Pakistan Economy crisis: पाकिस्तानियों का अपनी मुद्रा में टूटा भरोसा, रुपया अब किसी काम का नहीं!
Pakistan Economy crisis: अर्थशास्त्रियों को अंदेशा है कि पाकिस्तान सितंबर 2023 से पहले डिफॉल्ट करने को मजबूर हो जाएगा। उसके बाद देश के लिए जरूरी चीजों का आयात करना भी मुश्किल हो जाएगा। इससे और भी ज्यादा संख्या में कारखाने बंद होने लगेंगे...
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पाकिस्तान में महंगाई की ऊंची दर और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती की कीमत के कारण देशवासियों का अपनी मुद्रा में भरोसा टूट गया है। बीते महीने में पाकिस्तान में मुद्रास्फीति की दर तकरीबन 38 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस हाल को देखते हुए देश में जिन लोगों के पास पैसा है, वे तेजी सोने और अमेरिकी डॉलर की खरीदारी कर रहे हैं। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज मिलने की उम्मीद टूटने के बाद निकट भविष्य में आर्थिक स्थितियों में सुधार की संभावना खत्म हो गई है। इस कारण सोने और डॉलर की खरीदारी बढ़ गई है।
एए गोल्ड कॉमोडिटीज नाम की कंपनी के निदेशक अदनान अगर ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि आईएमएफ से ऋण ना मिलने की स्थिति में निवेशकों की प्राथमिकता सोने और डॉलर में निवेश करने में बनी रहेगी। या फिर वे शेयर बाजार में पैसा लगाएंगे। पिछले हफ्ते पाकिस्तान सरकार ने स्वीकार किया था कि अब उसे आईएमएफ से मंजूर हुए 6.5 बिलियन डॉलर का कर्ज मिलने की उम्मीद नहीं है। इस ऋण के जारी होने के लिए पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच शर्तों पर सहमति बनने लिए समयसीमा 30 जून है, लेकिन अब ऐसा हो पाने की संभावना बहुत कम है।
आईएमएफ से ऋण न मिलने का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर हुआ है। देश में उद्योगों के बंद होने का सिलसिला जारी है और इस कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। इससे लोगों की चिंता बढ़ रही है। ऐसी हालत में जिन लोगों के पास पैसा है, वे गंभीरता से अपने निवेश के विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं। अदनान अगर ने कहा कि ऐसी स्थितियों में लोग हमेशा ही अमेरिकी डॉलर में निवेश करते हैं। लेकिन इस समय पाकिस्तान में डॉलर की किल्लत है, इसलिए लोग सोने की खरीदारी कर रहे हैं।
अर्थशास्त्रियों को अंदेशा है कि पाकिस्तान सितंबर 2023 से पहले डिफॉल्ट करने को मजबूर हो जाएगा। उसके बाद देश के लिए जरूरी चीजों का आयात करना भी मुश्किल हो जाएगा। इससे और भी ज्यादा संख्या में कारखाने बंद होने लगेंगे। इस बीच जानकारों का कहना है कि सोने में निवेश में लाभ बढ़ गया है। साल 2022 में सोने में निवेश पर सबसे ज्यादा लाभ मिला। इसमें 41 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। इस समय सोने का भाव दुनिया भर में चढ़ा हुआ है। इसलिए सोने में निवेश पाकिस्तान में भी यह लोगों की प्राथमिकता बना हुआ है।
जानकारों ने अनुमान लगाया है कि 30 जून को आईएमएफ के ऋण प्रोग्राम की वर्तमान समयसीमा पूरी होने के बाद पाकिस्तानी रुपये की कीमत में भारी अवमूल्यन होगा। तब प्रति डॉलर 300 रुपये से भी ज्यादा का हो सकता है। अभी एक डॉलर 285 रुपये का है। जानकारों के मुताबिक अगर पाकिस्तान ने डिफॉल्ट किया, तो एक डॉलर 340 से 350 रुपये तक का हो जा सकता है। मार्केट एजेंसी ताउरस सिक्युरिटीज ने अनुमान लगाया है कि इस महीने के अंत तक एक डॉलर 295 रुपये का हो जाएगा। इस हाल में रुपये को रखना सबको नुकसान का सौदा लग रहा है और लोगों में सोना और डॉलर खरीदने की होड़ लगी हुई है।

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