मंदिर पर हमला: पाक सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, भारत ने राजनयिक को किया तलब
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उपद्रवियों को अचानक मंदिर के अंदर लाठी-डंडे के साथ घुसते देखा जा सकता है। भीड़ ने मंदिर के अंदर तोड़फोड़ की और मंदिर के कांच तक तोड़ दिए, जिनके पीछे मूर्तियां थीं।
विस्तार
पाकिस्तान में एक बार फिर से मंदिर को निशाना बनाया गया है। मामला पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले के भोंग शरीफ गांव का है, जहां सिद्धिविनायक मंदिर में बुधवार शाम जमकर तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। अब ताजा जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान में लिया है। उन्होंने मामले को शुक्रवार छह अगस्त को ही सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि उपद्रवी अचानक मंदिर के अंदर लाठी-डंडे के साथ घुसते हैं और तोड़फोड़ शुरू कर देते हैं। बेकाबू भीड़ ने मंदिर के कांच तक तोड़ दिए, जिनके पीछे मूर्तियां रखी हुई थीं। उपद्रवियों ने मंदिर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है। घटना के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस बल को तैनात कर मामले की जांच कर रही है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : इमरान के विशेष सहायक
इस बीच पीएम इमरान खान के स्पेशल असिस्टेंट डॉ. शहबाज गिल ने ट्वीट कर कहा कि बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस अप्रिय घटना का संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। हम आवाम को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पाकिस्तानी संविधान अल्पसंख्यकों को उनकी पूजा को स्वतंत्र रूप से करने की स्वतंत्रता और सुरक्षा प्रदान करता है।
It is very sad & unfortunate incident. PM office took notice of this untoward incident & directed district administration to probe the case & take strict action against the culprits.Pakistani constitution provides freedom & protection to minorities to perform their worship freely https://t.co/RuLOe69VSb
— Dr. Shahbaz GiLL (@SHABAZGIL) August 4, 2021
आए दिन होती हैं ऐसी घटनाएं
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सौ से अधिक लोगों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी थी। घटना करक जिले के टेरी गांव की थी, जहां स्थानीय मौलवियों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर को नष्ट कर दिया था। इस मामले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
भारत ने राजनयिक को तलब किया
भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहीम यार खान में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में पाकिस्तानी राजनयिक को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की धर्म की स्वतंत्रता पर लगातार हमलों पर पाकिस्तानी राजनयिक को अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की।
बागची ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तानी राजनयिक को गुरुवार दोपहर तलब किया गया था और इस निंदनीय घटना और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों और उनके धार्मिक पूजा स्थलों की धार्मिक स्वतंत्रता पर लगातार हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू मंदिर पर हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुलजार अहमद ने स्वत: संज्ञान लिया है। एक बयान में कहा गया है कि शीर्ष न्यायाधीश ने घटना का संज्ञान तब लिया जब पाकिस्तान में हिंदू परिषद के संरक्षक एमएनए डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने गुरुवार को इसंबंध में इस्लामाबाद में उनसे चर्चा की।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने घटना को दुखद बताते हुए गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस्लामाबाद में छह अगस्त (कल) को इस मामले की सुनवाई के लिए लाने के लिए कहा है। पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिरीक्षक को भी मामले की रिपोर्ट के साथ सुनवाई में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बयान में कहा गया है कि डॉ. वांकवानी को भी इस दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है। इस बीच, प्रधान मंत्री इमरान खान ने एक ट्वीट में मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है।