भ्रष्टाचार के एक मामले में पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देश की एक अदालत ने शनिवार को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। सनाउल्लाह पर रिश्वत के रूप में दो संपत्तियां हासिल करने का आरोप है। इस मामले में उन्हें बार-बार सम्मन जारी किए गए लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए थे।
कल्लार कहार इलाके में दो संपत्तियों के रूप में रिश्वत लेने का आरोप
रावलपिंडी की एक अदालत के वरिष्ठ दीवानी न्यायधीश गुलाम अकबर ने आदेश जारी कर कहा, "अदालत ने महसूस किया है कि सनाउल्लाह की गिरफ्तारी उस मामले की जांच के लिए जरूरी है, जो पंजाब के चकवाल जिले के कल्लार कहार इलाके में दो संपत्तियों के रूप में दी गई रिश्वत से जुड़ा है।"
कोर्ट ने कहा- प्राथमिकी में सनाउल्लाह नामजद, इसलिए जारी कर रहे वारंट
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राना सनाउल्लाह खान
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आदेश में कहा गया है कि 67 वर्षीय सनाउल्लाह को प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में नामजद किया गया था और मामले में उनकी गिरफ्तारी जरूरी है, इसलिए आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाता है। इसमें कहा गया है कि रिकॉर्ड बताते हैं कि जांच अधिकारी के तर्क असली हैं, इसलिए इसे न्याय के हित में स्वीकार किया जाता है और आरोपी राणा सनाउल्ला ह के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है।
भ्रष्टाचार विरोधी जांच में पेश नहीं हुए सनाउल्लाह
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Corruption
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पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब के भ्रष्टाचार निरोधक प्रतिष्ठान (एसीई) ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि वारंट इसलिए जारी किया गया है क्योंकि कई बार तलब किए जाने के बाद भी सनाउल्लाह भ्रष्टाचार के खिलाफ मामले की जांच में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि जांच के लिए मंत्री को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश जारी किया गया है।
निर्धारित दर से कम कीमत पर फार्म हाउस खरीदने का आरोप
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पाकिस्तान आर्थिक संकट
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सनाउल्लाह पर लगे आरोपों की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि मंत्री पर कल्लार कहार में बिस्मिल्ला आवास योजना के तहत निर्धारित दर से कम कीमत पर दो फार्म हाउस खरीदने का आरोप लगाया गया है। दोनों प्लॉट सनाउल्ला की पत्नी को रिश्वत के तौर पर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सोसायटी के मालिक अखलाक अहमद पर भी मामला दर्ज किया गया है। उन पर सनाउल्ला की सोसायटी का पंजीकरण कराने के लिए एक भूखंड के साथ ही रिश्वत देने का मामला दर्ज किया गया।