यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में हुए आतंकवादी हमले ने भारत में हुए मुंबई हमले की याद दिला दी है। बंदूकधारी हमलावारों ने लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इससे चीख पुकार मच गई। अधिकारियों ने कहा कि इसमें तीन लोगों की मौत हुई है और 15 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में एक हमलावर भी शामिल है।
Vienna में मुंबई जैसा आतंकी हमला, सामने आए हर शख्स पर अंधाधुंध गोलियां बरसाते रहे आतंकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम से यहां लॉकडाउन लागू होना था। इससे पहले लोग बाहर आराम घूम रहे थे। इस बीच आतंकवादी आए और जो भी सामने आया उस पर गोलियां बरसाते चले गए। छह जगहों पर हुई इस दिल दहलाने वाली गोलीबारी की वारदातों से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कई लोग इस हमले की तस्वीरें साझा कर रहे हैं। बता दें कि मुंबई में भी साल 2008 में ऐसा ही आतंकवादी हमला हुआ था।
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले एक कैफे और रेस्तरां में यह आतंकी हमला हुआ। ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज ने आतंकी घटना के कुछ घंटे के बाद कहा कि हम राजधानी वियना में एक घृणित आतंकी हमले के शिकार हैं जो अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, एक हमलावर को ढेर कर दिया गया है, लेकिन अभी कुछ हमलावर सक्रिय हैं। हमलावर आधुनिक हथियारों से लैस हैं। इससे पता चलता है कि वे कितनी तैयारी से आए।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है और 15 घायल जख्मी हुए हैं। गृह मंत्री कार्ल नेहम्मर ने सरकारी प्रसारक ओआरएफ को बताया, ‘यह एक आतंकी हमला लगता है।’ उन्होंने कहा कि हमलावर राइफलों से लैस थे। सेना से शहर के अहम स्थलों की सुरक्षा करने को कहा गया है ताकि पुलिस हमलावरों का पीछा कर सके। गृह मंत्री कार्ल नेहमर ने कहा कि एक हजार जवानों को बचकर भागे आतंकवादी को तलाशने के लिए लगाया गया है। इसके साथ ही पड़ोसी देशों से भी आतंकी को तलाशने के लिए मदद मांगी गई है।
पीएम मोदी ने की घटना की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियना में हुई इस घटना की कड़ी निंदा की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'वियना में हुए नृशंस आतंकी हमलों से गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। इस दुखद समय में भारत ऑस्ट्रिया के साथ खड़ा है। मेरे संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।'