सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan issues first-ever Panda bond in China to raise USD 250 million

कर्ज जाल में फंसा PAK: अब पैसे जुटाने का तरीका बदला; चीन के पूंजी बाजार में पहली बार जारी किया पांडा बॉन्ड

पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 15 May 2026 01:24 PM IST
विज्ञापन
सार

गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को एक बार फिर चीन का सहारा मिला है। पाकिस्तान ने चीन के पूंजी बाजार में पहली बार पांडा बॉन्ड जारी कर 25 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-

Pakistan issues first-ever Panda bond in China to raise USD 250 million
कंगाल पाकिस्तान को चीन का सहारा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार

आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान अब कर्ज जाल में बुरी तरह फंस गया है। एक बार फिर वह पैसे जुटाने के लिए वह अपने सदाबहार मित्र चीन के पास पहुंचा है। हालांकि, इस बार उसका पैसे जुटाने का तरीका बदल गया है। दरअसल, पाकिस्तान ने पहली बार चीन के घरेलू पूंजी बाजार में पांडा बॉन्ड जारी किया है और 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। इसके साथ ही उसका चीन के पूंजी बाजार में औपचारिक रूप से प्रवेश हो गया है। 
Trending Videos


पांडा बॉन्ड क्या है?
पांडा बॉन्ड चीन की मुद्रा रेनमिनबी (आरएमबी) में जारी किया जाता है। इसे कोई विदेशी संस्था, संप्रभु सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठन या बहुराष्ट्रीय कंपनी चीन के घरेलू पूंजी बाजार में बेचती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने क्या कहा?
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने गुरुवार को बताया कि इस बॉन्ड पर 2.5 प्रतिशत ब्याज दर रखी गई है। इसकी अवधि तीन साल की है।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह पहला पांडा बॉन्ड तीन साल की निश्चित ब्याज दर वाला वित्तीय साधन है। यह चीन के घरेलू पूंजी बाजार में पाकिस्तान का पहला रिनमिनबी आधारित सरकारी बॉन्ड है। जिओ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने अंतराष्ट्रीय निवेशकों की नजरों के बीच पाकिस्तान ने 75 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए यूरो बॉन्ड जारी किया था। 

सऊदी से पैसे लिए और यूएई को लौटाए
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद को सऊदी अरब से अतिरिक्त तीन अरब डॉलर की जमा राशि भी मिली और उसने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.4 अरब डॉलर लौटाए। इसके अलावा, पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से भी 1.3 अरब डॉलर की आर्थिक मदद मिली है।

वित्त मंत्रालय के सलाहकार ने क्या कहा?
यह घटनाक्रम वित्त मंत्री औरंगजेब के चीन रवाना होने के एक दिन बाद सामने आया, जहां वह पाकिस्तान के पहले पांडा बॉन्ड जारी करने के समारोह में शामिल होने गए थे। एक बयान में खुर्रम शहजाद ने कहा कि 1.75 अरब आरएमबी (करीब 25 करोड़ डॉलर) के इस पांडा बॉन्ड को निवेशकों की जबरदस्त मांग मिली। इसके लिए 8.8 अरब आरएमबी (लगभग 1.26 अरब डॉलर) से अधिक की बोली लगी, जिससे यह पांच गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ।

ये भी पढ़ें: व्यापार संबंधों में नया मोड़: राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- चीन 200 बोइंग जेट खरीदेगा, खबर के बाद शेयर 4% गिरे

बयान में कहा गया कि पहले चरण की मांग ही पाकिस्तान के पूरे प्रस्तावित पांडा बॉन्ड कार्यक्रम 7.2 अरब आरएमबी (करीब 1 अरब डॉलर) से ज्यादा रही। यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सुधार कार्यक्रमों पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाता है। सलाहकार ने कहा कि यह केवल वित्त जुटाने का सौदा नहीं है, बल्कि इससे पाकिस्तान ने चीन के पूंजी बाजार में प्रवेश किया है और दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि पांडा बॉन्ड की सफलता से वैश्विक निवेशकों को यह मजबूत संदेश गया है कि पाकिस्तान की आर्थिक सुधार प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। बयान में यह भी कहा गया कि इस बॉन्ड जारी करने में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एएआईबी) का सहयोग मिला है।

अन्य वीडियो-

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed