क्या पीएम मोदी ढाका जाएंगे?: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण पर BNP की तैयारियां कैसी, समारोह में किन्हें आमंत्रण?
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ की तैयारियां तेज हैं। बीएनपी नेताओं ने संकेत दिया है कि शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जा सकता है। मोदी ने जीत के बाद रहमान को बधाई दी और फोन पर बातचीत भी की थी।
विस्तार
बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है और बीएनपी की जीत के साथ नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या शपथ ग्रहण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। बीएनपी नेताओं के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है।
#WATCH | Dhaka, Bangladesh: On foreign policy, BNP leader ANM Ehsanul Hoque Milan says, "Friends to all, malice to none..."
विज्ञापनविज्ञापन
On whether South Asian leaders will be invited to the government's swearing-in ceremony, he says, "I don't know exactly what they're doing, but hopefully… pic.twitter.com/nulBb1tkq2 — ANI (@ANI) February 14, 2026
नई सरकार का रास्ता साफ
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान चुनाव में बड़ी जीत के बाद सरकार बनाने जा रहे हैं। करीब दो दशक बाद बीएनपी सत्ता में वापसी कर रही है। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से देश में राजनीतिक अनिश्चितता का दौर चल रहा था। अब चुनाव नतीजों के बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, खासकर हाल के महीनों में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों और शेख हसीना के भारत में रहने के कारण।
क्या पीएम मोदी को जाएगा निमंत्रण?
बीएनपी नेता एएनएम एहसानुल हक मिलन ने कहा है कि शपथ ग्रहण समारोह में दुनिया के नेताओं को बुलाया जाना चाहिए और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सामान्य शिष्टाचार होता है। मिलन ने बीएनपी की विदेश नीति का रुख भी दोहराया और कहा कि पार्टी का सिद्धांत है, सबके साथ दोस्ती और किसी से दुश्मनी नहीं। हालांकि आधिकारिक अतिथि सूची अभी जारी नहीं हुई है।
कैबिनेट गठन की प्रक्रिया शुरू
- शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशिया के नेताओं को आमंत्रण भेजा गया है।
- कई देशों को निमंत्रण पहले ही भेजे जा चुके हैं।
- सप्ताहांत की छुट्टियों के कारण नेताओं की उपस्थिति की पुष्टि में देरी हो सकती है।
- किन-किन देशों के प्रधानमंत्री शामिल होंगे, यह उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
- ज्यादा मेहमानों को देखते हुए स्थान बदला गया है।
- दक्षिण एशियाई देशों के प्रधानमंत्रियों को विशेष निमंत्रण भेजा गया है।
- रविवार तक यह स्पष्ट होगा कि कौन नेता समारोह में शामिल होगा।
- हर देश की ओर से किसी न किसी स्तर का प्रतिनिधि आने की संभावना जताई गई है।
- पार्टी सूत्रों के अनुसार तारिक रहमान ने कैबिनेट गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जीत के बाद मोदी ने दी थी बधाई
बीएनपी की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण एशिया के शुरुआती नेताओं में रहे जिन्होंने तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने संदेश में कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दिखाती है। बाद में दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत भी हुई। मोदी ने बातचीत को सकारात्मक बताया और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि नई ढाका सरकार और भारत के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश होगी।
शेख हसीना की वापसी का मुद्दा भी गरमाया
बीएनपी की जीत के बाद एक बड़ा मुद्दा शेख हसीना के प्रत्यर्पण का भी उठ खड़ा हुआ है। बीएनपी नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि उनकी पार्टी भारत से औपचारिक रूप से मांग करेगी कि शेख हसीना को ढाका भेजा जाए ताकि उन पर मुकदमा चल सके। उन्होंने कहा कि यह मामला दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच उठाया जाएगा। ऐसे में नई सरकार के गठन के साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों का नया अध्याय शुरू होने के साथ कुछ संवेदनशील मुद्दे भी सामने रहेंगे।
राष्ट्रीय हित पहले, सभी से रिश्ते रखेगा बांग्लादेश- बीएनपी नेता
बांग्लादेश में चुनाव जीत के बाद बीएनपी नेतृत्व ने साफ किया है कि नई सरकार की विदेश नीति का केंद्र राष्ट्रीय हित होगा। बीएनपी नेता मोहम्मद इस्माइल जबीउल्लाह और अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा कि सभी देशों से रिश्ते बराबरी, आपसी सम्मान और रणनीतिक स्वायत्तता के आधार पर रखे जाएंगे। भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का संकेत दिया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बधाई पर उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताया है।