{"_id":"6a7e4c8afedbca0b620ee704","slug":"trumps-vaccine-plan-increase-costs-for-doctors-and-what-hurdles-do-pharmaceutical-companies-face-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Trump Plan: ट्रंप की वैक्सीन योजना से क्या बढ़ जाएगा डॉक्टरों का खर्च, दवा कंपनियों के सामने कौन सी अड़चनें?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Trump Plan: ट्रंप की वैक्सीन योजना से क्या बढ़ जाएगा डॉक्टरों का खर्च, दवा कंपनियों के सामने कौन सी अड़चनें?
Fri, 14 Aug 2026 04:30 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 14 Aug 2026 04:30 AM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश ने बच्चों के टीकाकरण को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। आदेश में एमएमआर जैसे संयुक्त टीकों को अलग-अलग लगाने और टीकों के बीच ज्यादा अंतर रखने की बात कही गई है। इससे कंपनियों को दशकों पुराने अलग टीकों का उत्पादन फिर शुरू करना पड़ सकता है। माता-पिता को भी डॉक्टर के ज्यादा चक्कर लगाने होंगे। क्या यह बदलाव बच्चों के टीकाकरण को और मुश्किल बनाएगा? आइए, विस्तार से समझते हैं...
विज्ञापन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश से बच्चों के टीकाकरण की मौजूदा व्यवस्था में
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश से बच्चों के टीकाकरण की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। आदेश में खसरा, गलसुआ और रूबेला यानी एमएमआर जैसे संयुक्त टीकों को अलग-अलग टीकों में बांटने और जहां संभव हो, टीकों के बीच ज्यादा अंतर रखने की बात कही गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका असर सिर्फ टीका लगाने के तरीके पर नहीं पड़ेगा, बल्कि दवा कंपनियों, डॉक्टरों और माता-पिता पर भी पड़ेगा। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अमेरिका में इन बीमारियों के अलग-अलग टीके दशकों से व्यापक रूप से इस्तेमाल नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रंप के आदेश में आखिर क्या बदलने की बात कही गई?
ट्रंप के आदेश के तहत संघीय अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर एमएमआर टीके को अलग-अलग करने और दूसरे टीकों के बीच अंतर बढ़ाने की योजना तैयार करने को कहा गया है। अभी एमएमआर टीका तीनों बीमारियों से एक साथ बचाव करता है। अमेरिका में इस तीन-इन-वन व्यवस्था का इस्तेमाल 1970 के दशक से मानक रूप में हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त टीकों से बच्चों के स्कूल जाने की उम्र तक संक्रामक बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित होने की संभावना बढ़ती है।
विज्ञापन
क्या कंपनियों को दशकों पुराने टीके फिर बनाने पड़ेंगे?
अमेरिका में फिलहाल खसरा, गलसुआ और रूबेला के अलग-अलग टीके उपलब्ध नहीं हैं। इन तीनों बीमारियों के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन से मंजूर टीके संयुक्त रूप में हैं। अगर उन्हें अलग किया जाता है तो दवा कंपनियों को पुराने व्यक्तिगत टीकों का उत्पादन फिर शुरू करना होगा। इसके लिए नए अध्ययन, उत्पादन सुविधाएं और संघीय मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक नई वैक्सीन फैक्टरी तैयार करने और उसे मंजूरी मिलने में करीब पांच साल तक लग सकते हैं। इसके अलावा कंपनियों को नए उत्पादन संयंत्रों पर करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन