World: जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे राष्ट्रपति ट्रंप; कैलिफोर्निया में 10 लोगों को बंधक बनाने वाला ढेर
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह इस महीने फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में आयोजित किया जाएगा। ऐसे समय में यह बैठक हो रही है, जब ईरान को लेकर अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगी देशों के बीच मतभेद बढ़े हुए हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वह 14 जून को व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित होने वाली यूएफसी विश्व चैंपियनशिप फाइट्स देखने के बाद सीधे फ्रांस रवाना होंगे। ट्रंप ने इस आयोजन को अमेरिकी इतिहास की सबसे मनोरंजक रातों में से एक बताया।
हाल के दिनों में ट्रंप ने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे प्रमुख जी-7 देशों की आलोचना की थी। उनका मानना है कि ये देश पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य रणनीति का पूरा समर्थन नहीं कर रहे हैं। इसी कारण शुरुआत में उनके जी-7 सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। यह सम्मेलन ट्रंप के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि फरवरी में अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद यह पहली बार होगा जब वह कई वैश्विक नेताओं से आमने-सामने मुलाकात करेंगे। जी-7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इसमें भाग लेता है। सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संकटों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के बेकर्सफील्ड शहर में एक व्यक्ति ने कार्यालय भवन के भीतर 10 लोगों को बंधक बना लिया। यह गतिरोध 15 घंटे से अधिक समय तक चला। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध ने बैंक भवन में खुद को लोगों के साथ बंद कर लिया था। घटना की सूचना बम की धमकी मिलने के बाद मिली थी। बुधवार तड़के एफबीआई की कार्रवाई के दौरान संदिग्ध मारा गया। पुलिस ने बताया कि सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी को चोट नहीं पहुंची। मामले की जांच जारी है।
अमेरिका में 6 जनवरी 2021 को कैपिटल भवन पर हुए हमले के मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पेंटागन में महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पेंटागन के अनुसार, एलियास इरिजारी को रक्षा विभाग के नीति कार्यालय में राजनीतिक नियुक्ति के तहत जिम्मेदारी दी गई है। यह कार्यालय रक्षा मंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रणनीति और रक्षा योजनाओं से जुड़े मामलों में सलाह देता है।
इरिजारी 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन (कैपिटल) पर हुए हमले में शामिल था। उस समय वह दक्षिण कैरोलिना के एक सैन्य कॉलेज का छात्र था। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, वह टूटी हुई खिड़की से कैपिटल भवन में दाखिल हुआ, परिसर के अंदर घूमता रहा और तस्वीरें भी लीं। बाद में उसने अवैध प्रवेश के आरोप को स्वीकार कर लिया था। साल 2023 में अदालत ने उसे अवैध रूप से प्रवेश करने के मामूली अपराध में 14 दिन की जेल की सजा सुनाई थी। सजा से पहले उसने अदालत में अपने किए पर पछतावा जताते हुए कहा था कि उसके कार्यों से उसे, उसके परिवार और देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।
पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव ने कहा कि इरिजारी एक योग्य और देशभक्त युवा पेशेवर हैं तथा विभाग को उनकी नियुक्ति पर गर्व है। हालांकि, इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। सीनेट की खुफिया समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य मार्क वार्नर ने सवाल उठाया कि कैपिटल हिंसा में दोषी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्य कैसे सौंपे जा सकते हैं। यह पहला मामला नहीं है। ट्रंप प्रशासन में कैपिटल हमले से जुड़े अन्य लोगों को भी सरकारी पद दिए गए हैं। जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप ने 6 जनवरी हमले से जुड़े लगभग 1,600 आरोपियों के मामलों में माफी, सजा में राहत या मुकदमे खत्म करने जैसे कदम उठाए थे। इससे यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में फिर चर्चा का विषय बन गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वह टॉड ब्लैंच को अटॉर्नी जनरल के पद पर नामित करेंगे। ब्लैंच, जो ट्रंप के पूर्व निजी वकील रह चुके हैं, ने कार्यवाहक भूमिका में न्याय विभाग का नेतृत्व करते हुए रिपब्लिकन राष्ट्रपति के एजेंडे को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाया है। व्हाइट हाउस में एक रात्रिभोज के दौरान, ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना गुरुवार को औपचारिक रूप से ब्लैंच को नामित करने की है। यह जानकारी व्हाइट हाउस के एक सहायक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार है।