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Hindi News ›   World ›   President Mahmoud Abbas major decision Elections be held in Palestine after 20 years when votes will be cast

राष्ट्रपति महमूद अब्बास का बड़ा फैसला: 20 साल बाद फलस्तीन में होंगे चुनाव, जानें कब डाले जाएंगे वोट?

Fri, 10 Jul 2026 12:15 PM IST
Asmita Tripathi एएनआई, यरूशलेम
एएनआई, यरूशलेम Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 10 Jul 2026 12:15 PM IST
सार

राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने फलस्तीनी में चुनाव कराने का एलान किया है। यह 2006 के बाद पहला चुनाव होगा। चुनाव यरुशलम, वेस्ट बैंक और गाजा में प्रस्तावित हैं, लेकिन पूर्वी यरुशलम में मतदान, गाजा की स्थिति और सुरक्षा जैसी चुनौतियां अभी भी इसके सामने बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

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President Mahmoud Abbas major decision Elections be held in Palestine after 20 years when votes will be cast
फलस्तीनी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

फलस्तीनी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने घोषणा की है कि चुनाव इस साल के नवंबर के अंत में आयोजित किए जाएंगे, जो 2006 के बाद पहली बार होंगे। समाचार एजेंसी वफा के अनुसार, राष्ट्रपति अब्बास ने एक अध्यादेश जारी कर शनिवार, 28 नवंबर, 2026 को यरुशलम, वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी सहित सभी फलस्तीनी क्षेत्रों में चुनाव कराने की तारीख निर्धारित की है।

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राष्ट्रपति अब्बास ने क्या कहा? 
 वाफा ने बताया कि राष्ट्रपति ने एक फरमान के माध्यम से फलस्तीनी लोगों से तय तिथि पर फलस्तीनी विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव करने के लिए स्वतंत्र और प्रत्यक्ष चुनावों में भाग लेने का आह्वान किया है।

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फरमान का उद्देश्य क्या है?
इस फरमान का उद्देश्य 'लोकतंत्र की नींव को मजबूत करना और फलस्तीनी राज्य में शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया को पूरा करना है।' अगर मतदान आगे बढ़ता है, तो यह 20 वर्षों में पहली बार होगा। फलस्तीनी क्षेत्र में अंतिम विधायी चुनाव 2006 में हुए थे, जब हमास ने अब्बास की फतह पार्टी को हराकर जीत हासिल की थी, जिसने पहले फलस्तीनी राजनीति पर अपना वर्चस्व कायम रखा था। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस हार के कारण पार्टी में फूट पड़ गई, जिसके वजह 2007 में हमास ने गाजा पर नियंत्रण कर लिया।

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चुनाव से पहले क्या बाधा?
परिणामस्वरूप, फलस्तीनी प्राधिकरण की संसद, फलस्तीनी विधान परिषद (पीएलसी), 2007 से नहीं मिली है। अल जजीरा के अनुसार, प्रस्तावित चुनाव आगे बढ़ने से पहले कई बाधाओं को दूर करना होगा। एक प्रमुख चिंता कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में फलस्तीनियों की भागीदारी है, क्योंकि इस्राइल ने अभी तक इस घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।

2021 में चुनाव रद्द क्यों हुआ?
उस क्षेत्र में मतदान के संबंध में गारंटी प्रदान करने में इस्राइल की विफलता के कारण 2021 में पहले से निर्धारित राष्ट्रपति और विधायी चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इसके अलावा, गाजा में जारी संघर्ष रसद संबंधी महत्वपूर्ण बाधाएं उत्पन्न करता है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल सैन्य अभियान ने गाजा के लगभग 21 लाख निवासियों को आंतरिक रूप से विस्थापित कर दिया है। इसके 90 प्रतिशत से अधिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है। जनसंख्या पंजीकरण को बाधित कर दिया है, जिससे वर्तमान में मतदान कराना असंभव हो गया है।

इसके अतिरिक्त, अल जजीरा ने बताया कि राष्ट्रपति महमूद अब्बास, जो 2005 में चार साल के कार्यकाल के लिए चुने गए थे। वे दो दशकों से अधिक समय से सत्ता में बने हुए हैं। अध्यादेशों के माध्यम से उनके दीर्घकालिक शासन की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा आलोचना की गई है, जिन्होंने भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। हालांकि अब्बास ने पिछले महीने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव अगले साल की शुरुआत में होंगे, लेकिन उन्होंने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या उनका इरादा एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का है।

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