सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   world-news-updates-hindi-bangladesh-gaza-war-israel-pakistan-us-syria-Afghanistan TTP

World: रूसी विमान साइबेरिया में दुर्घटनाग्रस्त; इंडोनेशिया में 6.7 तीव्रता का भूकंप, जान-माल का नुकसान नहीं

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 16 Jun 2026 06:19 AM IST
विज्ञापन
world-news-updates-hindi-bangladesh-gaza-war-israel-pakistan-us-syria-Afghanistan TTP
दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
विज्ञापन

रूस का एक Tu-22M3 रणनीतिक बमवर्षक सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान जमीन में धंस गया और उससे घना धुआं निकला। विमान में सवार चार सदस्यीय चालक दल सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। रूसी सुरक्षा सेवाओं से जुड़े आउटलेट्स द्वारा साझा किए गए वीडियो में Tupolev Tu-22M3 को जमीन में धंसते हुए दिखाया गया है। इसके बाद घटनास्थल से धुएं का घना गुबार उठता देखा गया। सोशल मीडिया पर भी कुछ अपुष्ट फुटेज सामने आए हैं। इनमें विमान को अंगारा नदी के पास एक जंगली इलाके में गिरते हुए दिखाया गया। दुर्घटनास्थल से धुएं का एक विशाल स्तंभ उठ रहा था। अधिकारियों ने बताया कि चालक दल के सभी चार सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए। उनके जीवन या स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। विमान में कोई युद्धक भार नहीं था, इसलिए जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी। रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि की।



दुर्घटना का कारण क्या?
इरकुत्स्क के राज्यपाल इगोर कोबजेव ने बताया कि विमान कामेनका गांव के पास गिरा। दमकलकर्मी घटनास्थल पर लगी आग बुझाने का काम कर रहे थे। चालक दल के सभी चार सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया। उन्हें जानलेवा चोटें नहीं आई हैं। राज्यपाल कोबजेव ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर इंजन फेल होने को दुर्घटना का संभावित कारण बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


Tu-22M3 कितने बम बरसाता है? क्षमता पर चर्चा क्यों?
Tu-22, जिसे नाटो द्वारा "बैकफायर" कोड-नाम दिया गया है, सोवियत-युग का एक सुपरसोनिक बमवर्षक है। रूस ने इसका उपयोग सीरिया और यूक्रेन में युद्ध अभियानों में किया है। Tu-22M3 इसका एक आधुनिक संस्करण है। यह Kh-22 क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ हवा से लॉन्च की जाने वाली हाइपरसोनिक किनझाल मिसाइलें भी ले जा सकता है।
विज्ञापन


इंडोनेशिया के सुलावेसी में 6.7 तीव्रता का भूकंप, पालु में दहशत
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। इससे आठ साल पहले भूकंप और सुनामी से तबाह हुए पालु शहर के निवासियों में दहशत फैल गई। तेज झटकों के कारण लोग खुले इलाकों में भागे, कई अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकाला गया। इलाके में व्यापक क्षति हुई, जिसकी जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी जुटा रही है। एक होटल के महाप्रबंधक एफेंडी नताली ने बताया कि सभी मेहमान सुरक्षित हैं, होटल को मामूली नुकसान हुआ। भूकंप का केंद्र पालु के पूर्व-दक्षिणपूर्व में था, जिसके बाद कई झटके महसूस किए गए। इंडोनेशियाई एजेंसी ने सुनामी का खतरा नहीं बताया, पर झटके जारी रहने की चेतावनी दी। पालु निवासी मुख्तार अहमद ने कहा कि वे पिछले भूकंप से आहत हैं, इसलिए बाहर रहे।

अफगानिस्तान में महिलाओं पर कार्रवाई रोकने की अपील

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को शीघ्र वापस लेने और देश में सक्रिय उन उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया है। इस प्रस्ताव को प्रायोजित करने वाले चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत फू कोंग ने कहा कि उम्मीद है कि अफगान सरकार मानवाधिकारों, विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक सक्रिय कदम उठाएगी और खुलेपन, समावेशिता तथा जिम्मेदारी की छवि पेश करेगी। प्रस्ताव के तहत अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मिशन की अवधि 17 जून 2027 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही मिशन को बिना किसी भेदभाव के मानवीय सहायता पहुंचाने तथा राष्ट्रीय और स्थानीय प्रशासन को बढ़ावा देने का अधिकार दिया गया है, जिसमें लिंग, धर्म या जातीयता के आधार पर कोई भेदभाव न हो और महिलाओं, अल्पसंख्यकों, युवाओं तथा दिव्यांग व्यक्तियों की पूर्ण, समान, सार्थक और सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

2021 से ही अफगानिस्तान पर तालिबान शासन
यह प्रस्ताव ऐसे समय पारित किया गया है जब इस महीने पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात शहर में तालिबान के सख्त ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के आरोप में कम से कम 30 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के अनुसार, इन गिरफ्तारियों के विरोध में हुए एक दुर्लभ प्रदर्शन को तालिबान पुलिस ने बलपूर्वक तितर-बितर कर दिया था। इस दौरान गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। दरअसल, तालिबान 2021 से अफगानिस्तान पर शासन कर रहा है, जब अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद उसने सत्ता संभाली थी। इसके बाद से उसने शरीयत की कड़ी व्याख्या लागू की है, जिसके तहत महिलाओं और लड़कियों पर कई कठोर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें प्राथमिक स्तर से आगे की शिक्षा और अनेक नौकरियों पर रोक शामिल है। इन नीतियों का असर अल्पसंख्यक समुदायों पर भी पड़ा है।

आतंकवाद-रोधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा
प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र मिशन को तालिबान, क्षेत्रीय देशों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच संवाद को सुगम बनाने का भी अधिकार दिया गया है। अमेरिका की उप राजदूत जेनिफर लोसेट्टा ने कहा, 'इस राजनीतिक प्रक्रिया की सफलता के लिए तालिबान को कदम उठाने होंगे। उसे आतंकवाद-रोधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा, अफगानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का सम्मान करना होगा, बंधक कूटनीति समाप्त करनी होगी और महिलाओं एवं लड़कियों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन बंद करने होंगे।' पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर उन उग्रवादियों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जो उसकी सीमा के भीतर घातक हमले करते हैं। हालांकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता है। फरवरी में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर किए गए हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने कार्रवाई की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed