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शेख हसीना: दो साल बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बांग्लादेश वापसी का हो सकता है एलान; क्यों चुनी 5 अगस्त की तारीख?
Mon, 03 Aug 2026 09:43 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 03 Aug 2026 09:43 AM IST
सार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 5 अगस्त को नई दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर सकती हैं। यह कार्यक्रम उनके बांग्लादेश छोड़ने के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रस्तावित है। इसमें उनके देश लौटने की संभावित योजना, राजनीतिक दृष्टिकोण और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पांच अगस्त को नई दिल्ली में मीडिया से पहली बार वर्चुअल संवाद करने की संभावना है। दक्षिण एशिया के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (एफसीसी साउथ एशिया) की ओर से नई दिल्ली में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में वह अपने भविष्य की योजनाओं और बांग्लादेश लौटने के प्रस्तावित कार्यक्रम पर बात करेंगी।
सत्ता से बेदखली के दो साल बाद क्यों चुनी पांच अगस्त की तारीख?
बांग्लादेश में सत्ता से बेदखल होकर शेख हसीना पांच अगस्त 2024 को ही बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं। इसी के चलते उन्होंने संवाद के लिए इसी तारीख को चुना है। बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद उनकी अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। तब से वह भारत में रह रही हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश की बीएनपी सरकार लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है।
यह कार्यक्रम शेख हसीना की सरकार के पतन की दूसरी वर्षगांठ के दिन आयोजित किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस दौरान शेख हसीना बांग्लादेश वापसी की अपनी योजना की घोषणा करेंगी और देश के लिए अपना विजन पेश करेंगी।
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कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल?
इस कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि वह भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल के साथ पूर्व क्रिकेटर व सांसद शाकिब अल हसन भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच के महासचिव मोहम्मद अली सिद्दीक, बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच यूएसए के निदेशक शाह मोहम्मद बख्तियार, सुरक्षा मामलों के विश्लेषक अमीनुल हक पोलाश और आतंकवाद निरोधक मामलों के विशेषज्ञ अबू ओबैधा अरिन भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इनमें कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहेंगे, जबकि कुछ वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
क्या दिसंबर तक बांग्लादेश लौट जाएंगी शेख हसीना?
ढाका के एक न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन पर कार्रवाई के दौरान घातक बल के इस्तेमाल का आदेश देने के मामले में शेख हसीना को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। हाल के इंटरव्यू में हसीना कह चुकी हैं कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटकर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहती हैं। बांग्लादेश के कानून मंत्री एम. असदुज्जमान ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर हसीना भारत से लौटती हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
भारत में मौजूदगी पर विवाद क्यों?
भारत में शेख हसीना की मौजूदगी बांग्लादेश की सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों में एक प्रमुख विवाद का विषय बनी हुई है। बांग्लादेश सरकार ने स्थानीय मीडिया को हसीना के इंटरव्यू प्रकाशित या प्रसारित करने से भी रोक रखा है। आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध अब भी जारी है। इसके बावजूद पार्टी के कई नेताओं ने इस वर्ष बांग्लादेश लौटकर संगठन को फिर से सक्रिय करने की मंशा जताई है।
बांग्लादेश वापसी पर क्या है हसीना की राय?
शेख हसीना ने मई में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि उनकी वापसी "बांग्लादेश में लोकतांत्रिक माहौल, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक अधिकारों और कानून के शासन की बहाली" पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा था कि यह देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा तथा जनता के समग्र कल्याण के लिए भी जरूरी है।
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सत्ता से बेदखली के दो साल बाद क्यों चुनी पांच अगस्त की तारीख?
बांग्लादेश में सत्ता से बेदखल होकर शेख हसीना पांच अगस्त 2024 को ही बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं। इसी के चलते उन्होंने संवाद के लिए इसी तारीख को चुना है। बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद उनकी अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। तब से वह भारत में रह रही हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश की बीएनपी सरकार लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है।
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यह कार्यक्रम शेख हसीना की सरकार के पतन की दूसरी वर्षगांठ के दिन आयोजित किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस दौरान शेख हसीना बांग्लादेश वापसी की अपनी योजना की घोषणा करेंगी और देश के लिए अपना विजन पेश करेंगी।
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कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल?
इस कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि वह भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल के साथ पूर्व क्रिकेटर व सांसद शाकिब अल हसन भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच के महासचिव मोहम्मद अली सिद्दीक, बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच यूएसए के निदेशक शाह मोहम्मद बख्तियार, सुरक्षा मामलों के विश्लेषक अमीनुल हक पोलाश और आतंकवाद निरोधक मामलों के विशेषज्ञ अबू ओबैधा अरिन भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इनमें कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहेंगे, जबकि कुछ वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
क्या दिसंबर तक बांग्लादेश लौट जाएंगी शेख हसीना?
ढाका के एक न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन पर कार्रवाई के दौरान घातक बल के इस्तेमाल का आदेश देने के मामले में शेख हसीना को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। हाल के इंटरव्यू में हसीना कह चुकी हैं कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटकर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहती हैं। बांग्लादेश के कानून मंत्री एम. असदुज्जमान ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर हसीना भारत से लौटती हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
भारत में मौजूदगी पर विवाद क्यों?
भारत में शेख हसीना की मौजूदगी बांग्लादेश की सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों में एक प्रमुख विवाद का विषय बनी हुई है। बांग्लादेश सरकार ने स्थानीय मीडिया को हसीना के इंटरव्यू प्रकाशित या प्रसारित करने से भी रोक रखा है। आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध अब भी जारी है। इसके बावजूद पार्टी के कई नेताओं ने इस वर्ष बांग्लादेश लौटकर संगठन को फिर से सक्रिय करने की मंशा जताई है।
बांग्लादेश वापसी पर क्या है हसीना की राय?
शेख हसीना ने मई में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि उनकी वापसी "बांग्लादेश में लोकतांत्रिक माहौल, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक अधिकारों और कानून के शासन की बहाली" पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा था कि यह देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा तथा जनता के समग्र कल्याण के लिए भी जरूरी है।