में उन्होंने एपस्टीन के लिएनस्वीटहार्ट, सॉफ्ट हार्टेड और वेरी चार्मिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जवाब में एपस्टीन ने उन्हें निजी मामलों से दूर रहने की सलाह दी थी। एक अन्य ईमेल में एपस्टीन ने खुद को वाइफ हंट पर बताया और स्कैंडिनेवियाई महिलाओं को प्राथमिकता की बात लिखी। जवाब में क्राउन प्रिंसेस ने भी टिप्पणी की थी।
फ्लोरिडा प्रॉपर्टी में ठहरने का भी जिक्र
दस्तावेजों में 2013 की ईमेल श्रृंखला का भी उल्लेख है, जिसमें मेटे-मारित के फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित एपस्टीन की एक संपत्ति में कुछ दिनों के ठहरने की बात दर्ज है। यह व्यवस्था एक साझा परिचित के जरिये हुई बताई गई। इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद नॉर्वे के मीडिया और नागरिक समूहों ने स्पष्टीकरण की मांग तेज कर दी है।
क्राउन प्रिंसेस ने जताया पछतावा
क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारित पहले भी एपस्टीन से संपर्क को लेकर खेद जता चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें एपस्टीन की पृष्ठभूमि को और गहराई से जांचना चाहिए था। उन्होंने माना कि यह उनका गलत आकलन था और किसी भी तरह का संपर्क रखना शर्मिंदगी की बात है। उन्होंने शाही परिवार, खासकर राजा और रानी को असुविधा में डालने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।
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पूर्व प्रधानमंत्री जगलैंड पर भी जांच
इन दस्तावेजों में नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोर्ब्योर्न जगलैंड का नाम भी सामने आया है। आर्थिक अपराध जांच सेवा यह देख रही है कि क्या उन्होंने एपस्टीन से कोई उपहार, यात्रा सुविधा या ऋण लिया था। रिकॉर्ड में 2014 में उनके परिवार सहित एपस्टीन आइलैंड जाने का उल्लेख भी है। उस समय वे नोबेल कमेटी के अध्यक्ष पद पर थे। जांच एजेंसियां अब तथ्यों की पुष्टि में जुटी हैं।
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