अगले माह भारत आएंगे रूसी विदेश मंत्री लावरोव: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी चर्चा, ब्रिक्स बैठक में भी लेंगे हिस्
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अगले महीने नयी दिल्ली में आयोजित होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे।
विस्तार
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 14-15 मई को भारत के दौरे पर रहेंगे। लावरोव नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसकी अध्यक्षता इस बार भारत कर रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने बुधवार को ब्रीफिंग के दौरान इस महत्वपूर्ण यात्रा की आधिकारिक घोषणा की।
अपनी यात्रा के दौरान लावरोव भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। जाखारोवा के अनुसार बैठक में सितंबर में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों और वैश्विक शासन को मजबूत करने पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों नेता व्यापार, विज्ञान और आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सालाना द्विपक्षीय बैठकों के एजेंडे की समीक्षा करेंगे।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने जखारोवा के हवाले से बताया कि भारत की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और वैश्विक शासन को मजबूत करने की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करेगी, विशेष रूप से दुनिया के बहुमत का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों के बीच। उन्होंने आगे कहा, इस साल सितंबर में नयी दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के मद्देनजर रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जखारोवा ने बताया कि ब्रिक्स सहयोगी देशों के विदेश मंत्री बैठक के दौरान कई सत्रों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि लावरोव की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान, उनका (लावरोव का) भारतीय समकक्ष के साथ वार्ता सहित एक पूर्ण प्रारूप का द्विपक्षीय कार्यक्रम भी निर्धारित है।
जखारोवा ने कहा, उम्मीद है कि चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें उच्चतम, उच्च और कार्यकारी स्तरों पर आगामी मुलाकातों का कार्यक्रम भी शामिल है। व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी रूसी-भारतीय आयोग की बैठकों की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, पारस्परिक रूप से लाभकारी सभी एजेंडा की समीक्षा की जाएगी।
पिछले महीने, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लावरोव से फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर विचार साझा किए थे। जयशंकर ने उस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अच्छी फोन पर बातचीत हुई। हमने पश्चिम एशिया के संघर्ष और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर अपनी-अपनी राय साझा की। साथ ही अपने द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे की भी समीक्षा की।
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसकी थीम है ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'। यह दृष्टिकोण लोगों को केंद्र में रखकर और मानवता को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो डी जनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बताया गया था।
ब्रिक की शुरुआत 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्रियों की पहली बैठक से हुई थी। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन हुआ। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद इसे ब्रिक से ब्रिक्स बना दिया गया। दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
