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Iran: होर्मुज बंद करने के लिए बिछाया था बारूदी सुरंगों का जाल, अब खुद ही खोज नहीं पा रहा ईरान; अमेरिका का दावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:33 AM IST
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सार
दुनियाभर की नजरें आज इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता पर टिकी हुई हैं। इस बैठक में लेबनान पर हमले रोकने से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने के मुद्दों पर बातचीत संभव है। इस बीच अमेरिका का दावा है कि ईरान ने होर्मुज को बंद करने के लिए जो बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, वह अब खुद ही उन्हें नहीं खोज पा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरी तरह खुलना क्यों आसान नहीं?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका-ईरान की इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान कई कोशिशों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल नहीं सकता है। इसकी वजह ईरान द्वारा होर्मुज में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगें हैं।
ईरान ने होर्मुज को बंद करने के लिए बड़ी संख्या में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। हालांकि, अब होर्मुज को खोलने के लिए तेहरान इनका पता लगाने में नाकाम हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास उन्हें हटाने की क्षमता भी नहीं है।
ये भी पढ़ें: US-ईरान शांति वार्ता: इस्लामाबाद में आज उच्च स्तरीय बैठक, 14 ईरानी नेताओं संग चार अमेरिकी दिग्गजों का मंथन
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में उठ सकता है मुद्दा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के लिए यह स्थिति एक बड़ी बाधा साबित हो रही है। दरअसल, अमेरिका ने मांग की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को आवागमन के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। यह मुद्दा ईरानी वार्ताकारों और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
बारूदी सुरंगों से बनाया दबाव, अब वही बनीं सिरदर्द
अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद तेहरान ने छोटी नावों का इस्तेमाल कर होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों का जाल बिछाया था। इन बारूदी सुरंगों के साथ-साथ ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों और अन्य जहाजों की संख्या को काफी कम कर दिया था।
इसकी वजह से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं और ईरान को युद्ध में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक बड़ा मौका मिला। हालांकि, ईरान ने होर्मुज में एक रास्ता खुला छोड़ दिया था, जिससे शुल्क का भुगतान करने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल गई थी।
आईआरजीसी ने जारी की चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जहाजों को समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने की चेतावनी जारी की है। वहीं, अर्ध-सरकारी समाचार संगठनों ने सुरक्षित मार्गों को दिखाने वाले चार्ट जारी किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये सुरक्षित मार्ग सीमित हैं, जिसका एक बड़ा कारण यह है कि ईरान ने जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को अव्यवस्थित तरीके से बिछाया था।
ये भी पढ़ें: शांति वार्ता: मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें लेकर इस्लामाबाद क्यों गए गालिबाफ? US को दिया बड़ा संदेश
यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने हर बारूदी सुरंग की सटीक स्थिति दर्ज की थी या नहीं। यहां तक कि जब स्थानों को दर्ज भी किया गया था, तो कुछ बारूदी सुरंगों को इस तरह से रखा गया था कि वे बह सकती थीं या हिल सकती थीं।
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न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के लिए यह स्थिति एक बड़ी बाधा साबित हो रही है। दरअसल, अमेरिका ने मांग की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को आवागमन के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। यह मुद्दा ईरानी वार्ताकारों और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद तेहरान ने छोटी नावों का इस्तेमाल कर होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों का जाल बिछाया था। इन बारूदी सुरंगों के साथ-साथ ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों और अन्य जहाजों की संख्या को काफी कम कर दिया था।
इसकी वजह से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं और ईरान को युद्ध में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक बड़ा मौका मिला। हालांकि, ईरान ने होर्मुज में एक रास्ता खुला छोड़ दिया था, जिससे शुल्क का भुगतान करने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल गई थी।
आईआरजीसी ने जारी की चेतावनी
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