सावधानी जरूरी: एक मीटर से कम दूरी पर संक्रमण का खतरा, आंसुओं से भी फैल सकता है कोरोना
इस अध्यन में संक्रमण के जरिए दुनिया भर में फैलने वाली सार्स, मर्स और कोविड-19 जैसी बीमारियों और उनके असर पर प्रकाश डाला गया है।
विस्तार
अंग्रेजी की एक कहावत है जिसका हिंदी अर्थ यह है कि इलाज से बेहतर होता है सावधानी बरतना। दुनियाभर में कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है। लगभग चार लाख लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। हालांकि अब तक इस महामारी से बचाव का कोई टीका नहीं बन सका है। ऐसे में सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है। इससे हम संक्रमण का खतरा कम कर सकते हैं।
चिकित्सा जर्नल लैंसेट में प्रकाशित ताजा रिपोर्ट की माने तो सिर्फ मूलभूत सावधानियों को अपनाकर ही हम संक्रमण का खतरा कई गुना घटा सकते हैं। कहने का अर्थ यह कि सामाजिक दूरी का पालन, मुंह को मास्क से ढंककर रखना और आंखों तथा चेहरे को बचाकर रखने से कोरोना संक्रमण का खतरा आधा हो जाता है। दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमण को लेकर हुए 172 अध्ययनों का गहन अध्ययन करने के बाद लैंसेट ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है।
एक मीटर से कम दूरी पर खतरा 13 फीसदी
लॉकडाउन को कोरोना वायरस की कड़ी तोड़ने का प्रभावी हथियार माना गया है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में ही इसका पालन किया गया। इससे कोरोना संक्रमण की गति को कम करने में काफी मदद भी मिली। लेकिन यह स्थायी हल नहीं है। गिरती अर्थव्यवस्था के मद्देनजर दुनियाभर में लॉकडाउन को खोला जा रहा है। आठ जून से हमारे देश में भी लॉकडाउन के स्थान पर अनलॉक-1 लागू होने जा रहा है।
यह अनलॉक भी तभी कारगर होगा जब लोग सोशल डिस्टेंसिंग या सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे। अगर यह दूरी एक मीटर से कम हो तो संक्रमण का खतरा 13 फीसदी रहता है। जबकि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच की दूरी एक मीटर से कम होने पर कोरोना संक्रमण का खतरा पांच गुना तक घटकर 2.6 प्रतिशत रह जाएगा। ऐसा ही मास्क लगाने और न लगाने की स्थिति में भी होगा।
आंखों को नहीं बचाया तो संक्रमण का खतरा 16 फीसदी
आंखों की बीमारियों पर शोध करने वाली अमेरिका की ऑप्थेल्मोलॉजी अकादमी के डॉक्टरों के अनुसार संक्रमित व्यक्ति के आंसू भी वायरस फैला सकते हैं। जिस तरह कोई संक्रमित व्यक्ति खांसने, छींकने और अपने हाथ-पैर के स्पर्श से कोरोना फैला सकता है। उसी प्रकार उसके आंसू भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बार-बार हाथ धोने के साथ-साथ आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा लगाकर चेहरे को ढंकने में ही समझदारी और सतर्कता है।
सावधानी संक्रमण का खतरा
| 1 मी. से कम डिस्टेंसिंग | 12.8% |
| 1 मी. से ज्यादा डिस्टेंसिंग | 2.6% |
| बिना मास्क लगाने पर | 17.4% |
| मास्क लगाने पर | 3.1% |
| आंखों को बार-बार छूने पर | 16% |
| आंखों की सुरक्षा करने पर | 5.5% |

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