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Hormuz crisis: ईरान पर दबाव बढ़ाने की नई रणनीति? होर्मुज पर नाकेबंदी कर ट्रंप मनवाना चाह रहे अपनी ये शर्त

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 29 Apr 2026 11:15 PM IST
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सार

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराते हुए उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु समझौते पर सहमत हो। वहीं ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की थी।

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ट्रंप - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराकर बड़ा संदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक उसके बंदरगाहों की अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी जारी रहेगी। ईरान ने इस हफ्ते युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन परमाणु वार्ता को बाद के लिए टालने की बात कही थी। अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया।

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ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?
 

  • बमबारी के मुकाबले नाकाबंदी ज्यादा असरदार साबित हो रही है।
  • ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
  • ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।
  • अमेरिकी प्रशासन दबाव बनाए रखना चाहता है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव अभी खत्म नहीं हुआ।

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ईरान ने शांति प्रस्ताव में क्या पेशकश की थी?

 

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की बात कही गई।
  • समुद्री व्यापार सामान्य करने का संकेत दिया गया।
  • परमाणु वार्ता को भविष्य के लिए टालने का प्रस्ताव रखा गया।


स्कूल हमले पर क्या बोले अमेरिकी रक्षा मंत्री?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटहेगसेथ ने ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले को लेकर कहा कि जांच अभी जारी है। इस हमले में करीब 170 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पुरानी खुफिया जानकारी की वजह से यह हमला गलती से हुआ हो सकता है। बता दें हमले में ईरान में सैकड़ों स्कूल और शैक्षणिक संस्थान तबाह या क्षतिग्रस्त हुए। कई छात्रों और शिक्षकों की मौत हुई। नागरिक इलाकों पर हमलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ रही है।


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