{"_id":"6a26825971505fa7650e64d9","slug":"tensions-escalate-in-the-red-sea-houthi-fighters-impose-a-complete-ban-on-israeli-ships-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाल सागर में बढ़ा तनाव: हूती लड़ाकों ने इस्राइली जहाजों पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध; मिसाइल हमले का भी दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
लाल सागर में बढ़ा तनाव: हूती लड़ाकों ने इस्राइली जहाजों पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध; मिसाइल हमले का भी दावा
सना [यमन], एएनआई
Published by: रिया दुबे
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:20 PM IST
विज्ञापन
सार
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इस्राइली जहाजों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने इस्राइल पर मिसाइल हमला करने का दावा भी किया है। इस्राइली सेना ने यमन से मिसाइल दागे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली खतरे को निष्क्रिय करने में जुटी है।
लाल सागर में जहाज पर हमला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को इस्राइल के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए लाल सागर में इस्राइली जहाजों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इसके साथ ही हूतियों ने इस्राइल पर मिसाइल हमला करने का दावा भी किया है, जिससे पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ गया है।
हूती लड़ाकों की सैन्य शाखा ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा कि वह लाल सागर में इस्राइल से जुड़े सभी समुद्री जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। संगठन ने चेतावनी दी कि उसके इस ऐलान के बाद क्षेत्र में इस्राइल से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि को वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
विज्ञापन
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और इस्राइल के बीच सीधा सैन्य टकराव जारी है। इसके अलावा, फारस की खाड़ी से ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य भी तनाव के केंद्र में बना हुआ है। ऐसे में लाल सागर में हूतियों की नई चेतावनी से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार दोनों पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
गौरतलब है कि हूती विद्रोही और लेबनान का हिज्बुल्लाह संगठन उस क्षेत्रीय गठबंधन का हिस्सा हैं, जिसे "एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस" कहा जाता है। यह समूह इस्राइल और अमेरिका के विरोधी संगठनों का नेटवर्क माना जाता है। हूती पिछले एक दशक से यमन के बड़े हिस्से, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। 2015 में शुरू हुए यमन के गृहयुद्ध ने देश को गंभीर मानवीय संकट में धकेल दिया था और अब क्षेत्रीय संघर्ष में उनकी बढ़ती भूमिका पश्चिम एशिया की स्थिति को और जटिल बना रही है।
हूती लड़ाकों की सैन्य शाखा ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा कि वह लाल सागर में इस्राइल से जुड़े सभी समुद्री जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। संगठन ने चेतावनी दी कि उसके इस ऐलान के बाद क्षेत्र में इस्राइल से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि को वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्रोहियों ने इस्राइल को लेकर क्या दावा किया?
हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने इस्राइल के संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइलों की बौछार की और उनके हमले अपने उद्देश्य हासिल करने में सफल रहे। हालांकि, हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
Trending Videos
इस्राइली सेना ने क्या जानकारी दी?
वहीं, इस्राइली सेना ने यमन से मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है। सेना ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर कहा कि उसने इस्राइली क्षेत्र की ओर यमन से मिसाइल लॉन्च होने का पता लगाया है और खतरे को निष्क्रिय करने के लिए वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गई हैं।क्यों है यह घटनाक्रम अहम?
हूती लड़ाकों की यह घोषणा वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर मार्ग पर नए संकट का संकेत है। इससे पहले भी इस्राइल-हमास संघर्ष के दौरान हूती हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों का मार्ग बदलकर अफ्रीका के दक्षिणी सिरे 'केप ऑफ गुड होप' से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों में वृद्धि हुई थी।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और इस्राइल के बीच सीधा सैन्य टकराव जारी है। इसके अलावा, फारस की खाड़ी से ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य भी तनाव के केंद्र में बना हुआ है। ऐसे में लाल सागर में हूतियों की नई चेतावनी से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार दोनों पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
गौरतलब है कि हूती विद्रोही और लेबनान का हिज्बुल्लाह संगठन उस क्षेत्रीय गठबंधन का हिस्सा हैं, जिसे "एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस" कहा जाता है। यह समूह इस्राइल और अमेरिका के विरोधी संगठनों का नेटवर्क माना जाता है। हूती पिछले एक दशक से यमन के बड़े हिस्से, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। 2015 में शुरू हुए यमन के गृहयुद्ध ने देश को गंभीर मानवीय संकट में धकेल दिया था और अब क्षेत्रीय संघर्ष में उनकी बढ़ती भूमिका पश्चिम एशिया की स्थिति को और जटिल बना रही है।