World: यूएई ने कहा- ओमान में जहाज पर आतंकी हमला चिंताजनक; रूबियो बोले- ताइवान पर चीनी सैन्य कार्रवाई भूल होगी
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ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुए आतंकी हमले की संयुक्त अरब अमीरात ने कड़े शब्दों में निंदा की है। यूएई विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है। यूएई ने भारत के साथ एकजुटता जताते हुए जहाजों और समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन किया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है, जो समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा पर जोर देता है। यूएई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को निशाना बनाने और व्यापारिक जहाजों पर हमलों को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया।
रूबियो ने कहा- ताइवान पर चीन की सैन्य कार्रवाई बड़ी गलती होगी
ट्रंप के साथ चीन दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बृहस्पतिवार को साफ किया कि ताइवान के प्रति अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। चीन की ओर से बलपूर्वक ताइवान पर कब्जा करना चीन की भयानक भूल होगी। रुबियो ने कहा कि चीन, द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान लगातार ताइवान का मुद्दा उठाता है। हालांकि, जिनपिंग की ओर से दी गई चेतावनी पर उन्होंने कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया।
कनाडा ने 2050 तक बिजली ग्रिड दोगुना करने की रणनीति पेश की
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को स्वच्छ बिजली रणनीति का अनावरण किया। इसका लक्ष्य 2050 तक कनाडा के बिजली ग्रिड को दोगुना करना और ऊर्जा लागत कम करना है। इस रणनीति में प्राकृतिक गैस की बड़ी भूमिका होगी। निर्माण पर 1 ट्रिलियन कनाडाई डॉलर से अधिक खर्च होने का अनुमान है। कार्नी ने कहा कि यह योजना सामर्थ्य, प्रतिस्पर्धा और शुद्ध शून्य उत्सर्जन का मार्ग है। इसमें पनबिजली, परमाणु, पवन, सौर सहित विभिन्न ऊर्जा स्रोतों का उपयोग होगा। कनाडाई जलवायु संस्थान ने इसे सही दिशा में बताया पर कुछ मुद्दे अस्पष्ट हैं।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के वांछित फिलीपीन के सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा सीनेट (संसद) से फरार हो गए हैं। मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों का सामना कर रहे रोजा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सीनेट में शरण ले रखी थी। घटना बुधवार की रात उस समय हुई जब सीनेट की सुरक्षा में तैनात कर्मियों और एक सरकारी एजेंट के बीच तीखी बहस के दौरान अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर सीनेटर कड़ी सुरक्षा वाले परिसर से निकलने में कामयाब रहे। सरकारी एजेंट उन्हें गिरफ्तार करने पहुंचे थे। पूर्व पुलिस प्रमुख रहे रोजा पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के कार्यकाल में मादक पदार्थ विरोधी अभियान के दौरान 32 लोगों की हत्या की थी। घटना के बाद देश में तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देर रात टीवी पर संबोधन जारी कर जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सीनेट के अध्यक्ष एलन कैयेतानो ने स्पष्ट किया कि सीनेट ने न्याय में कोई बाधा नहीं पहुंचाई।
बोलीविया की राजधानी में खनिकों और पुलिस के बीच झड़प
शुक्रवार को बोलीविया की राजधानी में खनिकों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। खनिक सरकारी महल में घुसने का प्रयास कर रहे थे और डायनामाइट चार्ज का उपयोग कर रहे थे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी। खनिक श्रम सुधारों, ईंधन और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज के प्रशासन को चुनौती मिल रही है। किसानों की मांग पर एक कानून रद्द होने के बावजूद प्रदर्शन जारी हैं।
भारत और फिलीपीन ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और मजबूत करने पर सहमति जताई है। मनीला में आयोजित भारत-फिलीपीन आतंकरोधी संयुक्त कार्य समूह की दूसरी बैठक में दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद समेत हर प्रकार के आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत में हाल में हुए आतंकी हमलों का भी जिक्र किया। इसमें पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट की कड़ी आलोचना की गई। फिलीपीन ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति अपनी एकजुटता और अटूट समर्थन दोहराया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहाड़े ने किया, जबकि फिलीपीन की ओर से विदेश विभाग के सहायक सचिव मार्शल लुई एम. अल्फेरेज सह-अध्यक्ष रहे।
उग्रवाद को रोकने के लिए भी विचार-विमर्श
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में आतंकियों द्वारा उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने और आतंकवाद के वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए खुफिया और अन्य सूचनाएं साझा करने पर सहमति बनी।
कानून प्रवर्तन, न्यायिक सहायता और क्षमता निर्माण में सहयोग
दोनों देशों ने कानून प्रवर्तन, न्यायिक सहायता और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। बैठक में कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एकजुटता
दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और व्यापक बनाने की जरूरत है। भारत और फिलीपीन ने संयुक्त राष्ट्र, एफएटीएफ और आसियान क्षेत्रीय मंच जैसे बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपीन की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।
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होर्मुज खुलने के बाद भी तुरंत नहीं सुधरेंगे हालात, सिंगापुर के पीएम ने दी बड़े संकट की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी टकराव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पिछले दो महीने से अधिक समय से बंद है, जिससे पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने अपनी जनता को आगाह करते हुए स्पष्ट किया है कि अगर होर्मुज का यह समुद्री रास्ता फिर से खुल भी जाता है, तो भी हालात तुरंत सामान्य नहीं होंगे। बंदरगाहों और ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, साथ ही जलमार्गों को बारूदी सुरंगों से मुक्त करने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का विश्वास बहाल करने में काफी लंबा समय लगेगा। प्रधानमंत्री ने 1970 के दशक के तेल संकट की याद दिलाते हुए चेतावनी दी है कि इस रुकावट का असर सिर्फ ऊर्जा और पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनियाभर में उर्वरक, खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी बुरी तरह से प्रभावित होगी। खाड़ी देशों पर बहुत अधिक निर्भर होने के कारण एशिया के कई देशों में पहले से ही ईंधन की भारी कमी हो गई है, जिससे उड़ानें रद्द हो रही हैं और कारखानों का काम रुक गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने भी इस वर्तमान संकट को 70 के दशक से कहीं ज्यादा खतरनाक बताया है। प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर महंगाई और आर्थिक मंदी का खतरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए आपूर्ति में होने वाली इस निरंतर बाधा और आने वाले बेहद कठिन समय का सामना करने के लिए सभी को मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन की राजधानी कीव पर हुए बड़े रूसी मिसाइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को बताया कि हमले में तीन बच्चों की भी मौत हुई है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि राहत और बचाव दल ने एक दिन से ज्यादा समय तक मलबा हटाने का काम किया। रूसी क्रूज मिसाइल ने कीव की एक नौ मंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।
यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने यह हमला युद्ध शुरू होने के बाद अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक के तौर पर किया। हमले का मुख्य निशाना राजधानी कीव रही, जहां 48 लोग घायल भी हुए हैं।