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Iran: सात लोगों की मौत, ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन तेज; जानें इसके पीछे क्या है वजह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 02 Jan 2026 09:17 AM IST
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सार
Iran: ईरान में साल 2022 के बाद एक बार फिर व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मुद्रा में लगातार गिरावट, भारी महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन में दस विश्वविद्यालयों के छात्र भी शामिल हुए हैं, जिससे यह प्रदर्शन अब तेजी से देश के अन्य हिस्सों में भी फैल रहे हैं।
ईरान में प्रदर्शन
- फोटो : न्यूज ऑन एयर
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विस्तार
ईरान में रविवार से जारी ताजा विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में लोगों की मौत हो गई है। ये प्रदर्शन पहले राजधानी तेहरान में शुरू हुए और बाद में अन्य जगहों तक फैल गए, जब दस विश्वविद्यालयों के छात्रों ने मंगलवार को इसमें भाग लिया। विरोध प्रदर्शन की वजह आर्थिक मंदी और भारी महंगाई है, जो दिसंबर में 42.5 फीसदी तक पहुंच गई।
क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?
ताजा विरोध प्रदर्श रविवार को तब शुरू हुए, जब दुकानदार मुद्रा में तेज गिरावट और बढ़ती कीमतों के कारण सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। व्यापारी, दुकानदार और कई विश्वविद्यालयों के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रमुख बाजारों को बंद कर रहे हैं। बुधवार को सरकार ने सर्दियों की छुट्टी घोषित की, जिससे देश का अधिकांश हिस्सा बंद रहा।
ये भी पढ़ें: Air India Pilot Drunk: नशे में पालयट मामले को कनाडा ने बताया गंभीर सुरक्षा उल्लंघन, 26 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिसने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों का दबाव रहा है। इनमें ज्यादातर प्रतिबंध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं। जून में इस्राइल के साथ 12 दिन के संघर्ष ने वित्तीय स्थिति और कमजोर कर दी।
लोरेस्तान प्रांत के उप राज्यपाल सईद पौराली ने ईरानी न्यूज एजेंसी स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क को बताया कि ये प्रदर्शन आर्थिक दबाव, महंगाई और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण हो रहे हैं और यह आजीविका की चिंताओं से जुड़े प्रदर्शन हैं। ये प्रदर्शन आर्थिक कारणों से प्रेरित हैं। लेकिन कई प्रदर्शनकारियों ने ईरान की शासन प्रणाली के खिलाफ भी नारे लगाए हैं।
सप्ताह की शुरुआत में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति तेहरान की सड़क के बीचोंबीच बैठा दिखा और सामने मोटरसाइकिल पर पुलिस थी। कई लोगों ने इसकी तुलना 'तियानमेन' के आंदोलन से की। साल1989 में बीजिंग के तियानमेन में टैंक के सामने एक अकेला प्रदर्शनकारी खड़ा हुआ था, जिसकी तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी थी। वीडियो में व्यक्ति जमीन पर बैठा शांत दिख रहा है, सिर झुका हुआ है और फिर अपने सिर पर जैकेट डालता है, जबकि उसके पीछे भीड़ आंसू गैस के धुएं में दौड़ रही है।
2022 के बड़े प्रदर्शनों से तुलना
हाल के विरोध प्रदर्शन 2022 में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों से छोटे हैं। 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद प्रदर्शन हुए थे। महिलाओं के लिए ईरान के सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में अमीनी को गिरफ्तार किया गया था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैला था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे।
ये भी पढ़ें: स्विट्जरलैंड: रिसॉर्ट अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 47, नए साल के जश्न के दौरान लगी थी आग
सरकार की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरान की नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद करने की इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा, इस्लामी दृष्टिकोण से...अगर हम लोगों की आजीविका के मुद्दे को हल नहीं करेंगे, तो हम जहन्नुम (नर्क) में जाएंगे। यह बयान राज्य टीवी पर प्रसारित किया गया। हालांकि, पेजेशकियान ने माना कि उनके विकल्प सीमित हैं, क्योंकि रियाल की कीमत तेजी से गिर गई है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल है।
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क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?
ताजा विरोध प्रदर्श रविवार को तब शुरू हुए, जब दुकानदार मुद्रा में तेज गिरावट और बढ़ती कीमतों के कारण सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। व्यापारी, दुकानदार और कई विश्वविद्यालयों के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रमुख बाजारों को बंद कर रहे हैं। बुधवार को सरकार ने सर्दियों की छुट्टी घोषित की, जिससे देश का अधिकांश हिस्सा बंद रहा।
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ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिसने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों का दबाव रहा है। इनमें ज्यादातर प्रतिबंध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं। जून में इस्राइल के साथ 12 दिन के संघर्ष ने वित्तीय स्थिति और कमजोर कर दी।
लोरेस्तान प्रांत के उप राज्यपाल सईद पौराली ने ईरानी न्यूज एजेंसी स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क को बताया कि ये प्रदर्शन आर्थिक दबाव, महंगाई और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण हो रहे हैं और यह आजीविका की चिंताओं से जुड़े प्रदर्शन हैं। ये प्रदर्शन आर्थिक कारणों से प्रेरित हैं। लेकिन कई प्रदर्शनकारियों ने ईरान की शासन प्रणाली के खिलाफ भी नारे लगाए हैं।
सप्ताह की शुरुआत में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति तेहरान की सड़क के बीचोंबीच बैठा दिखा और सामने मोटरसाइकिल पर पुलिस थी। कई लोगों ने इसकी तुलना 'तियानमेन' के आंदोलन से की। साल1989 में बीजिंग के तियानमेन में टैंक के सामने एक अकेला प्रदर्शनकारी खड़ा हुआ था, जिसकी तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी थी। वीडियो में व्यक्ति जमीन पर बैठा शांत दिख रहा है, सिर झुका हुआ है और फिर अपने सिर पर जैकेट डालता है, जबकि उसके पीछे भीड़ आंसू गैस के धुएं में दौड़ रही है।
2022 के बड़े प्रदर्शनों से तुलना
हाल के विरोध प्रदर्शन 2022 में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों से छोटे हैं। 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद प्रदर्शन हुए थे। महिलाओं के लिए ईरान के सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में अमीनी को गिरफ्तार किया गया था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैला था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे।
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सरकार की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरान की नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संवाद करने की इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा, इस्लामी दृष्टिकोण से...अगर हम लोगों की आजीविका के मुद्दे को हल नहीं करेंगे, तो हम जहन्नुम (नर्क) में जाएंगे। यह बयान राज्य टीवी पर प्रसारित किया गया। हालांकि, पेजेशकियान ने माना कि उनके विकल्प सीमित हैं, क्योंकि रियाल की कीमत तेजी से गिर गई है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल है।