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Russia-Ukraine War: पोलैंड में गिरी मिसाइल का क्या होगा असर, क्या रूस-यूक्रेन युद्ध में और भी देश कूदेंगे?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 16 Nov 2022 05:11 PM IST
सार
वैश्विक स्तर पर पोलैंड में गिरी मिसाइल के असर पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहा है कि आखिर पोलैंड में गिरी मिसाइल कहां से आई? किस देश ने इसे लॉन्च किया है? अब आगे क्या होगा? क्या यूक्रेन-रूस युद्ध का दायरा बढ़ने वाला है? आइए जानते हैं...
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला
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रूस-यूक्रेन युद्ध को नौ महीने होने वाले हैं। इस युद्ध के बीच पोलैंड में गिरी मिसाइल ने दुनिया में हलचल मचा दी है। इस घटना में पोलैंड के दो नागरिकों की मौत हो गई। आनन-फानन में पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने मंत्रिपरिषद की सुरक्षा परिषद समिति की बैठक बुलाई। अमेरिका ने भी हालात पर चिंता जाहिर की है। अमेरिकन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी NATO और G-7 की आपात बैठक बुलाकर इस मामले की चर्चा की।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला
पहले जानिए क्या है पूरा मामला?
पोलैंड सरकार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 15 नवंबर को रूस की ओर से यूक्रेन पर भारी गोलाबारी की गई और सेना ने उसके संरचनात्मक ढांचे को भी तबाह कर दिया। इसी दौरान दोपहर 3.40 बजे दो मिसाइलें पोलैंड के लुबेल्स्की प्रांत के ह्रुबिजोव जिले के प्रेजवोडो गांव पर गिरीं। इसमें पोलैंड के दो नागरिकों की मौत हो गई। ये गांव रूस और यूक्रेन दोनों से सटा हुआ है। पोलैंड के अनुसार, जो मिसाइल गिरी हैं, वो रूस निर्मित हैं। यही कारण है कि इस घटना के तुरंत बाद पोलैंड के विदेश मंत्री जबिग्न्यू राऊ ने रूस के राजदूत को तत्काल तलब किया और इस घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा। तनाव बढ़ने के बाद पोलैंड ने अपनी सेना का अलर्ट पर रहने के लिए भी कह दिया।
पोलैंड सरकार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 15 नवंबर को रूस की ओर से यूक्रेन पर भारी गोलाबारी की गई और सेना ने उसके संरचनात्मक ढांचे को भी तबाह कर दिया। इसी दौरान दोपहर 3.40 बजे दो मिसाइलें पोलैंड के लुबेल्स्की प्रांत के ह्रुबिजोव जिले के प्रेजवोडो गांव पर गिरीं। इसमें पोलैंड के दो नागरिकों की मौत हो गई। ये गांव रूस और यूक्रेन दोनों से सटा हुआ है। पोलैंड के अनुसार, जो मिसाइल गिरी हैं, वो रूस निर्मित हैं। यही कारण है कि इस घटना के तुरंत बाद पोलैंड के विदेश मंत्री जबिग्न्यू राऊ ने रूस के राजदूत को तत्काल तलब किया और इस घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा। तनाव बढ़ने के बाद पोलैंड ने अपनी सेना का अलर्ट पर रहने के लिए भी कह दिया।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमिर जेलेंस्की ने भी इस मामले में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'मिसाइलें गिरने के बाद पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डूडा के साथ फोन पर बातीचत हुई। रूसी मिसाइल हमले में पोलिश नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। हमने मामले से संबंधित उपलब्ध जानकारियों साझा किया।'
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, इस घटना पर आज अमेरिका ने एक बड़ा दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि पोलैंड में गिरने वाली मिसाइलें रूस की ओर से नहीं दागी गईं थीं। ये मिसाइलें यूक्रेन की थीं। अमेरिकी अफसरों का कहना है कि रूसी हमले को रोकने के लिए यूक्रेन ने भी मिसाइलें दागी थीं, जो पोलैंड की सीमा में जाकर गिरीं।
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बाली में आयोजित जी-20 समिट में पीएम मोदी व अन्य।
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दुनिया पर इसका क्या असर पड़ेगा?
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पोलैंड पर मिसाइल गिरने का मामला गंभीर और चिंताजनक है। इसने दुनिया के सामने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। पोलैंड नाटो सदस्य देश है। नाटो के अनुच्छेद 5 के अनुसार, किसी भी नाटो सदस्य देश पर हमला, नाटो पर हमला माना जाएगा। जैसा अमेरिका में 9/11 हमले के दौरान हुआ था। इसे पूरे नाटो सदस्य देश पर हमला माना गया था।'
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पोलैंड पर मिसाइल गिरने का मामला गंभीर और चिंताजनक है। इसने दुनिया के सामने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। पोलैंड नाटो सदस्य देश है। नाटो के अनुच्छेद 5 के अनुसार, किसी भी नाटो सदस्य देश पर हमला, नाटो पर हमला माना जाएगा। जैसा अमेरिका में 9/11 हमले के दौरान हुआ था। इसे पूरे नाटो सदस्य देश पर हमला माना गया था।'

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