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थर्डहैंड स्मोकिंग : धूम्रपान करने वालों के कपड़े भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

Tue, 10 Mar 2020 02:47 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 10 Mar 2020 02:47 AM IST
सार

  • अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने सिनेमा हॉल में किया अध्ययन
  • 10 सिगरेट पीने के बराबर नुकसान सिर्फ एक घंटे में होता है
  • 50 तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं धूम्रपान से

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Third Hand Smoking : Smoker cloth emits hazardous chemicals
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

धूम्रपान करना खुद और दूसरों के लिए हानिकारक है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने जो खुलासे किए हैं वह बेहद खतरनाक और चौकाने वाले हैं। दरअसल एक शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि धूम्रपान करने वालों के कपड़ों से खतरनाक केमिकल निकलते हैं और इससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है।

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इस तरह के पहले अध्ययन में पता लगाने की कोशिश की गई है कि सिगरेट पीने वाला व्यक्ति जब सिनेमा हॉल में घुसता है तो हॉल के वातावरण में खतरनाक केमिकल दूसरे लोगों को कैसे प्रभावित करते हैं।
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अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक और प्रमुख शोधकर्ता प्रो. ड्रियू गेंटर बताते हैं कि सिनेमा हॉल में धूम्रपान करने वाले की मौजूदगी से वहां मौजूद लोगों के स्वास्थ्य को एक घंटे के भीतर दस सिगरेट पीने के बराबर नुकसान होता है। अत: ऐसा सोचना गलत होगा कि सिगरेट पीने वालों से दूर रहने से नुकसान नहीं होगा।
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दरअसल सिगरेट पीने वालों के कपड़ों से निकलने वाले घातक केमिकल को ‘थर्डहैंड स्मोकिंग’ कहते हैं। सिगरेट पीने वालों के कपड़े, शरीर या उसके पास मौजूद वस्तुओं पर केमिकल और निकोटीन जमा हो जाती है। इससे डीएनए को नुकसान होता है, जिससे कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। धूम्रपान से व्यक्ति में 50 तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं और अधिकतर जानलेवा होती हैं।

सिनेमा हॉल में मास स्पेक्ट्रोमेट्री

वैज्ञानिकों ने सिनेमा हॉल के भीतर तंबाकू उत्पादों के हानिकारक तत्वों का पता लगाने के लिए मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके जरिए हॉल में सिगरेट व धूम्रपान के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुओं को पकड़ा जाता है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि सिगरेट में जो हानिकारक तत्व होते हैं, उसकी मात्रा हाल में लोगों के प्रवेश के साथ ही हॉल के अंदर भी आ गई। इसका अर्थ यह हुआ कि सिनेमा हॉल में बैठे लोगों को उतना ही खतरा है, जितना धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के आसपास खड़े होने से होता है।
 

थर्डहैंड स्मोक से मस्तिष्क, लिवर को खतरा

थर्डहैंड स्मोकिंग से मस्तिष्क और लिवर को नुकसान होता है। कई बार पाचन तंत्र खराब होता है। चूहों पर हुए शोध में पता चला है कि इससे टाइप-टू डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है और जख्म भी नहीं भरते हैं।
 

सेकंड हैंड स्मोकिंग में चार हजार केमिकल

वैज्ञानिकों ने बताया है कि सेकंड हैंड स्मोकिंग के दौरान चार हजार केमिकल निकलते हैं। सिनेमा हॉल में जब लोग प्रवेश करते हैं तो इसका स्तर ज्यादा रहता है। जब वे चले जाते हैं तब भी वैसी ही स्थिति रहती है।

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